madhya pradesh election

  • सपा को मध्य प्रदेश में क्या देगी कांग्रेस

    समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव कमाल कर रहे हैं। वे विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ में शामिल हैं लेकिन कांग्रेस पार्टी के साथ उत्तर प्रदेश में चुनावी तालमेल की बात नहीं कर रहे हैं। कांग्रेस भी उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की बजाय बहुजन समाज पार्टी के साथ तालमेल के प्रयास में लगी है। हालांकि एक अक्टूबर को बसपा प्रमुख मायावती ने फिर से ऐलान किया कि भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन एनडीए और विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ दोनों से समान दूरी रखेंगी। बहरहाल, सपा को उत्तर प्रदेश की चिंता नहीं दिख रही है, बल्कि मध्य प्रदेश में चुनाव की दिख...

  • गढ़ बचाने और हथियाने की चुनौती

    भोपाल। प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2023 के लिए दोनों ही प्रमुख दल भाजपा और कांग्रेस किसी भी प्रकार की कसर नहीं छोड़ रहे हैं इस बार नई रणनीति के तहत अपने गढ बचाने और विरोधी दल के गढ़ को हथियाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं इस कारण प्रत्याशी चैन में भारी उलटफेर किया जाएगा। दरअसल विधानसभा चुनाव 2018 के चुनाव परिणाम से सबक लेकर दोनों ही दल पिछले दो वर्षों से चुनावी तैयारी कर रहे हैं एक तरफ जहां बूथ मजबूती पर ध्यान दिया गया वहीं दूसरी ओर प्रत्याशी चयन के लिए भी लगातार सर्वे चलते रहे और...

  • टिकट मिलने से दुखी कैलाश विजयवर्गीय

    इंदौर/ग्वालियर। चुनाव के समय आमतौर पर देखने को मिलता है कि टिकट नहीं मिलने से नेता दुखी होते हैं। लेकिन भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय का मामला दूसरा है। वे टिकट मिलने से दुखी हैं। उन्होंने कहा है कि वे बिल्कुल चुनाव नहीं लड़ना चाहते थे। गौरतलब है कि भाजपा ने मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की तो उसमें तीन केंद्रीय मंत्रियों सहित सात सांसदों के नाम शामिल किए और राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय को भी टिकट दिया। इसे लेकर विजयवर्गीय ने कहा- मैं अंदर से दुखी हूं कि मुझे पार्टी ने विधानसभा...

  • अनुभवी नेतृत्व कसौटी पर

    भोपाल। प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2023 के लिए जिस तरह से भाजपा और कांग्रेस एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं एक - दूसरे को घेरने की रणनीति बना रहे हैं उसको देखते हुए दोनों ही दलों का अनुभवी नेतृत्व कसौटी पर है। दरअसल, यह चुनाव नहीं आसान अब यह सही सभी समझ चुके हैं इसलिए चुनाव जीतने वाले प्रत्याशी और चुनाव जिताने वाले नेताओं को दोनों ही दल धीरे-धीरे सामने ला रहे हैं। जहां देरी हो रही है वहां अनुभव नेताओं का बेसब्र होना भी सामने आ रहा है। मसलन पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने स्पष्ट तौर पर कहा...

  • मप्र चुनाव: जीत की उम्मीदों के उम्मीदवार

    भोपाल। प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2023 के लिए भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवारों की अधिकांश सूची 15 सितंबर तक जारी हो जाएगी। इस समय दोनों ही दल ऐसे ज़िताओ उम्मीदवार की खोज कर रहे हैं जो हारी हुई सीटों पर भी जीत की उम्मीद बनाए रखें। भाजपा की 2018 में जिन 103 सीटों पर हार हुई थी उनमें से 39 प्रत्याशी पहले ही घोषित कर दिए हैं और अब शेष 64 पर लगभग प्रत्याशी फाइनल कर लिए हैं। जिनकी अधिकृत घोषणा कभी भी हो सकती है। वहीं विपक्षी दल कांग्रेस कल से 3 दिन मैराथन बैठक करके प्रत्याशियों के नाम...

  • सितंबर सियासत में तय करेगा सितम या रहम

    भोपाल। भले ही चुनाव की घोषणा ना हो लेकिन प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2023 के लिए दोनों ही प्रमुख दलों भाजपा और कांग्रेस के अधिकांश टिकट सितंबर में तय हो जाएंगे जिसका भी टिकट कटता है वह सितम महसूस करता है और जिसको अचानक से मिल जाता है वह पार्टी की रहम मानता है। दरअसल, प्रदेश की राजनीति में अब तक टिकट वितरण का काम चुनाव आयोग द्वारा कार्यक्रम घोषित होने के बाद होता था और अनेकों बार तो नामांकन पत्र दाखिल करने की आखिरी तारीख तक सूचियां आती थी लेकिन इस बार जल्दी टिकट घोषित करने के लिए प्रयास...

  • मुरलीधर को आखिर ठिकाने लगाया तो किसने…?

    भोपाल। भाजपा के मध्य प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव की चुनाव में भूमिका को लेकर जिज्ञासा से ज्यादा सवाल खड़े होने लगे है.. मध्य प्रदेश में नई चुनावी जमावट में क्या मुरलीधर अलग-अलग पड़ते नजर आ रहे.. इस बात में दम है तो फिर इसकी वजह क्या है.. आखिर प्रदेश प्रभारी कहां है.. क्या उन्हें ठिकाने लगा दिया गया है.. यह स्थिति खुद उनकी विवादित कार्यशैली के कारण निर्मित हुई है या फिर वो खुद चुनाव लड़ने की तैयारी में और पार्टी ने उनके लिए कोई नया काम तलाश लिया है.. या फिर मध्य प्रदेश से उनका मोह भंग होने लगा...

  • सिंधिया और उनके समर्थक चिंता में

    ज्योतिरादित्य सिंधिया का मुख्यमंत्री बनने का सपना पता नहीं मध्य प्रदेश की इस विधानसभा में पूरा हो पाएगा या नहीं लेकिन अभी उनके समर्थकों की चिंता बढ़ गई है। केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को भाजपा ने मध्य प्रदेश चुनाव अभियान समिति का संयोजक नियुक्त किया है। मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश प्रभारी के साथ मिल कर चुनाव अभियान समिति का संयोजक ही चुनाव की रणनीति बनाता है और टिकटों के बंटवारे में उसकी अहम भूमिका होती है। जहां पार्टियां विपक्ष में होती हैं वहां चुनाव अभियान समिति के प्रमुख को आमतौर पर मुख्यमंत्री पद के दावेदार के तौर पर...

  • कांग्रेस संदेश पहुंचाएगी कमलनाथ का!

    कांग्रेस पार्टी आधिकारिक रूप से ऐलान नहीं कर रही है कि कमलनाथ ही पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री का चेहरा होंगे लेकिन यह साबित करने का कोई मौका भी नहीं चूक रही है। किसी न किसी तरह से बताया जा रहा है कि पार्टी उनके चेहरे पर ही चुनाव लड़ेगी। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने कई बार इसका स्पष्ट इशारा किया है। वे कमलनाथ को मुख्यमंत्री बनाने के लिए दिन रात मेहनत कर रहे हैं। दूसरी ओर कमलनाथ भी इसका मैसेज बनवाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। इसी कोशिश के तहत वे ‘कमलनाथ संदेश...

  • मध्य प्रदेश में भाजपा दुविधा में!

    अगले पांच महीने में मध्य प्रदेश में विधानसभा का चुनाव होने वाला है और वहां भाजपा के लिए वैसे ही स्थिति है, जैसी पिछले एक साल से कर्नाटक में थी। भाजपा पिछले करीब एक साल से दुविधा में थी कि मुख्यमंत्री बदले या नहीं। जब यह तय हो गया कि मुख्यमंत्री नहीं बदला जाएगा तब दुविधा थी कि प्रदेश अध्यक्ष बदलें या नहीं। कर्नाटक में चुनाव के दो महीने पहले तक यह चर्चा होती रही कि प्रदेश अध्यक्ष नलिन कुमार कतील को बदला जाएगा। लेकिन न मुख्यमंत्री बदला गया और प्रदेश अध्यक्ष। इसी तरह की दुविधा भाजपा के सामने पिछले...

  • मध्य प्रदेश में कर्नाटक फॉर्मूला नहीं

    भारतीय जनता पार्टी मध्य प्रदेश में कर्नाटक, गुजरात या उत्तराखंड का फॉर्मूला नहीं लागू करने जा रही है। बताया जा रहा है कि पार्टी न तो मुख्यमंत्री बदलने जा रही है और न मंत्रियों और विधायकों की टिकट काटने जा रही है। हालांकि कुछ विधायकों की टिकट कटेगी लेकिन ज्यादातर की टिकट काट कर एंटी इन्कम्बैंसी दूर करने का फॉर्मूला नहीं लागू होगा। उलटे कर्नाटक से सबक लेकर भाजपा नाराज नेताओं को मनाने में लगी है और जिन लोगों को पार्टी से निलंबित किया गया है उन सबकी वापसी कराई जा रही है। इतना ही नहीं पार्टी के बड़े नेताओं...

  • चढ़ता सियासी पारा

    भोपाल। भले ही भीषण गर्मी को देखते हुए स्कूल सुबह के कर दिए गए हो लोगों ने कम से कम बाहर निकलने की योजना बनाई हो लेकिन सत्ता के लिए बेताब राजनीतिक दलों की योजना ना घर बैठेंगे ना किसी को बैठने देंगे चाहे कार्यकर्ता हो पदाधिकारी हो फिर राष्ट्रीय नेता विधायकों सांसदों मंत्रि हो मुख्यमंत्री हो सभी को जनता के बीच रहने के निर्देश मिल चुके हैं। दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पार्टी के सभी सांसदों को 15 मई से 15 जून तक क्षेत्र में रहने के निर्देश दिए हैं इस दौरान कोई भी सांसद घर पर आराम नहीं...

  • मप्र विस: चुनाव जीतने हर जतन पर जोर….

    भोपाल। प्रदेश में 2023 के विधानसभा के आम चुनाव के लिए अब दोनों ही प्रमुख दल भाजपा और कांग्रेस चुनाव जीतने के हर जतन पर जोर दे रहे हैं। भाजपा ने जहां विकास यात्रा में सांसदों को भी निर्देशित किया है वहीं कांग्रेस कांग्रेस शासित राज्यों के वचन पत्र का अध्ययन कर रही है ताकि चुनाव जिताऊ मुद्दे प्रदेश के वचन पत्र में शामिल किए जा सके। दरअसल, प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अब 9 महीने से भी कम समय बचा है यही कारण है प्रमुख दलों कि चुनाव जीतने के लिए छटपटाहट बढ़ गई है और सभी...

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