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  • नासा ने दिखाई गैलेक्सी एम-77 की तीन आश्चर्यजनक तस्वीरें

    अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप की मदद से गैलेक्सी एम-77 की तीन शानदार तस्वीरें जारी की हैं। इन तस्वीरों में गैलेक्सी का केंद्र इतनी तेजी से चमक रहा है कि पूरी गैलेक्सी चमकती नजर आ रही है। सबसे खास बात इन तस्वीरों में दिखने वाले ‘डिफ्रैक्शन स्पाइक्स’ हैं, जो टेलीस्कोप के ऑप्टिक्स की वजह से बनने वाला एक ऑप्टिकल प्रभाव है। ये डिफ्रैक्शन स्पाइक्स कोई गैलेक्सी की असली संरचना नहीं बल्कि टेलीस्कोप का ऑप्टिकल प्रभाव है। गैलेक्सी एम-77 सर्पिल गैलेक्सी है और सक्रिय केंद्र वाली गैलेक्सियों में से एक है। नासा की इन तस्वीरों से वैज्ञानिकों...

  • नासा के हबल टेलीस्कोप ने कैद की ट्राइफिड नेबुला की शानदार तस्वीर

    अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा के हबल स्पेस टेलीस्कोप ने तारों के निर्माण वाले क्षेत्र ट्राइफिड नेबुला की एक आकर्षक नई तस्वीर जारी की है। यह तस्वीर हबल के लॉन्च की 36वीं वर्षगांठ (24 अप्रैल) के मौके पर सामने आई है। पृथ्वी से करीब 5 हजार प्रकाश वर्ष दूर स्थित यह नेबुला तारों के बनने और गैस-धूल को आकार देने का अद्भुत नजारा पेश करता है। यह नई तस्वीर न केवल देखने में आकर्षक है, बल्कि यह ब्रह्मांड में हो रही जटिल प्रक्रियाओं को समझने में भी अहम भूमिका निभाती है। हबल का यह मिशन लगातार वैज्ञानिकों को नई जानकारी दे...

  • नॉर्थरोप ग्रुम्मन सीआरएस-24 मिशन लॉन्च की तैयारी में नासा

    अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने नॉर्थरोप ग्रुम्मन के कमर्शियल रिस्पलाई सर्विसेज-24 (सीआरएस-24) कार्गो मिशन लॉन्च की तैयारियां पूरी कर ली हैं। यह मिशन 11 अप्रैल की सुबह 7 बजकर 41 मिनट (ईडीटी) पर होने वाला है। भारतीय समयानुसार शनिवार शाम 5 बजकर 11 मिनट पर होगा। इस मिशन के तहत नॉर्थरोप ग्रुम्मन का साइगनस एक्सएल स्पेसक्राफ्ट लगभग 11,000 पाउंड (करीब 5,000 किलोग्राम) वैज्ञानिक सामग्री, उपकरण और जरूरी आपूर्ति लेकर इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) की ओर रवाना होगा। साइगनस एक्सएल सिग्नस स्पेसक्राफ्ट का बड़ा और भारी मालवाहक वर्जन है, जो सौर ऊर्जा से चलता है। इस स्पेसक्राफ्ट को स्पेसएक्स के फालकोन...

  • नासा, इसरो का सबसे शक्तिशाली सेटेलाइट लॉन्च

    नई दिल्ली। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा और भारत की इसरो ने अब तक का सबसे शक्तिशाली सेटेलाइट लॉन्च किया है। यह सबसे शक्तिशाली है और सबसे महंगा भी है। नासा और इसरो को मिला कर इसका नाम निसार रखा गया है। इसे तैयार करने डेढ़ अरब डॉलर यानी करीब साढ़े 12 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। इसे नासा और इसरो ने मिल कर बनाया है। इसे श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से बुधवार को शाम पांच बज करर 40 मिनट पर जीएसएलवी एफ 16 रॉकेट से लॉन्च किया गया। रॉकेट ने निसार को 747 किलोमीटर की ऊंचाई पर सूरज...

  • एक्सिओम-4: मिशन की लॉन्चिंग पर नासा ने दिया नया अपडेट

    भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला समेत 4 एस्ट्रोनॉट को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन ले जाने वाला मिशन एक बार फिर टल गया है। 22 जून को एक्सिओम मिशन 4 को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के लिए लॉन्च करना था, जिसे फिलहाल स्थगित करने का फैसला लिया गया है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने मिशन की लॉन्चिंग पर अपडेट दिया। नासा ने कहा कि आने वाले दिनों में एक नई लॉन्च तिथि निर्धारित की जाएगी। फिलहाल नासा, एक्सिओम स्पेस और स्पेसएक्स तीनों एजेंसी एक्सिओम मिशन 4 की लॉन्च संभावनाओं की समीक्षा जारी रखे हुए हैं। नासा ने जानकारी दी कि स्पेसएक्स का फाल्कन...

  • अंतरिक्ष में नौ महीने रहने से क्या हासिल?

    सुनीता विलियम्स का यह लंबा प्रवास विज्ञान के लिए एक अनमोल अवसर साबित हुआ। आईएसएस पर रहते हुए उन्होंने 150 से अधिक वैज्ञानिक प्रयोग किए, जिनमें 900 घंटे से ज्यादा समय रिसर्च में बिताया। (sunita williams) इन प्रयोगों में जल पुनर्चक्रण प्रणाली, सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण में बैक्टीरिया और यीस्ट की जैव-उत्पादन प्रक्रिया और अंतरिक्ष के कठोर वातावरण में सामग्रियों के पुराने होने जैसे अध्ययन शामिल थे। ये शोध भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों, विशेष रूप से मंगल ग्रह जैसे लंबी अवधि के अभियानों के लिए महत्वपूर्ण हैं। सुनीता विलियम्स अंतरिक्ष के अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर नौ महीने से अधिक समय बिताकर...

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