बेमतलब की होड़ है
प्रगति का एकमात्र सार्थक पैमाना लोगों के जीवन स्तर में सुधार है। साफ हवा, पानी, पर्याप्त भोजन, वस्त्र, आवास, शिक्षा और चिकित्सा मुहैया कराने के लिहाज से अर्थव्यवस्था का आकार महत्त्वपूर्ण है, लेकिन यह निर्णायक पहलू नहीं है। सकल घरेलू उत्पाद के लिहाज से भारत उदय के कथानक को फिर झटका लगा है। चौथे स्थान पर पहुंचने के बाद भारत अब फिसल कर छठे नंबर पर जा गिरा है। जब भारत ने जीडीपी मापने की नई शृंखला अपनाई, तो उसके तहत हुई गणना में वह जापान से पिछड़ कर पांचवें नंबर पर दर्ज हुआ। अब अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के 2025...