काठ की हांडी दोबारा नहीं चढ़ती
लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और कॉकरोच जनता पार्टी नाम से एक सोशल मीडिया हैंडल स्थापित करके क्रांतिकारी बने अभिजीत दीपके काठ की हांडी दोबारा चढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। वांगचुक और दीपके वैसा ही जादू रचना चाहते हैं, जैसा 2011 में अन्ना हजारे और अरविंद केजरीवाल ने रचा था। लेकिन वैसा मुमकिन होता नहीं दिख रहा है। हालांकि ऐसा नहीं है कि इस समय हालात अनुकूल नहीं हैं। हालात बिल्कुल अनुकूल हैं। इन दोनों ने जो मुद्दा उठाया है वह भी बहुत मौजूं हैं और लोग उस पर उद्वेलित भी हैं। आखिर नीट यूजी की परीक्षा रद्द...