Online Class के दौरान ही करने लगा अश्लील हरकत, टिचर के चिल्लाने पर …

विश्वभर में कोरोना का कारण शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई है. अचानक से विश्व के विद्यार्थियों के सामने ये बड़े परेशानी बनकर सामने आई है. इन Online Classes के दौरान कई बार ऐसे मामले भी सामने आए हैं जो अपने आ

UGC ने जारी की गाइडलाइन, 30 सितंबर तक एडमिशन और 1 अक्टूबर से नया सेशन

नई दिल्ली | UGC guidelines released Now : कोरोना काल में अगर सबसे ज्यादा किसी चीज पर असर पड़ा है तो वो है शिक्षा व्यवस्था. देश में पिछले 2 सालों से कोरोना महामारी के कारण शिक्षा व्यवस्था ठप पड़ी है. स्कूलों में लगे ताले को जैसे खुले ही नहीं है. वहींं कॉलेजों में पहली लहर के बाद उम्मीद जगते हुए कॉलोजों को जरूर खोला गया था लेकिन दूसरी लहर के आने के साथ ही एक बार फिर से सबकुछ बंद हो गया. कोरोना की दूसरी लहर के कमजोर पड़ने के बाद अब एक बार फिर से सबकुछ सामान्य होने की उम्मीद की जा रही है. ऐसे में अब यूनिवर्सिटी ग्रांड कमीशन ( UGC ) की भी गाइडलाइन आ गई है. इस गाइडलाइन में 1 अक्टूबर से कॉलेजों में नया सेशन शुरू करने को कहा गया है. कोरोना के मद्देनज़र विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों की परीक्षाओं और शैक्षणिक कैलेंडर पर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। pic.twitter.com/9yro0aHvxq — ANI_HindiNews (@AHindinews) July 17, 2021 30 सितंबर तक एडमिशन का काम करना होगा खत्म UGC guidelines released Now : कोरोना महामारी और लॉकडाउन के कारण इस साल भी एकेडमिक सेशन लेट हो गया है. देशभर के कई कॉलेजों में परीक्षाएं तक… Continue reading UGC ने जारी की गाइडलाइन, 30 सितंबर तक एडमिशन और 1 अक्टूबर से नया सेशन

वे निष्काम कर्मी और हम?

नए दशक की सीरिज में आज मुझे दुनिया की संभावनाओं पर लिखना था लेकिन कल नए दशक की भारत संभावनाओं पर लिखते हुए मैं ‘निष्काम कर्म’ शब्द पर ठिठका। इसके मायने में भारत की दशा पर सोचने लगा।एक निष्कर्ष बनता है। पर आगे बढ़ें उससे पहले जाने कि‘निष्काम कर्म’श्रीमद्भगवद्गीता में श्री कृष्ण द्वारा अर्जुन को सुनाया यह जीवन सूत्र है- अनाश्रितः कर्मफलं कार्यं कर्म करोति यः। स संन्यासी च योगी च न निरग्निर्न चाक्रियः। मतलब कर्म के फल का आश्रय न लेकर जो कर्म करता है, वह संन्यासी भी है और योगी भी। वह नहीं जो अग्निहीन है, न वह जो अक्रिय है। मतलब निष्काम कर्म से सधता है जीवन और जीवन जीने का शिखर। ऐसा तब संभव है जब व्यक्ति बंधा हुआ न हो। व्यक्ति और देश की सामूहिक बुद्धि सत्य, ज्ञान की खोज में निष्काम कर्म करने की मुक्त स्थितियां लिए हुए हो। बंधा होना, गुलामया स्थितियों में कंडीशंड होना मतलब चिंता, भय, लोभ, चापलूसी, कामना, वासना के भावों में व्यवहार का, कर्म का संचालित होना न हो। मतलब फल-परिणाम सोचते हुए, उसमें बंध कर काम (सकाम मतलब निष्काम कर्मका विलोम) नहीं करना। गीता के अनुसार निष्काम भाव काम हुआ तो अल्प कर्म भी ज्ञान का, सिद्धि का,… Continue reading वे निष्काम कर्मी और हम?

पूरे देश में शिक्षा प्रणाली एक जैसी हो: योगी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे देश में एक जैसी शिक्षा प्रणाली की वकालत करते हुये कहा कि इससे समानता आयेगी।

कोविंद ने किया उच्च शिक्षा को विकसित करने का आह्वान

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने देश की शिक्षा व्यवस्था को 21वीं सदी के अनुरूप बनाने के लिए उच्च शिक्षा को नए सिरे से विकसित करने तथा भारत को शोध एवं अनुसंधान के क्षेत्र में विश्व का केंद्र बनाने का आह्वान किया है।

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