अब कॉलेजियम में बन जाएगी सहमति!

क्या अब सुप्रीम कोर्ट की कॉलेजियम में सहमति बन जाएगी? सर्वोच्च अदालत के सम्मानित जज जस्टिस रोहिंटन एफ नरीमन गुरुवार को रिटायर हो गए। सर्वोच्च अदालत और राज्यों की उच्च अदालतों में जजों की नियुक्ति और उनके तबादले का फैसला करने वाली सुप्रीम कोर्ट

जजों की नियुक्ति क्यों रूकी है?

देश के न्यायिक इतिहास में जो कभी नहीं हुआ वह अब हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट के रिटायर चीफ जस्टिस कहीं राज्यपाल बन रहे हैं तो कहीं राज्यसभा में भेजे जा रहे हैं और सुप्रीम कोर्ट में कार्यरत जज सार्वजनिक रूप से राजनीतिक नेतृत्व की तारीफ कर रहे हैं।

नौ जजों को स्थाई करने का प्रस्ताव मंजूर

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने नौ अतिरिक्त न्यायाधीशों को स्थाई न्यायाधीश नियुक्त करने के मद्रास उच्च न्यायालय के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय कॉलेजियम ने बुधवार को न्यायमूर्ति पी टी आशा, न्यायमूर्ति एम निर्मल कुमार, न्यायमूर्ति सुब्रमणनियम प्रसाद, न्यायमूर्ति एन आनंद वेंकटेश, न्यायमूर्ति जी के इलांतीरैयन, न्यायमूर्ति कृष्णन रामासामी, न्यायमूर्ति सी सरवनन, न्यायमूर्ति बी पुगलेन्डी और न्यायमूर्ति संतिलकुमार राममूर्ति को स्थाई न्यायाधीश नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी।

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