Cockroach Janta Party

  • काठ की हांडी दोबारा नहीं चढ़ती

    लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और कॉकरोच जनता पार्टी नाम से एक सोशल मीडिया हैंडल स्थापित करके क्रांतिकारी बने अभिजीत दीपके काठ की हांडी दोबारा चढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। वांगचुक और दीपके वैसा ही जादू रचना चाहते हैं, जैसा 2011 में अन्ना हजारे और अरविंद केजरीवाल ने रचा था। लेकिन वैसा मुमकिन होता नहीं दिख रहा है। हालांकि ऐसा नहीं है कि इस समय हालात अनुकूल नहीं हैं। हालात बिल्कुल अनुकूल हैं। इन दोनों ने जो मुद्दा उठाया है वह भी बहुत मौजूं हैं और लोग उस पर उद्वेलित भी हैं। आखिर नीट यूजी की परीक्षा रद्द...

  • दीपके ने किसानों से मांगा समर्थन

    नई दिल्ली। परीक्षा में कथित गड़बड़ियों, नीट पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर युवाओं के नेतृत्व में जारी आंदोलन के दूसरे दिन ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के संस्थापक अभिजीत दीपके ने किसानों से भी समर्थन की अपील की। उन्होंने कहा कि छात्र किसानों के अधिकारों की लड़ाई में हमेशा उनके साथ खड़े रहे हैं और अब उन्हें किसानों की एकजुटता की आवश्यकता है। हालांकि शनिवार को इस विरोध-प्रदर्शन में सैकड़ों युवाओं ने भाग लिया, लेकिन शाम के समय पुलिस ने मौजूद लोगों से स्थल खाली करने को कहा। पुलिस ने बताया कि सभा के...

  • सीजेपी के प्रदर्शन से ताकत का पता चलेगा

    कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी के नाम से तो ऐसा लगता है, जैसे यह एक राजनीतिक दल हो। लेकिन असल में अभी तक यह कोई संगठन भी नहीं है। यह सिर्फ एक सोशल मीडिया अकाउंट है, जिसके अलग अलग प्लेटफॉर्म पर काफी संख्या में समर्थक बन गए हैं। इंस्टाग्राम पर इसके सवा दो करोड़ के करीब समर्थक हैं। चूंकि इंस्टाग्राम युवाओं का प्लेटफॉर्म है इसलिए लग रहा है कि व्यवस्था से परेशान युवाओं का बड़ा समूह इसके साथ जुड़ा हुआ है। निश्चित रूप से यह युवाओं की बेचैनी को दिखाता है। यह दिखाता है कि युवाओं के अंदर निराशा है...

  • जन मानस पर कैसे छा गए कॉकरोच?

    सही वक्त है, जब सरकार को ऐसे तरीके छोड़ कर विरोधियों की बात भी सुननी चाहिए। सोशल मीडिया से हैंडल या पोस्ट हटवाने के तरीके से उसे बाज आना चाहिए। वरना, जिस घुटन और आक्रोश ने कॉकरोचों को अपनी पार्टी बनाने पर मजबूर किया है, वो उनके विरोध को और भी धारदार रूप प्रदान कर सकता है। कॉकरोच विमर्श ने जिस तरह देश के युवाओं के मन को आंदोलित किया, वह जन मानस के एक बड़े हिस्से में बढ़ रही दिमागी खलबली का संकेत है। भारत के प्रधान न्यायाधीश जस्टिस सूर्य कांत की टिप्पणी से (जिस बारे में बाद उन्होंने...

  • हर चीज साजिश क्यों दिखती है?

    भारत में पिछले कुछ वर्षों से हर चीज में साजिश देखने का चलन बहुत बढ़ गया है। कहीं से असहमति की आवाज उठती है या कोई आंदोलन होता है तो उसे तुरंत साजिश बता दिया जाता है। यह तब हो रहा है, जब कथित तौर पर भारत विश्व गुरू हो गया है और कथित तौर पऱ भारत की आवाज दुनिया में ज्यादा सुनी जाने लगी है। असल में सरकार असुरक्षा बोध से इतनी ग्रस्त हो गई है कि उसे हर चीज में साजिश दिख रही है। उसने एक पूरा तंत्र खड़ा कर रखा है, जिसका काम हर प्रतिरोध या असहमति...

  • केवल 1.8 करोड़ ‘कॉकरोच’!

    भला इतने कम ‘कॉकरोच’! बावजूद इसके देसी ऑनलाइन जमात का उछलना! हल्ला कि देखो, पांच दिनों में ही कॉकरोच जनता पार्टी के फॉलोवर भाजपा से अधिक हुए! योगेंद्र यादव ने तपाक से कहा, एक मीम ने देश के भीतर की सुगबुगाहट दिखला दी। वही प्रधानमंत्री मोदी के होश उड़े। केंद्र सरकार की खुफिया एजेंसी आईबी को कॉकरोचों के पीछे लगाया गया। सरकार को चैन तभी हुआ जब कॉकरोच जनता पार्टी के एक्स (ट्विटर) खाते पर ताला लगा। सोचें, भारत सरकार पर। उसे इतना भी ध्यान नहीं कि कॉकरोच कभी खत्म नहीं होते। कहा जाता है परमाणु विस्फोट में भी कॉकरोच...

  • बौद्धिक जमात की बेलगाम उम्मीदें

    कॉकरोच जनता पार्टी को लेकर सरकार की घबराहट दिखी है तो दूसरी ओर भाजपा व नरेंद्र मोदी सरकार का विरोध करने वालों की बेलगाम उम्मीदें दिख रही हैं। पिछले डेढ़ दशक से कई असफल प्रयोग कर चुके योगेंद्र यादव को कॉकरोच जनता पार्टी के नाम से बने एक सोशल मीडिया हैंडल से उम्मीदें बंध गईं हैं। यह एक औपचारिक पार्टी बने या संगठन का रूप ले तब तो कुछ कहा भी जा सकता है लेकिन एक सोशल मीडिया हैंडल, चाहे वह कितना भी लोकप्रिय क्यों न हो जाए, उससे क्या उम्मीद की जा सकती है? इस सोशल मीडिया हैंडल को...

  • तिलचट्टों के पीछे लगी आईबी

    अगर बांग्लादेश और नेपाल की घटना नहीं हुई होती और जेन जी का जुमला नहीं चला होता तो हो सकता है कि सरकार इतनी परेशान नहीं होती। लेकिन पड़ौस में आंदोलन हो चुका है कॉकरोच का आईडिया तुरंत क्लिक हुआ। अमेरिका मे बैठे आम आदमी पार्टी से जुड़े रहे अभिजीत दीपके ने कॉकरोच जनता पार्टी के नाम से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स और इंस्टाग्राम पर अकाउंट बना दिया। निश्चित रूप से मजे मजे में दीपके ने यह काम किया और हिट हो गया। भारत में खाली बैठी कुढ़ती, बिसूरती जमात ने उसको फॉलो करना शुरू किया। सोशल मीडिया में इसके...

  • कॉकरोच और फिर ‘सांप-सपेरा’

    बाहर वर्षों में भारत को लेकर दुनिया ने क्या-क्या ख्याल नहीं बनाए? कभी गाय की राजनीति। कभी लंगूरों की उछलकूद। कभी हाथी की चाल तो कभी छप्पन इंची छाती का शेर। देखो, देखो कौन आया, शेर आया, शेर आया! और शेर ने क्या बनाया? नया राष्ट्रीय प्राणी उभरा! और वह भी कॉकरोच याकि हिंदी में तिलचट्टा। त्रासद है कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की नई डिजिटल आबादी, युवा शक्ति ने खुद को शेर, बाज, चीता, गरुड़, हनुमान, यहां तक कि गधा भी नहीं चुना। चुना तो कॉकरोच चुना। यह हमारा आत्म-व्यंग्य है या चाहे तो आत्म-ज्ञान कहें! प्रधानमंत्री मोदी...

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