I Love Mohammad

  • ओवैसी की मोदी-मुहम्मद तुलना

    ओवैसी ने अभी 6 अक्तूबर को बहादुरगंज की एक सभा में पूछा: “अगर हम ‘आई लव मुहम्मद’ का पोस्टर लेकर चलें तो उसमें अवैध क्या है?" इस का उत्तर‌ है कि तसलीमा का कथन “जब तक इस्लाम रहेगा, आतंकवाद रहेगा” का पोस्टर लेकर चलना भी उतना ही वैध है। यानी, मुहम्मद की आलोचना उतना ही वैध है जितना मुहम्मद से मुहब्बत करना। दोनों अधिकार समान धरातल पर हैं। एक ही सिक्के के दो पहलू।...जैसा तसलीमा ने कहा: “कोई व्यक्ति आलोचना से ऊपर नहीं — न कोई मनुष्य, न कोई संत, न कोई मसीहा, न कोई प्रोफेट, न कोई गॉड। संसार...

  • योगी का ‘हम और वे’ का नैरेटिव

    उत्तर प्रदेश में अचानक ‘आई लव मोहम्मद’ का अभियान कैसे शुरू हुआ? शुरू हुआ भी तो कोई 20 दिन के बाद नवरात्रों में अचानक बरेली में लोगों को इकट्ठा करने का फैसला कैसे हुआ और हिंसा कैसे भड़की? उसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जो भाषण दिया क्या उसे लिखने के लिए बॉलीवुड का कोई डायलॉग राइटर इस्तेमाल किया गया? ये सवाल इसलिए हैं क्योंकि पूरे घटनाक्रम को लेकर उत्तर प्रदेश में सवाल उठ रहे हैं। कई पत्रकार और सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर्स इस पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि यह सब एक लिखित पटकथा के हिसाब से...