अमेरिकी राजनीति में झटके

अमेरिका में अजीब और अभूतपूर्व घटनाएं हो रही हैं। देश विश्वास के एक अभूतपूर्व संकट से गुजर रहा है। इसकी मिसाल राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन के दौरान देखने को मिली। उस समय जैसी कड़वाहट देखी गई, वैसा हालिया इतिहास में कभी नहीं हुआ था। बात यहां तक पहुंची कि हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव की स्पीकर नैंसी पैलोसी ने सदन के अंदर ही ट्रंप के भाषण की कॉपी फाड़ दी। डेमोक्रेटिक पार्टी का आरोप है कि ट्रंप का भाषण झूठ और भड़काऊ बातों से भरा पड़ा था। मगर डेमोक्रेटिक पार्टी खुद बड़े उथल-पुथल से गुजर रही है। राष्ट्रपति चुनाव के लिए उम्मीदवार चुनने की उसकी प्रक्रिया अपने पहले ही मुकाम पर एक बड़े विवाद में फंस गई। गौरतलब है कि अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। नवंबर 2020 में राष्ट्रपति चुनाव होने हैं। वर्तमान राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ही एक बार फिर रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार होंगे। उन्हें टक्कर देने के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी में उम्मीदवार की चयन प्रक्रिया शुरू हुई है। मगर आयोवा राज्य में डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रपति उम्मीदवार के चयन के लिए शुरू हुए पहले चरण के मतदान के नतीजे जारी करने में देरी हुई। डेमोक्रेटिक पार्टी ने एक बयान जारी… Continue reading अमेरिकी राजनीति में झटके

ट्रम्प महाभियोग के आरोपों से बरी

सीनेट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को महाभियोग के दोनों आरोपों से बरी कर दिया और इसके साथ ही मामले में यह ऐतिहासिक ट्रायल समाप्त हो गया।

ट्रंप महाभियोग के सभी आरोपों से बरी

अमेरिकी सीनेट ने देश के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पद के दुरुपयोग और कांग्रेस (संसद) की कार्रवाई बाधित करने के आरोपों से बुधवार को बरी कर दिया।

बेफिक्र ट्रंप और दबंग लोकतंत्र!

अमेरिकी लोकतंत्र का जवाब नहीं है। कल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संसद में सालाना अभिभाषण दिया। वहां की यह रस्म कुछ वैसी ही है जैसे भारत में नए वर्ष के पहले संसदीय सत्र की साझा बैठक में राष्ट्रपति के अभिभाषण की है। हमने भी हाल में अपनी संसद के साझा सत्र में राष्ट्रपति का अभिभाषण सुना। उस नाते राष्ट्रपति कोविंद के मुंह से सरकार के काम और डोनाल्ड ट्रंप की जुबानी अमेरिकी प्रशासन की प्राथमिकताओं-काम की तुलना करने बैठेंगे तो कोई तुलना नहीं बनेगी। मगर लोकतंत्र का फर्क तो खुलता है। भारत और अमेरिका दोनों आज वैचारिक मतभिन्नता, राजनीतिक टकराव के दौर में है। वहां की संसद ने झूठ, पद के दुरूपयोग आदि पर डोनाल्ड ट्रंप को महाभियोग से दागी राष्ट्रपति करार दिया हुआ है बावजूद इसके संसदीय व्यवहार में उनके अभिभाषण को सभी ने शांति से सुना। डोनाल्ड ट्रंप का भाषण खत्म हुआ तो उनके पीछे बैठीं संसद की स्पीकर ने राष्ट्रपति के भाषण की प्रति फाड़ अपनी असहमति जताई। ट्रंप के रिपब्लिकन पार्टी के सांसदों ने जहां भरपूर तालियां बजाईं वहीं डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद असहमति में मौन बैठे रहे। ध्यान रहे आज शायद विधायिका में ट्रंप के खिलाफ लोकसभा से पास हुए महाभियोग फैसले पर सीनेट में… Continue reading बेफिक्र ट्रंप और दबंग लोकतंत्र!

ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की अंतिम सुनवाई के लिए बहस शुरू

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की कार्रवाई के लिए अंतिम बहस सोमवार को शुरू हो गई, जिसमें उनके बरी हो जाने की उम्मीद है।

ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की सुनवाई सीनेट में आरोप-प्रत्यारोप के बीच शुरू

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ ऐतिहासिक महाभियोग की सुनवाई मंगलवार को सीनेट में सत्तारूढ़ रिपब्लिकन पार्टी के सांसदों और विपक्षी डेमोक्रेट सदस्यों में आरोप-प्रत्यारोप के बीच शुरू हुई।

सीनेट में चलेगा अब महाभियोग

अमेरिका के इतिहास में ऐसा तीन बार हुआ है जब सीनेट चैंबर उच्चतम न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट की अध्यक्षता में महाभियोग की अदालत में तब्दील हो गया।

ट्रंप के होने, न होने से अपना क्या?

एक बहुत पुरानी कहावत है कि ‘कोई नृप होय हमें का हानि’। इसे इस तरह से जाना जा सकता है कि कोऊ नृप होय हमें क्या लाभ। खासतौर पर तब जबकि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ की जा रही कार्रवाई का मामला आता है तब आम भारतीय के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक हो जाता है कि अगर वे हटा भी दिए गए या बच गए तो हम पर इसका क्या असर पड़ेगा। खासतौर पर तब जबकि उनके खिलाफ लाया गया महाभियोग का प्रस्ताव संसद से निकले सदन हाऊस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में पास हो चुका है। कुल मिलाकर देखा जाए तो ट्रंप भारत के लिए कोई ज्यादा भाग्यशाली नहीं साबित हुए हैं। वे भारत समेत दुनिया के कुछ देशों के वैज्ञानिको को अपने यहां आने के लिए दिए जाने वाले एच-1 वीजा में और कटौती की कोशिश कर रहे हैं। वे इससे पहले सूचना तकनीक की कंपनियों जैसे इंफोसिस समेत ज्यादा आवेदनकर्ता कंपनियों को अमेरिका जाकर काम करने वले भारतीयो को वीजा दिए जाने में कटौती कर चुके हैं। ट्रंप के हटने के बाद अगर नया अमेरिकी प्रशासन इस सख्त रवैए में थोड़ा लचीलापन लाता है तो भारतीयो को इसका लाभ ही पहुंचेगा।अर्थव्यवस्था की दृष्टि से देखे… Continue reading ट्रंप के होने, न होने से अपना क्या?

ट्रंप-विरोधी नौटंकी

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ऐसे तीसरे राष्ट्रपति हैं, जिन पर वहां की संसद का महाभियोग पास हुआ है।  उनके पहले 1868 में एंड्रू ज़ॉन्सन और 1998 में बिल क्लिंटन पर यह बड़ा मुकदमा चल चुका है। ये दोनों ही बच गए थे लेकिन जब राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन पर 1974 में वाटरगेट को लेकर मुकदमा चलने की तैयारी हुई तो उन्होंने खुद ही इस्तीफा दे दिया था। जहां तक ट्रंप का सवाल है, उनके इस्तीफे की तो ज़रा-सी भी संभावना नहीं है और जहां तक महाभियोग का सवाल है, उनका बाल भी बांका नहीं होगा, क्योंकि जब तक सीनेट याने उच्च सदन दो-तिहाई मत से उनका विरोध नहीं करे, तब तक वे अपनी कुर्सी में सुरक्षित हैं। इस समय ट्रंप-विरोधी डेमोक्रेटस को सीनेट में दो-तिहाई तो क्या, बहुमत भी हासिल नहीं है। सीनेट के 100 सदस्यों में से 53 रिपब्लिकन हैं याने ट्रंप का स्पष्ट बहुमत है। इसके अलावा राष्ट्रपति के चुनाव में ट्रंप को ऐसे कई डेमोक्रेटिक सीनेटरों के निर्वाचन-क्षेत्रों में बहुमत मिला है कि वे घबराए हुए हैं कि यदि उन्होंने ट्रंप के खिलाफ सीनेट में वोट कर दिया तो वे दुबारा सीनेटर चुन जाएंगे भी या नहीं? हो सकता है कि वे तटस्थ रहें या मतदान के समय… Continue reading ट्रंप-विरोधी नौटंकी

ट्रंप हुए दागी अमेरिकी राष्ट्रपति!

अमेरिका के लोकतंत्र को सलाम! ठीक कहा अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में एक सांसद ने कि क्यों अमेरिका दुनिया का सिरमौर देश है? क्यों तीसरी दुनिया के देशों, बाकी देशों से वह अलग है? इसलिए क्योंकि हम ‘रूल ऑफ लॉ’ में जीते हैं। अमेरिका चेक-बैलेंस लिए हुए है। तभी यदि राष्ट्रपति कानून से परे व्यवहार करेगा तो उसे नहीं बख्शा जा सकता है। सांसद ने आगे कहा सीधा-सपाट तथ्य है कि राष्ट्रपति ने अपने निजी स्वार्थ, निजी राजनीति में दूसरे देश (यूक्रेन) के राष्ट्रपति से लेन-देन किया। घरेलू राजनीति में अपने विरोधी के बेटे की वहां जांच का दबाव बनाया। यूक्रेन की सैनिक मदद रोकी। यह पद का दुरूपयोग नहीं तो क्या? इसका प्रमाण है ट्रंप की फोन पर बातचीत का रिकार्ड और खुफिया एजेंसी के व्हिसलब्लोअर की गवाही। डोनाल्ड ट्रंप का पद कानून और मर्यादा में बंधा हुआ है। वे किंग नहीं जो मनचाहा कुछ भी करें! उनके खिलाफ महाभियोग लोकतंत्र की जरूरत है, वक्त का तकाजा है। और अमेरिकी सांसदों की इस भावना ने 18 दिसंबर 2019 के दिन डोनाल्ड ट्रंप को अमेरिकी इतिहास का तीसरा दागी (impeached) राष्ट्रपति घोषित किया! संसद का उच्च सदन याकि सीनेट (राज्यसभा) भले इस फैसले पर मुहर न लगाए और 2020 के चुनाव… Continue reading ट्रंप हुए दागी अमेरिकी राष्ट्रपति!

ट्रंप पर महाभियोग की कार्रवाई

वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप देश के इतिहास में तीसरे ऐसे राष्ट्रपति बन गए हैं, जिन पर संसद के निचले सदन यानी प्रतिनिधि सभा में महाभियोग की कार्रवाई की गई। ट्रंप के खिलाफ महाभियोग के लिए सदन में दो प्रस्ताव पेश किए गए थे। पहले प्रस्ताव में ट्रंप पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप था। दूसरे प्रस्ताव में उनके खिलाफ महाभियोग सुनवाई के दौरान संसद के काम में बाधा डालने का आरोप लगाया गया। दोनों ही प्रस्तावों पर वोटिंग के दौरान डेमोक्रेटिक पार्टी ने ट्रंप के खिलाफ और रिपब्लिकन ने उनके पक्ष में वोटिंग की। राष्ट्रपति ट्रंप के खिलाफ अब सीनेट में महाभियोग प्रस्ताव लाया जाएगा। हालांकि, एक सौ सीटों वाले सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी बहुमत में है। उसके 53 सांसद हैं और डेमोक्रेटिक पार्टी के पास 47 सांसद। उच्च सदन महाभियोग प्रस्ताव को पास कराने के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी को दो-तिहाई बहुमत की जरूरत होगी। यानी ट्रंप के खिलाफ करीब 67 सांसदों को वोट करना होगा, जो कि बेहद मुश्किल है। महाभियोग प्रस्ताव पर दोनों पार्टियां साफ तौर पर पक्ष और विपक्ष में खड़ी हैं। रिपब्लिकन पार्टी का पूरा समर्थन ट्रंप को है। इसलिए सीनेट में प्रस्ताव पास नहीं होगा और ट्रंप अपने पद पर बने रहेंगे। इससे… Continue reading ट्रंप पर महाभियोग की कार्रवाई

ट्रंप के खिलाफ महाभियोग पारित

अमेरिका के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पारित हो गया है। इसके था ही ट्रंप अमेरिका

बात महाभियोग तक आ पहुंची

यह लगभग तय है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप पर महाभियोग की कार्यवाही चलेगी। अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में इस पर अंतिम मतदान होने वाला है? ट्रंप पर आरोप है कि राजनीतिक फायदे के लिए उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग किया। ट्रंप पर आरोप है कि उन्होंने पूर्व उप राष्ट्रपति जो बाइडेन के खिलाफ जांच के लिए यूक्रेन की सरकार पर दबाव बनाया। 2020 के राष्ट्रपति चुनाव मं  जो बाइडेन डॉनल्ड ट्रंप के खिलाफ डेमोक्रेटिक उम्मीदवार बनना चाहते हैं। साथ ही ट्रंप पर इस मामले में संसद की जांच में बाधा डालने का भी आरोप लगा है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कुछ भी गलत करने से साफ इनकार किया है और उन्होने महाभियोग की जांच को ढकोसला करार दिया है। बहरहाल, हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव की न्यायिक कमेटी ने बीते हफ्ते 17 के मुकाबले 23 वोटों से ट्रंप के खिलाफ दो आरोपों की पु्ष्टि कर दी। अब प्रस्ताव को पूरे सदन के सामने पेश करने के लिए भेजा गया है। इसके बाद 658 पन्नों की पूरी रिपोर्ट जारी की गई, जिसमें ट्रंप के खिलाफ पूरे मामले का ब्योरा है। फिलहाल रिपब्लिकन पार्टी पूरी तरह से ट्रंप के साथ खड़ी है। उनका कहना है कि 2016 के चुनाव में… Continue reading बात महाभियोग तक आ पहुंची

सीनेट नेता ने तैयार किया ट्रंप के खिलाफ महाभियोग का खाका

वाशिंगटन। अमेरिकी सीनेट के अल्पसंख्यक नेता चार्ल्स शुमर ने बहुसंख्यक नेता मिच मैककोनेल को लिखे पत्र में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग के मुकदमे के लिए डेमोक्रेट द्वारा तैयार खाके का जिक्र किया है। मुकदमा अगले महीने शुरू होने की उम्मीद है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, रविवार को मैककोनेल को भेजे गए अपने पत्र में, शुमर ने गवाही देने के लिए कम से कम चार गवाहों- पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन, बोल्डन, कार्यवाहक व्हाइट हाउस के चीफ ऑफ स्टाफ मिक मुलवेनी, मुलवेनी के वरिष्ठ सलाहकार रॉबर्ट ब्लेयर और प्रबंधन और बजट कार्यालय में राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एसोसिएट डायरेक्टर माइकल डफी को बुलाया है। यह खबर भी पढ़ें:- ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया समाप्त की जाए: व्हाइट हाउस शुमर ने लिखा, सीनेट डेमोक्रेट नेताओं का पक्के तौर पर मानना है और मुझे विश्वास है कि सीनेट रिपब्लिकन सहमत हैं कि यह मुकदमा ऐसा होना चाहिए जो निष्पक्ष हो, जो सभी प्रासंगिक तथ्यों पर विचार करता है, और जो सीनेट की ‘एकमात्र शक्ति महाभियोग’ को ईमानदारी और गरिमा के साथ संविधान के तहत प्रयोग करता है। मैककोनेल ने 12 दिसंबर को कहा था कि वह ट्रंप के खिलाफ महाभियोग मुकदमे को चलाने के लिए रिपब्लिकन रणनीति का… Continue reading सीनेट नेता ने तैयार किया ट्रंप के खिलाफ महाभियोग का खाका

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