इंडिगो प्रकरणः नियामक की सुस्ती घातक
नागर विमानन मंत्रालय और डीजीसीए दोनों अक्सर डेटा दिखाते हैं कि हर साल सैकड़ों इनफोर्समेंट एक्शन लिए जाते हैं, जिसमें चेतावनी, सस्पेंशन, कैंसिलेशन और आर्थिक दंड शामिल हैं। लेकिन कागज़ी कार्रवाई और वास्तविक नज़ीर के बीच एक बड़ा एग्ज़िक्यूशन गैप है। हाल के वर्षों में 500–600 से अधिक एन्फ़ोर्समेंट एक्शन हर साल दर्ज हुए, पर इनमें बड़ी एयरलाइंस के टॉप मैनेजमेंट पर सीधे प्रहार करने वाले केस बहुत कम हैं। साल 2025 नागरिक उड्डयन की दृष्टि से सबसे बुरा साल बीता। एयर इंडिया का दर्दनाक हादसा हो या इंडिगो का एफ़डीटीएल संकट, दोनों ने ही भारत का नाम दुनिया के...