Digital Detox

  • परिवारों में सोचा जाए डिजिटल डिटॉक्स

    हर समय नोटिफिकेशन्स, लाइक्स और कमेंट्स आदि की तलाश में हमारा मस्तिष्क डोपामाइन की लगातार खोज में रहता है। इससे चिंता, अवसाद, नींद की समस्या और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता में कमी आती है। ‘डिजिटल डिप्रेशन’ या ‘सोशल मीडिया एंग्जायटी’ अब आम शब्द बन गए हैं। युवा पीढ़ी में आत्म-सम्मान कम होना, दूसरों से तुलना करना और वास्तविक दुनिया से कटाव बढ़ रहा है। अब स्मार्टफोन, सोशल मीडिया, ओटीटी (OTT) और इंटरनेट आदि हमारी जिंदगी का अभिन्न अंग बन चुके हैं। सुबह उठते ही पहला काम स्क्रीन चेक करना, रात सोने से पहले आखिरी काम भी स्क्रीन देखना, यह...

  • डिजिटल डिटॉक्स : तन-मन दोनों के लिए जरूरी स्क्रीन से ब्रेक

    आज के व्यस्त और डिजिटल युग में जहां हर कोई फोन, लैपटॉप और टीवी से लगातार जुड़ा रहता है, वहीं मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए डिजिटल डिटॉक्स की जरूरत पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है।  नेशनल हेल्थ मिशन के अनुसार, लगातार स्क्रीन टाइम आंखों की थकान, सिरदर्द, तनाव और नींद की कमी जैसी समस्याओं को बढ़ावा देता है। गैजेट्स पर बढ़ती निर्भरता से न केवल मन और शरीर दोनों बीमार पड़ते हैं बल्कि रचनात्मकता भी खत्म हो जाती है। ऐसे में खुद के लिए समय निकालकर डिजिटल ब्रेक लेना न सिर्फ जरूरी, बल्कि स्वास्थ्य के...