ओवैसी की मोदी-मुहम्मद तुलना
ओवैसी ने अभी 6 अक्तूबर को बहादुरगंज की एक सभा में पूछा: “अगर हम ‘आई लव मुहम्मद’ का पोस्टर लेकर चलें तो उसमें अवैध क्या है?" इस का उत्तर है कि तसलीमा का कथन “जब तक इस्लाम रहेगा, आतंकवाद रहेगा” का पोस्टर लेकर चलना भी उतना ही वैध है। यानी, मुहम्मद की आलोचना उतना ही वैध है जितना मुहम्मद से मुहब्बत करना। दोनों अधिकार समान धरातल पर हैं। एक ही सिक्के के दो पहलू।...जैसा तसलीमा ने कहा: “कोई व्यक्ति आलोचना से ऊपर नहीं — न कोई मनुष्य, न कोई संत, न कोई मसीहा, न कोई प्रोफेट, न कोई गॉड। संसार...