बाइडन-पूतिन: संवाद का शुभारंभ

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पूतिन के बीच जिनीवा में हुई मुलाकात का सिर्फ इन दो महाशक्तियों के लिए ही महत्व नहीं है, विश्व राजनीति की दृष्टि से भी यह महत्वपूर्ण घटना है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पूतिन के बीच पहले से चल रही सांठ—गांठ के किस्से… Continue reading बाइडन-पूतिन: संवाद का शुभारंभ

अमेरिका का असली संकट

अमेरिका की असली मुसीबत यह है कि देश के अंदर करोडों लोगों की निगाह में वहां की व्यवस्था ने साख खो दी है। यही वहां जारी तीखे ध्रुवीकरण का कारण है, जिसकी वजह से जो बाइडेन प्रशासन अपने एजेंडे को लागू कर पाने में पंगु नजर आ रहा है। ये साख क्यों गई? अमेरिका की… Continue reading अमेरिका का असली संकट

विडंबना भी चकित होगी!

जी-7 सम्मेलन में नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत अधिनायकवाद और अतिवाद से उत्पन्न खतरों से साझा मूल्यों की रक्षा के लिए जी-7 का स्वाभाविक सहयोगी है। अगले दिन पी चिदंबरम ने एक ट्विट में कहा कि प्रधानमंत्री ने अच्छा पाठ पढ़ाया है। लेकिन क्या जो सीख उन्होंने दी, उस पर खुद अमल करेंगे? अंग्रेजी… Continue reading विडंबना भी चकित होगी!

स्वास्थ्य पर करो राजनीति, बनाओ मुद्दा

एक दशक से ज्यादा समय तक बीएसपी की राजनीति के बाद नरेंद्र मोदी ने विकास और अच्छे दिन का वादा किया। उन्होंने गुजरात मॉडल पूरे देश में बेचा। लेकिन उसमें भी स्वास्थ्य प्राथमिकता नहीं था। गुजरात की अपनी स्वास्थ्य व्यवस्था कैसी है इसकी पोल कोरोना वायरस की महामारी के समय हाई कोर्ट में हुई सुनवाइयों… Continue reading स्वास्थ्य पर करो राजनीति, बनाओ मुद्दा

भारत क्यों नहीं चीन से सवाल पूछता?

कोरोना वायरस की उत्पत्ति की जांच की जरूरत से भारत सरकार ने सहमति जताई है। अमेरिका में सबसे पहले इसकी मांग उठी और अब यूरोप, ब्रिटेन से लेकर ऑस्ट्रेलिया तक से इसकी मांग उठ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अपनी खुफिया एजेंसियों को 90 दिन में इसकी जांच करने और रिपोर्ट देने को… Continue reading भारत क्यों नहीं चीन से सवाल पूछता?

जो बाइडन की सरकार भी ट्रंप की तरह पाकिस्तान को नहीं डालेगी घास…

New Delhi: पाकिस्तान के लिए इन दिनों कुछ भी उसके पक्ष में नहीं जा रहा है. विश्व भर में अपनी आदतों के लिए बदनाम हो चुके पाकिस्तान की मदद के लिए अब कोई भी देश आगे आने से पहले कई बार सोच रहा है. अमेरिका में बनी नई सरकार से उम्मीद रख रहे पाकिस्तान के… Continue reading जो बाइडन की सरकार भी ट्रंप की तरह पाकिस्तान को नहीं डालेगी घास…

पश्चिम देशों से आ रही राहत की खबर : अमेरिका के बाद अब ब्रिटेन ने हटायी सारी पाबंदियां

New Delhi: भारत में अभी भी कोरोना कहर बरसा रहा है. हालांकि देश के कुछ राज्यों से राहत पहुंचाने वाली खबरें जरूर आई हैं. लेकिन अभी भी एक दिन में कोरोना से मरने वाले लोगों की संख्या डराने वाली है. इन सबके बीच ब्रिटेन से राहत की खबर आई हैं . जानकारी के अनुसार ब्रिटेन… Continue reading पश्चिम देशों से आ रही राहत की खबर : अमेरिका के बाद अब ब्रिटेन ने हटायी सारी पाबंदियां

देश हुआ गौरान्वित! भारतीय मूल की Neera Tanden अमरीकी राष्ट्रपति Joe Biden की वरिष्ठ सलाहकार नियुक्त

नई दिल्ली। अमरीका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ( American President Joe Biden ) ने अपने प्रशासन में कई बड़े पदों पर भारतीय लोगों को प्राथमिता दी है, ऐसे में अब राष्ट्रपति जो बाइडन प्रशासन में एक और भारतीय का नाम जुड़ गया है. बाइडन ने भारतीय मूल की नीरा टंडन ( Neera Tanden ) को… Continue reading देश हुआ गौरान्वित! भारतीय मूल की Neera Tanden अमरीकी राष्ट्रपति Joe Biden की वरिष्ठ सलाहकार नियुक्त

काबुलः भारत-पाक पहेलियाँ

यह गनीमत है कि ईद के मौके पर अफगानिस्तान के तालिबान और सरकार ने अगले तीन दिन के लिए युद्ध-विराम की घोषणा कर दी है। पिछली 1 मई से अफगानिस्तान के विभिन्न शहरों में तालिबान ने इतने हमले किए हैं कि जितने उन्होंने पिछले एक साल में भी नहीं किए। पिछले साल फरवरी में तालिबान… Continue reading काबुलः भारत-पाक पहेलियाँ

जानें, इस रफ्तार से कब पूरा होगा भारत में वैक्सीनेशन, अमेरिका में 4 जुलाई तक 70 प्रतिशत लोगों को टीका  

New Delhi: दुनिया के लगभग सभी देशों में जनता को कोरोना वैक्सीन लगाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि अमेरिका की 70 फीसद आबादी का 4 जुलाई तक वैक्सीनेशन हो जायेगा. लेकिन भारत में कोरोना के वैक्सीनेशन की रफ्तार अभी रेंग रही है. ऐसे में… Continue reading जानें, इस रफ्तार से कब पूरा होगा भारत में वैक्सीनेशन, अमेरिका में 4 जुलाई तक 70 प्रतिशत लोगों को टीका  

अब भारी पड़ता मध्यमार्ग

पश्चिमी लोकतांत्रिक देशों में हाल में दिखे रुझान के आधार पर राजनीति शास्त्रियों ने कहा है कि सेंटर कान्ट होल्ड। यानी अब मध्यमार्ग नहीं टिकेगा। अब जमाना या तो धुर दक्षिणपंथ या फिर स्पष्ट वामपंथ का है। अमेरिका में जो बाइडेन ने इस संदेश को एक हद तक समझा। उन्होंने वहां डेमोक्रेटिक पार्टी में वामपंथ… Continue reading अब भारी पड़ता मध्यमार्ग

“ट्रिकल डाउन” से तौबा

ट्रिकल डाउन अर्थव्यवस्था का मतलब यह होता है कि अगर धनी तबकों के पास पैसा आता है, तो वह धीरे-धीरे रिस कर निम्न वर्ग तक जाता है। इससे सबकी स्थिति बेहतर होती है। इस आर्थिक सोच के पैरोकार इसे इस रूप में यह भी कहते रहे हैं कि नदी में पानी आता है, तो सबकी… Continue reading “ट्रिकल डाउन” से तौबा

बाइडेन का ‘अमेरिका फर्स्ट’!

बतौर राष्ट्रपति जो बाइडेन के पहले 100 दिन में जिस एक बात के साफ संकेत मिले वह यह है कि इस दौर की विदेश नीति में भी अमेरिका पूर्व राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के कार्यकाल में अपनाई गई ‘अमेरिका फर्स्ट’ की नीति पर चल रहा है। गौरतलब है। चीन और ईरान के मामले में अमेरिका का… Continue reading बाइडेन का ‘अमेरिका फर्स्ट’!

सवाल साख का है

जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर अमेरिका की साख इतनी कमजोर है कि वहां से होने वाली घोषणाएं दिलचस्पी से ज्यादा सवाल पैदा करती हैं। इसीलिए राष्ट्रपति जो बाइडेन ने जलवायु परिवर्तन के मुकाबले के लिए जो अमेरिकी योजना पेश की है, हालांकि वो प्रभावशाली है, लेकिन उसकी विश्वसनीयता पर सवाल बने हुए हैँ। ये सवाल… Continue reading सवाल साख का है

मानवता या मुनाफा?

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन के सामने ये अहम सवाल मौजूद है कि वे अपने देश की कंपनियों के मुनाफे की चिंता करें या इंसानियत के व्यापक हितों को तरजीह दें। इस बारे में उन्हें मई के पहले हफ्ते तक फैसला करना होगा। डब्लूटीओ की 5 और 6 मई को बैठक होने वाली है। उसमें… Continue reading मानवता या मुनाफा?

अरबपति का छोटा दिल

अमेरिकी पत्रिका फॉर्ब्स की जारी अरबपतियों की ताजा सूची से ये सामने आया कि पिछले साल भी अमेरिकी अरबपति जेफ बिजोस को कोई चुनौती नहीं दे सका। वे अभी दुनिया में सबसे धनी व्यक्ति हैं। इस वक्त उनकी संपत्ति लगभग 188 अरब डॉलर है। यानी पिछले तीन महीनों में इसमें लगभग 11 अरब डॉलर की… Continue reading अरबपति का छोटा दिल

टैक्स बढ़ाने का मिशन

अमेरिका के जो बाइडेन प्रशासन ने देश में कॉरपोरेट टैक्स दर को 21 से बढ़ा कर 28 प्रतिशत करने का प्रस्ताव सामने रखा है। इसकी रिपब्लिकन पार्टी और कॉरपोरेट सेक्टर ने कड़ी आलोचना की है। उनका तर्क है कि टैक्स रेट बढ़ने पर अमेरिकी कंपनियां कारोबार के लिए उन देशों में चली जाएंगी, जहां टैक्स… Continue reading टैक्स बढ़ाने का मिशन

सही नब्ज पर हाथ

जो बाइडेन ने चीन का मुकाबला करने के लिए अपनी जो त्रि-सूत्री नीति घोषित की है, उसका पहला सूत्र बताता है कि समस्या चीन नहीं, बल्कि अमेरिका की अपनी कमजोरी है। असल बात यह है कि अमेरिका ने अपने श्रमिकों और विज्ञान में पर्याप्त निवेश करना छोड़ दिया। तो चीन आगे निकल गया।

भारत को लेकर बाइडेन की परेशानी

अमेरिकी सीनेट की फॉरेन रिलेशन कमेटी के चेयरमैन बॉब मेनेंडेज और सीनेट बहुमत के नेता चक शूमर ने विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन से पत्र लिख कर कहा है कि बाइडेन प्रशासन मोदी से बात करे और किसानों के शांतिपूर्ण आंदोलन और पत्रकारों के साथ बरताव का मुद्दा उठाए।

पुतिन है हत्यारा: बाइडेन

अमेरिका और रूस के संबंधों में बड़ा तनाव आ गया है। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को हत्यारा कह दिया है

क्या अब पिघलेगी बर्फ?

फिलहाल इसे सकारात्मक माना जा रहा है कि डॉनल्ड ट्रंप के दौर में बढ़े तनाव के बाद अब दोनों पक्ष आमने-सामने बैठ कर बातचीत करने के लिए तैयार हुए हैं। लेकिन इससे ज्यादा कुछ हासिल होगा, इसकी संभावना नहीं है। अस्पष्टता इतनी है कि बातचीत का खाका भी तय नहीं हो सका है।

समझौता थोपने की अमेरिकी जिद!

अमेरिका को क्या अपने इस कदम के कूटनीतिक और सामरिक असर का कतई अंदाजा नहीं है? क्या उसे नहीं लग रहा है कि अफगानिस्तान को तालिबान के हवाले करने का इस क्षेत्र में क्या असर होगा?

भारत का रोल क्यों घटा?

अमेरिका ने अफगानिस्तान में शांति के लिए जारी बातचीत में भारत को जगह दी है। सामान्य तौर पर इसे कोई खास खबर नहीं मानी जाती।

अफगानिस्तान की अबूझ पहेली

अफगानिस्तान से नाटो सेनाओं की वापसी का मामला लटक गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने वहां से अमेरिकी सैनिकों की वापसी का पूरा कार्यक्रम घोषित कर दिया था।

भारत के लिए अच्छी खबर

अमेरिका और यूरोप से भारत की दृष्टि से दो अच्छी खबरें आई हैं। एक तो अमेरिका की बेहतर वीज़ा नीति और दूसरी जी-7 राष्ट्रों की बैठक में से उभरी विश्वनीति।

चीन के प्रति अमेरिका का बदला रुख

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनफिंग से दो घंटे तक बातचीत की। इसे लेकर कई किस्म की खबरें आईं।

बात हुई, उत्साह गायब

लंबे इंतजार के बाद आखिरकार अमेरिका के नए राष्ट्रपति जो बाइडेन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन किया। लेकिन इसको लेकर भारत सरकार में ज्यादा उत्साह नहीं देखा गया है।

यूरोप को बाइडेन से उम्मीदें

यूरोपीय नेताओं की प्रतिक्रियाओं से जाहिर है कि नए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से उन्हें बड़ी उम्मीदें हैं। यूरोपीय संघ के नेताओं को आशा है कि यूरोप- अमेरिका के संबंध अब पहले जैसे हो जाएंगे।

बाइडेन की मोदी से क्या पटेगी?

नहीं। वैसे कतई नहीं जैसे डोनाल्ड ट्रंप से पटी थी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी परिस्थितिजन्य, वक्त की राम मिलाई जोड़ी थे। यह अलग बात है कि बावजूद इसके डोनाल्ड ट्रंप से भारत का भला नहीं हुआ।

काबुलः बाइडन जल्दबाजी न करें

अमेरिका का बाइडन प्रशासन डोनाल्ड ट्रंप की अफगान-नीति पर अब पुनर्विचार करने वाला है।