उच्च बनाम सर्वोच्च

धार्मिक स्वतंत्रता के मामले में दिए गुजरात हाई कोर्ट के आदेश का अंतिम हश्र क्या होगा, अभी कहना कठिन है।

Hard to Believe: HC ने मध्य प्रदेश सरकार के जवाब पर आश्चर्य व्यक्त किया कि ऑक्सीजन की कमी के कारण कोई मौत नहीं हुई

मध्य प्रदेश सरकार के इस जवाब पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कि कोविड -19 की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी से किसी की मृत्यु नहीं हुई।

हाईकोर्ट ने दी जमानत, कहा- 15 साल से अधिक उम्र की पत्नी के साथ शारीरिक संबंध को दुष्कर्म नहीं कह सकते…

कोर्ट ने कहा कि 15 साल से अधिक आयु की पत्नी के साथ प्लान बनाने को दुष्कर्म नहीं कहा जा सकता. इन तर्कों के साथ इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपनी नाबालिग पत्नी को दहेज के लिए प्रताड़ित करने और अप्राकृतिक यौन संबंध

दूसरी शादी के बाद सीधे थाने पहुंचा पति, फिर भी पहली पत्नी के ‘प्रकोप’ से नहीं बचा सकी पुलिस

सीधे थाने पहुंचने के बाद भी पुलिस व्यक्ति को सेफ नहीं कर सकी और पहली पत्नी ने आकर उसकी जमकर धुनाई कर दी

बंगाल सरकार को हाई कोर्ट की फटकार

high court reprimanded bengal Government : कोलकाता। पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजों के बाद हुई हिंसा को लेकर कलकत्ता हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को तीखी फटकार ( high court reprimanded bengal ) लगाई है। हाई कोर्ट ने दो टूक अंदाज में कहा है कि चुनाव के बाद हुई हिंसा को राज्य सरकार नकारती है, जो कि गलत है। उच्च अदालत ने पुलिस को निर्देश देते हुए कहा कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और दूसरे आयोगों में जितनी शिकायतें दर्ज हुई हैं उन सबकी एफआईआर दर्ज की जाए। कलकत्ता हाई कोर्ट ने शुक्रवार को माना कि बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद हिंसा हुई थी। अदालत ने ममता सरकार को गलत ठहराते हुए कहा कि जब लोग मारे जा रहे थे और नाबालिगों से रेप हो रहा था तो सरकार इसे नकार रही थी और वह गलत थी। हाई कोर्ट ने कहा कि हिंसा का खामियाजा भुगतने वाले लोगों के बीच बंगाल सरकार विश्वास का माहौल बनाने में नाकाम रही है। उड्डयन मंत्री सिंधिया ने पदभार ग्रहण करते ही दी 8 नई उड़ानों की सौगात, मंत्री बनते ही होने लगी बरनोल की राजनीति हिंसा के दौरान बंगाल छोड़ने को मजबूर हुए लोगों ने शिकायत की थीं। इसके बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग… Continue reading बंगाल सरकार को हाई कोर्ट की फटकार

2 युवतियों के जबरन धर्मांतरण और शादी के खिलाफ भड़का सिख समाज, कहा-मौलाना और मुफ्ती चुप क्यों हैं ?

लखनऊ | Kashmir case conversion Issue : उत्तर प्रदेश में अभी धर्मांतरण का मामला ठीक से सुलझा भी नहीं है और अब श्रीनगर में यह मामला तूल पकड़ चुका है. जानकारी के अनुसार कश्मीर में रहने वाली 2 लड़कियों का जबर्दस्ती धर्म परिवर्तन कर निकाह कर दिया गया. आरोप है कि कश्मीर में आए दिन इस तरह के मामले बढ़ते जा रहे हैं. प्रदर्शन करने वाले सिख समुदाय के लोगों का कहना है कि कभी बहला-फुसलाकर तो कभी दबाव बनाकर लड़कियों का धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है. यहां बता दें कि लड़कियों का पक्ष अभी तक सामने नहीं आया है हालांकि हाई कोर्ट द्वारा उन्हें सुरक्षा मुहैया करवा दी गई है. आज मौलाना और मुफ्ती चुप क्यों हैं Kashmir case conversion Issue : आरोप है कि 2 युवतियों को गन पॉइंट पर अगवा कर लिया गया. इसके बाद जबरदस्ती उनका तो मुस्लिम युवकों से निकाह पढ़ा दिया गया. जब मामले ने तूल पकड़ा और मामला हाईकोर्ट गया तो हाई कोर्ट में मां-बाप को अंदर तक जाने नहीं दिया गया. सिख समुदाय का कहना है कि जब प्रदर्शन पड़ गया तब रात के 10:30 बजे एक युवती को कोर्ट से बाहर भेज दिया गया. सिख समुदाय का कहना है कि… Continue reading 2 युवतियों के जबरन धर्मांतरण और शादी के खिलाफ भड़का सिख समाज, कहा-मौलाना और मुफ्ती चुप क्यों हैं ?

chardham yatra banned : राज्य सरकार और हाइकोर्ट की तनातनी के बाद उत्तराखंड हाइकोर्ट ने चारधाम यात्रा को किया रद्द

देहरादून |  उत्तराखंड में चारधाम यात्रा पर निर्णय लेने का सिलसिला लंबे समय से चल रहा है। कभी सरकार हामी भरती है तो हाइकोर्ट रोक लगा देती है। लेकिन आखिरकार चारधाम यात्रा पर निर्णय लिया जा चुका है। तीरथ सरकार ने चारधाम यात्रा को 1 जुलाई 2021 से जिलास्तर पर खोलने का निर्णय लिया था उस फैसले पर उत्तराखंड हाइकोर्ट (Chardham Yatra banned )  ने रोक लगाई है। तीरथ सिंह रावत वाली सरकार ने कुछ समय पहले कहा था कि चारधाम यात्रा को चमोली, रूद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जिलों के निवासियों के लिए शुरु की जा रही है। वह भी कोरोना की नेगेटिव रिपोर्ट के साथ। also read: चारधाम यात्रा को लेकर फिर बना संशय, उत्तराखंड हाइकोर्ट ने कहा- एक बार फिर विचार की जरूरत.. राज्य सरकार लाइव दर्शन की व्यवस्था करें इसके अलावा उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्‍य सरकार की आधी अधूरी जानकारी को लेकर भी नाराजगी जताई है। यही नहीं, उतराखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि वह श्रद्धालुओं ( Chardham Yatra banned ) के लिए चारधाम के लाइव दर्शन करने की व्यवस्था करे। वहीं, इस मामले की सुनवाई की अगली तारीख को लाइव दर्शन के इतंजाम पर रिपोर्ट देने का आदेश दिया है। कुछ भक्तों की यह… Continue reading chardham yatra banned : राज्य सरकार और हाइकोर्ट की तनातनी के बाद उत्तराखंड हाइकोर्ट ने चारधाम यात्रा को किया रद्द

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा- नाबालिग पति को नहीं कर सकते बालिग पत्नी के हवाले, ये अपराध है…

इलाहाबाद | हाईकोर्ट में एक याचिका पर सुनवाई करते हुए अहम फैसला लिया. हाईकोर्ट ने कहा कि अगर पति नाबालिग हो तो भी वह भी बालिग पत्नी के साथ नहीं रह सकता. कोर्ट ने  कहा कि नाबालिग पति को उसकी बालिक पत्नी को सौपना पॉक्सो एक्ट के तहत एक अपराध माना जाना चाहिए. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब तक लड़का बालिक नहीं हो जाता तब तक वह आश्रय स्थल पर ही रहेगा. बता दें कि कोर्ट में यह निर्देश एक मां के द्वारा दायर की गई याचिका पर दिए हैं. मां ने बेटे की कस्टडी के लिए दायर की थी याचिका युवक की मां ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर उसकी रक्षा मांगी थी. लेकिन लड़के ने अपनी मां के साथ रहने से साफ इनकार कर दिया था. युवक का कहना था कि वह अपनी मां के साथ नहीं रहना चाहता और वह अपनी पत्नी के साथ ही रहना चाहता है. लड़के की उम्र अभी 16 साल है और वह 4 फरवरी 200 को 18 साल का होगा. इस याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दोनों की शादी को निरस्त करा कर दिया और कोर्ट ने कहा कि नाबालिग पति को बालिग पत्नी के हाथों नहीं सौंपा… Continue reading इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा- नाबालिग पति को नहीं कर सकते बालिग पत्नी के हवाले, ये अपराध है…

जजों की नियुक्ति क्यों नहीं हो रही?

यह बड़ा भारी रहस्य है कि आखिर उच्च न्यायपालिका में रिटायर होते जा रहे जजों की जगह नए जजों की नियुक्ति क्यों नहीं हो रही है? सुप्रीम कोर्ट से लेकर राज्यों के हाई कोर्ट तक जज रिटायर हो रहे हैं। कई उच्च अदालतों में तो 50 फीसदी से ज्यादा पद खाली पड़े हैं लेकिन उनको भरा नहीं जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट में भी आधा दर्जन वैकेंसी हो गई। यह हैरानी की बात है कि सुप्रीम कोर्ट के पिछले चीफ जस्टिस एसए बोबडे के पूरे कार्यकाल में कॉलेजियम ने उच्चतम न्यायालय में नियुक्ति की एक सिफारिश नहीं की। उनको रिटायर हुए भी एक महीने से ज्यादा हो गए लेकिन नई नियुक्ति की सिफारिश नहीं हो रही है। सुप्रीम कोर्ट में खैर नियुक्ति हो जाएगी लेकिन राज्यों की उच्च अदालतों के हाल ज्यादा खराब हैं। यह भी पढ़ें: भाजपा के अंतर्कलहः न चर्चा, न खबर! राष्ट्रीय औसत के हिसाब से देखें तो देश की उच्च अदालतों में 40 फीसदी पद खाली हैं। लेकिन कई राज्यों में 60 फीसदी से ज्यादा पद खाली हैं। मिसाल के तौर पर बिहार को देखा जा सकता है। बिहार केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद का गृह प्रदेश है और वहां हाई कोर्ट में सिर्फ 20 जज… Continue reading जजों की नियुक्ति क्यों नहीं हो रही?

अदार पूनावाला को सुरक्षा दे लेने से मुंबई हाई कोर्ट का इनकार, जानें क्या कहा

मुंबई । मुंबई की उच्च न्यायालय ने आज सिरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला की सुरक्षा की मांग वाली याचिका खारिज कर दी. बता दें कि कुछ दिनों पहले ही पूनावाला ने खुलासा किया था कि उन्हें धमकी भरे फोन आ रहे हैं जिसके बाद कोर्ट में सुरक्षा मांगी गई थी. मुंबई हाई कोर्ट के जज न्यायमूर्ति एसएस शिंदे की खंडपीठ ने सुरक्षा की मांग वाली याचिका को खारिज करते हुए कहा कि आप किसी और के लिए सुरक्षा मांग रहे हैं, लेकिन यदि वह कहेंगे कि उन्हें सुरक्षा नहीं चाहिए. तो आप की याचिका कैसे मान्य हो सकती है. कोर्ट ने कहा कि हमने पहले भी इस पर सुनवाई की थी उस दौरान राज्य ने भी जरूर कदम उठाए होंगे. कोर्ट ने कहा कि हम ऐसे याचिकाओं पर विचार नहीं कर सकते. महाराष्ट्र सरकार ने भी रखा पक्ष महाराष्ट्र सरकार की ओर से तो छिड़क रहे वकील ने कहा कि जब अदार पूनावाला राज्य में रहकर सुरक्षा की मांग करेंगे तो उन्हें तुरंत सुरक्षा दे दी जाएगी. यहां बता दे कि सेंड सरकार के आदेश के अनुसार पूनावाला को CRPF की ओर से Y केटेगरी की सुरक्षा दी जाने की बात सामने आई थी. इस सुरक्षा घेरे… Continue reading अदार पूनावाला को सुरक्षा दे लेने से मुंबई हाई कोर्ट का इनकार, जानें क्या कहा

Twitter और भारत सरकार के बीच जारी है चूहे- बिल्ली की लड़ाई, अब मोहन भागवत के एकाउंट में भी लौटा ‘ ब्लू टिक’

नई दिल्ली | भारत सरकार और ट्वीटर के बीच चूहा- बिल्ली वाली लड़ाई देखने को मिल रही है. दोनों के बीच का यह भी बात खत्म होने की जगह दिन पर दिन बढ़ता ही जा रहा है. ताजा जानकारी के अनुसार अब ट्विटर की ओर से एक बार फिर RSS प्रमुख मोहन भागवत के अकाउंट पर दोबारा ब्लू टिक की वापसी कर दी गई है. बता दें कि यह ब्लू टिक विवाद उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू के अकाउंट से शुरू हुआ था. जिसके बाद आज ट्विटर ने एक बार फिर से उपराष्ट्रपति के ट्विटर अकाउंट पर ब्लू टिक वापस लगा दिया था. इस संबंध में ट्विटर की ओर से सफाई दी गई थी कि बहुत दिन से प्रयोग में नहीं लिए जा रहे हैं अकाउंट से ब्लू टिक हटाए जा रहे हैं. केंद्र ने दी ट्विटर को अंतिम चेतावनी केंद्र सरकार और ट्विटर के बीच लगातार चल रहे विवाद की बात करें तो भारत सरकार ने अब ट्विटर को अंतिम चेतावनी दे दी है. सरकार की ओर से कहा गया है कि टि्वटर को नए नियमों को समय रहते हुए लागू किया जाना चाहिए या फिर सख्त कार्रवाई के लिए तैयार होना चाहिए. बता दें कि भारत सरकार के द्वारा लगातार… Continue reading Twitter और भारत सरकार के बीच जारी है चूहे- बिल्ली की लड़ाई, अब मोहन भागवत के एकाउंट में भी लौटा ‘ ब्लू टिक’

5G टेक्नोलॉजी के खिलाफ जूही चावला की याचिका पर कोर्ट में हो रही थी सुनवाई और अचानक गूंजने लगा- घूंघट की आड़ में दिलवर का…

मुंबई | 5G टेक्नोलॉजी के खिलाफ जूही चावला ने याचिका दायर की है जिसकी पहली सुनवाई आज बुधवार को हाईकोर्ट में हुई. जूही चावला के वकील की पूरी बात सुनने के बाद हाईकोर्ट ने मामले पर फैसला सुरक्षित रख लिया. इसके साथ हाईकोर्ट ने पूछा कि क्या   आप ने कोर्ट आने से पहले इस मामले को लेकर केंद्र सरकार या राज्य सरकार से बात की थी. लेकिन कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा हो रही सुनवाई के दौरान एक अजीबोगरीब वाकया देखने को मिला. जानकारी के अनुसार कोर्ट में मौजूद कोई व्यक्ति सुनवाई के दौरान जूही चावला पर फिल्माया गया गाना- घूंघट की आड़ में दिलवर का…. गुनगुना रहा था. हाईकोर्ट ने दिए शख्स की पहचान के आदेश अनजान व्यक्ति के बार-बार गाना गुनगुनाए जाने से कोर्ट की कार्यवाही भी थोड़ी देर के लिए बाधित हुई. सुनवाई के दौरान गाना गाने के क्रम में कोर्ट ने कई बार इसे बंद करने के लिए कहा लेकिन अनजान व्यक्ति गाना गुनगुनाता रहा. इसके बाद कोर्ट में थोड़ी देर के लिए शांति(mute) कर दी गई ताकि उस अनजान व्यक्ति की पहचान हो सके लेकिन उसकी पहचान तो नहीं की जा सके, लेकिन उसके बाद कार्रवाई लगातार आगे बढ़ती रही. इस प्रकरण पर कोर्ट… Continue reading 5G टेक्नोलॉजी के खिलाफ जूही चावला की याचिका पर कोर्ट में हो रही थी सुनवाई और अचानक गूंजने लगा- घूंघट की आड़ में दिलवर का…

5G टेक्नोलॉजी के खिलाफ कोर्ट पहुंची एक्ट्रेस जूही चावला,कहा- हानिकारक प्रभावों पर भी होनी चाहिए थी चर्चा

मुंबई । भारत में 5G को लेकर चर्चा जोरों पर है. देश की कई बड़ी टेलीकॉम कंपनियों के साथ हैं नौजवान साथी भी 5G का उपयोग करने के लिए काफी उत्साहित हैं. लेकिन बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री जूही चावला लंबे समय से 5G के हानिकारक प्रभाव का विश्लेषण किए बिना इसे लागू करने पर चिंता जता रही हैं. अब जब 5G देश के बाजारों में आने वाला है उससे ठीक पहले जूही चावला ने इस मामले को अदालत में रखा है. जूही ने भारत में 5G टेक्नोलॉजी को लागू करने के खिलाफ मुंबई की हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की है. मिल रही जानकारी के अनुसार जूही चावला ने कहा है कि क्या भारत में 5G लॉन्च करने की सारी तैयारियां हो चुकी है. जूही ने कहा है कि अगर सारी तैयारियां हो चुकी है तो क्या 5G से होने वाले हानिकारक प्रभावों पर भी चर्चा कर ली गई है. यह है जूही चावला की चिंता का कारण दरअसल, 5जी की लॉन्चिंग को लेकर जूही चावला इसलिए परेशान है क्योंकि उनका मानना है कि 5G के कारण radio-frequency और ज्यादा बढ़ाई जाएगी. जूही चावला का मानना है कि इससे संभावित हानिकारक प्रभाव हो सकते हैं. जूही का कहना है कि… Continue reading 5G टेक्नोलॉजी के खिलाफ कोर्ट पहुंची एक्ट्रेस जूही चावला,कहा- हानिकारक प्रभावों पर भी होनी चाहिए थी चर्चा

ज्यादा शवदाह गृह के लिए याचिका

देश में अब तक सुप्रीम कोर्ट और उच्च अदालतों में रचनात्मक और सकारात्मक जरूरत की चीजों के लिए जनहित याचिका दायर की जाती थी। स्कूल-कॉलेज और अस्पताल बनाने के साथ साथ सूचना के अधिकार और शिक्षा के अधिकार का मामला अदालत में सुना जाता था। यह भी पढ़ें: पंजाब में क्या कैप्टेन समझेंगे? पहली बार ऐसा हुआ है कि ज्यादा शवदाह गृह बनाने के लिए जनहित याचिका दिल्ली हाई कोर्ट में दायर की गई है। एक व्यक्ति ने दिल्ली में श्मशान गृहों में लगने वाली कतारों का हवाला देते हुए दिल्ली हाई कोर्ट से कहा है कि दिल्ली में बिजली से या सीएनजी से चलने वाले नए शवदाह गृह बनवाने का आदेश दिया जाए। यह भी पढ़ें: सीएए के नियम क्यों नहीं बना रही सरकार? दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस डीएन पटेल और जस्टिस ज्योति सिंह की बेंच ने इस जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया है। ध्यान रहे उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक रैली में सवालिया लहजे में कहा था कि कब्रिस्तान बन रहा है तो श्मशान बनना चाहिए या नहीं। उन्होंने सरकारी खर्च से श्मशान बनाने का वादा किया था।… Continue reading ज्यादा शवदाह गृह के लिए याचिका

हाइकोर्ट ने सख्त लहजे में पूछा – अमित शाह पर क्यों नहीं हुई FIR

New Delhi: देश में कोरोना की दूसरी नहर के कारण जो भी स्थिति बनी उसका कारण कहीं ना कहीं भारत की राजनीतिक पार्टियों की महत्वकांक्षी भी थी. देश के जिन भी 5 राज्यों में चुनाव संपन्न कराए गए उन सभी में कोरोना के आंकड़ों में जबरदस्त उछाल पाया गया था. कर्नाटक हाईकोर्ट में चुनाव प्रचार के दौरान आयोजित की गई एक रैली के दौरान कोरोना गाइडलाइन की धज्जियां उड़ाने पर सुनवाई चल रही थी. सुनवाई के दौरान कर्नाटक हाईकोर्ट में पुलिस कमिश्नर से पूछा है कि जब रैलियों में गाइडलाइन की धज्जियां उड़ाई जा रही थी तो रैलियों में शामिल नेताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज क्यों नहीं की गई. हाईकोर्ट ने पूछा कि अमित शाह के ऊपर प्राथमिकी क्यों नहीं दर्ज की गई. क्या है मामला 17 जनवरी को कर्नाटक के बेलागावी गांव में गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में एक रैली का आयोजन किया गया था. रैली में भाजपा के बड़े नेताओं के साथ हैं कई लोगों की भीड़ शामिल हुई थी. इस दौरान कोरोना की गाइड लाइन की भी जमकर धज्जियां उड़ाई गई थी. बाद में इस पूरे प्रकरण को लेकर लेट्जकिट फाउंडेशन ने हाई कोर्ट में एक याचिका दाखिल की थी जिस पर अब कर्नाटक हाई… Continue reading हाइकोर्ट ने सख्त लहजे में पूछा – अमित शाह पर क्यों नहीं हुई FIR

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