बेंगलुरू। नाबालिग से यौन शोषण के आरोप मामले में कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा को हाई कोर्ट से राहत मिल गई है। उनकी गिरफ्तारी को अगली सुनवाई तक रोक दिया गया है। कर्नाटक हाई कोर्ट ने कहा है कि येदियुरप्पा को 17 जून को सीआईडी के सामने हाजिर होना पड़ेगा। तब तक उन्हें गिरफ्तार और हिरासत में नहीं लिया जा सकेगा। येदियुरप्पा के वकील अंदीप सी पाटिल ने कहा कि मामले की जांच कर रहीं एजेंसियों की गलत कार्रवाई के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी।
इस पर सुनवाई करते हुए शुक्रवार को हाई कोर्ट ने कहा कि येदियुरप्पा पूर्व मुख्यमंत्री हैं, उनकी उम्र और मामले की जांच में उनके व्यवहार को ध्यान में रखते हुए यह ऐसा मामला नहीं है, जहां जांचकर्ता को कोर्ट जाकर वारंट लेना चाहिए था। येदियुरप्पा के वकील ने बताया कि कोर्ट ने कहा है कि किसी भी तरह की गिरफ्तारी नहीं होनी चाहिए, क्योंकि येदियुरप्पा सहयोग कर रहे हैं। इसलिए इस तरह के किसी भी वारंट या अन्य को रोक दिया जाता है और जांचकर्ता अब से कोई भी कदम नहीं उठा सकते हैं।
येदियुरप्पा ने पहले ही एक चिट्ठी लिखी है, जिसमें 17 जून को पेश होने की बात कही है। पूरी संभावना है कि वे 17 जून को सीआईडी के सामने पेश होंगे। गौरतलब है कि उनके खिलाफ एक एफआईआर दायर की गई है, जिसमें कहा गया है कि पीड़ित लड़की उसके साथ हुए यौन उत्पीड़न के एक अन्य मामले में येदियुरप्पा से मदद मांगने बेंगलुरु में उनके घर गई थी। तभी येदियुरप्पा ने उसका यौन उत्पीड़न किया। जब पीड़ित कमरे से बाहर भागी तो उसने अपनी मां से कथित छेड़छाड़ के बारे में बताया। पीड़ित की मां की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई। पीड़िता की मां का पिछले दिनों लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया।
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