ऑक्सीजन की भारी कमी को दूर करने के लिए घर में लगाए ये पौधे..घर की सुंदरता भी बढ़ाएंगे ये पौधे

यह कहना गलत नहीं होगा की पौधे हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण भाग है। बिना पौधे जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते है।भारत में कोरोना की दूसरी लहर चल रही है। यह इतनी खतरनाक हो गयी है कि कोरोना के मरीजों को सांस लेने के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर का सहारा लेना पड़ रहा है। इसी के चलते आजकल देश में ऑक्सीजन की इतनी कमी हो रही है। पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन ना मिलने के कारण भारत में इतने लोगों की जान जा चुकी है। लेकिन कुछ पौधे ऐसे होते है जो घर में भरपूर मात्रा में ऑक्सीजन उपलब्ध करवाता है।  सभी पौधे अपने आप में एक अलग विशेषता लिए होते है। इनमें से कुछ का प्रयोग हम औषधीय प्रयोजनों के लिये करते हैं तो कुछ अपने हवा को शुद्ध करने के गुण के लिये जाने जाते हैं। सभी पौधे ऑक्सीजन का उत्पादन करते हैं लेकिन कुछ कम मात्रा में तो कुछ अधिक मात्रा में। कुछ पौधे दिन एवं रात दोनों समय ऑक्सीजन का उत्पादन करते हैं। ऑक्सीजन की उत्पत्ति प्रकाश के उपस्थिति में कार्बन डाइऑक्साइड के अवशोषण से होता है। NASA के एक रिपोर्ट के अनुसार यह जाइलीन, फॉर्मल्डेहाइड, टोल्यूनि और नाइट्रोजन ऑक्साइड को हवा से शुद्ध करता है।… Continue reading ऑक्सीजन की भारी कमी को दूर करने के लिए घर में लगाए ये पौधे..घर की सुंदरता भी बढ़ाएंगे ये पौधे

Life On Mars : मार्स पर जीवन संभव! Design studios ने शेयर की बनने जा रहे घरों की तस्वीरें 

Nasa लगातार मंगल ग्रह पर रिसर्च कर रहा है. मंगल ग्रह पर बस्ती बसने को लेकर लगातार प्लानिंग चल रही है. NASA का दावा है कि मंगल पर जीवन संभव है और नासा ने ऐसा कर दिखाया है. डिजाइन स्टूडियों ने मंगल पर बनने जा रहे घरों की तस्वीर शेयर कर यह जानकारी दी है. नासा अपने महत्वकांशी प्रोजेक्ट  ‘मिशन मंगल’ (MISSION MANGAL) के लिए लाल ग्रह पर अपने रोवर भी उतार चुका है, जो मंगल पर जीवन के प्रमाण ढूंढेगा. मंगल के लाल ग्रह पर घर बनाए जाएंगे. करीब ढ़ाई लाख लोगो की आबादी मंगल पर निवास करेगी. इस बात का खुलासा अमेरिकी आर्किटेक्चर स्टूडियो ABIBOO ने मार्स पर बस्ती बसाने के लिए अपनी खास डिजाइन की पेशकश कर किय  है. कार्बन डाईऑक्साइड और पानी के इस्तेमाल से बनाए जा सकेंगे घर अमेरिकी आर्किटेक्चर स्टूडियो ABIBOO ने मार्स पर बस्ती बसाने के लिए अपनी खास डिजाइन की पेशकश की है. इस बात की जानकारी अमेरिकी कंपनी ने तस्वीरें शेयर कर दी है. अमेरिकी कंपनी ABIBOO का कहना है कि मार्स पर मौजूद कार्बन डाईऑक्साइड(CO2) और पानी (H2O) के इस्तेमाल से वहां घर बनाए जा सकते हैं. कंपनी का कहना है कि मार्स पर वर्टिकल रूप से घर होंगे ताकि… Continue reading Life On Mars : मार्स पर जीवन संभव! Design studios ने शेयर की बनने जा रहे घरों की तस्वीरें 

बाइडेन का भारतवंशियों को सलाम!

मंगल ग्रह पर मार्स रोवर पर्सिवियरेंस की सॉफ्ट लैंडिंग में अहम रोल निभाने वाली नासा की इंजीनियर स्वाति मोहन की तारीफ करते हुए बाइडेन ने कहा है कि अब भारतीय-अमेरिकी लोग अमेरिका की कमान संभाल रहे हैं।

साल 2020 रहा सबसे गर्म साल : नासा

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने इस बात का खुलासा किया है कि कोविड-19 के प्रकोप से प्रभावित साल 2020 सबसे अधिक गर्म साल भी रहा। इसने साल 2016 के रिकॉर्ड को एक डिग्री के दसवें

नासा ने चांद की सतह पर पानी की पुष्टि की

अमेरिकी स्पेस रिसर्च एजेंसी नासा ने कहा कि उसने पहली बार चंद्रमा की सतह पर पानी के निशान पाए हैं। यह खोज नासा और जर्मन एयरोस्पेस सेंटर की संयुक्त परियोजना

आईएसएस की बैटरी अपग्रेड होने बाद होगी अंतरिक्ष में चहलकदमी

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) की दो महिला एस्टाेनाॅट अगले वर्ष जनवरी में इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन

चंद्रमा पर मिला भारतीय चंद्रयान का मलबा

अमेरिकी अंतरिक्ष संस्थान नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) को चांद की सतह पर भारत के दूसरे चंद्र मिशन ‘चंद्रयान-2’ के विक्रम लैंडर के अवशेष मिले हैं।

चंद्रयान-2: विक्रम लैंडर का मलबा मिला

न्यूयॉर्क। चंद्रयान—2 का मलबा खोज लिया गया है। नासा ने एक बयान जारी कर कहा है कि विक्रम लैंडर मिल गया है। नासा ने तस्वीर जारी कर मलबे वाला क्षेत्र दिखाया है। अंतरिक्ष में रुचि लेने वाले एक भारतीय द्वारा अमेरिका के ऑर्बिटिंग कैमरा से चंद्रमा की तस्वीरों का निरीक्षण करने के बाद नासा ने कहा कि उसे भारतीय चंद्रयान-2 विक्रम लैंडर का दुर्घटनास्थल और मलबा मिला है। इस जगह का पता शनमुगा सुब्रमण्यम ने पता लगाया, जिन्होंने खुद लूनर रिकनाइसांस ऑर्बिटल कैमरा (एलआरओसी) से तस्वीरें डाउनलोड कीं। इसकी पुष्टि नासा और एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी ने सोमवार को की। नासा ने कहा कि पहली धुंधली तस्वीर दुर्घटनास्थल की हो सकती है जो एलआरओसी द्वारा 17 सितंबर को ली गई तस्वीरों से बनाई गई है। कई लोगों ने विक्रम के बारे में जानने के लिए इस तस्वीर को डाउनलोड किया। नासा ने कहा कि उनमें से एक सुब्रमण्यम ने मलबे की सकारात्मक पहचान के साथ एलआरओसी प्रोजेक्ट से संपर्क किया। एलआरओसी एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी (एएसयू) में स्थित है। एएसयू ने कहा, “यह जानकारी मिलने के बाद एलआरओसी टीम ने पहले और बाद की तस्वीरों की तुलना कर पहचान की पुष्टि कर दी।” यूनिवर्सिटी ने कहा कि जब पहले मोजाइक के लिए 17… Continue reading चंद्रयान-2: विक्रम लैंडर का मलबा मिला

अंतरिक्ष में शौचालय खराब, डायपर का इस्तेमाल

अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) का कोई शौचालय काम नहीं कर रहा है जिसकी वजह से अंतरिक्ष यात्रियों को डायरपर का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। आईएसएस में दो टॉयलेट मौजूद है। इन दो टायलटो में एक अमेरिकी और दूसरा रूसी हिस्से में आता है।

महिला अंतरिक्ष यात्रियों से नासा रचेगा इतिहास

केप केनावेरल (फ्लोरिडा)। पिछली आधी सदी में किए गए सभी 420 स्पेसवॉक में पुरुष किसी न किसी रूप में शामिल रहे हैं। लेकिन शुक्रवार को स्पेसवॉक संख्या 421 के साथ ही यह बदल जाएगा और इतिहास में पहली बार ऐसा होने जा रहा है जब सिर्फ महिलाएं स्पेसवॉक करेंगी। नासा की अंतरिक्ष यात्रियों क्रिस्टीना कोच और जेसिका मीर नई इबारत लिखेंगी जहां सिर्फ महिलाएं स्पेसवॉक करेंगी।  अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र में मौजूद सभी चार पुरुष भीतर ही रहेंगे जबकि कोच और मीर टूटे हुए बैटरी चार्जर को बदलने के लिए केंद्र से बाहर अंतरिक्ष में चहलकदमी करेंगी। बैटरी चार्जर उस वक्त खराब हो गया था जब कोच और चालक दल के एक पुरुष सदस्य ने पिछले हफ्ते अंतरिक्ष केंद्र के बाहर नई बैटरियां लगाईं थीं। नासा ने इस समस्या को ठीक करने के लिए बैटरी बदलने के बाकी काम स्थगित कर दिया और महिलाओं के नियोजित स्पेसवॉक को आगे बढ़ा दिया था।

अंतरिक्ष में महिलाएं करेगी चहलकदमी

अंतरिक्ष में इतिहास बनने वाला है। पहली बार केवल महिलाओं को अंतरिक्ष में चहलकदमी के लिए भेजा जाएगा।

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