no-confidence motion

  • पारस-शिलाओं के स्पर्श से वंचित ओम बिरला

    चलिए, जो हुआ, सो, हुआ। बिरला फिर आसनारूढ़ हैं। उन्हें होना ही था। कोई दूर-दूर तक सपने में भी यह नहीं सोच रहा था कि उन्हें हटाने का प्रस्ताव पारित हो जाएगा। सो, सब प्रतीकात्मक था। मगर बिरला अगर थोड़े भी संवेदनशील हैं तो यह अहसास उन्हें ज़रूर कचोट रहा होगा कि भारतीय संसद के इतिहास में वे सिर्फ़ चौथे स्पीकर हैं, जिन के ख़िलाफ़ नियम 94-सी के तहत सदन में प्रस्ताव रखा गया। स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाने का प्रस्ताव लोकसभा में ध्वनिमत से गिर भले ही गया, मगर उस पर हुई चर्चा से यह ध्वनि देश...

  • यह कैसा अविश्वास प्रस्ताव था?

    विपक्षी नेताओं की ओर से कहा जा रहा है कि अविश्वास प्रस्ताव लाने का उनका मकसद पूरा हो गया। वे देश को बताना चाहते थे कि स्पीकर ओम बिरला पक्षपात करते हैं और नेता विपक्ष राहुल गांधी को बोलने नहीं दिया जाता है। दूसरे विपक्षी सांसदों को भी बोलने से रोका जाता है और उनके माइक बंद कर दिए जाते हैं। लेकिन इसमें से कौन सी ऐसी बात है, जो विपक्ष के सांसद हमेशा नहीं कहते रहते हैं? जब भी सत्र चलता हा या नहीं भी चल रहा होता है तो जहां मौका मिलता है वहां ये बातें कही जाती...

  • एक और अविश्वास

    मुश्किलें इसलिए पैदा हुई हैं, क्योंकि सत्ता पक्ष ने पद, प्रक्रिया और परिणाम की गरिमा की चिंता छोड़ दी है। व्यापक रूप से संवैधानिक व्यवस्था की साख के साथ क्या हो रहा है, इसकी फिक्र करने की जरूरत वह नहीं समझता। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान विपक्ष ने संसदीय कार्यवाही के संचालन में अपने प्रति भेदभाव के साथ-साथ सत्ता पक्ष से स्पीकर की मिलीभगत का आरोप खुल कर लगाया। जैसा अनुमान था, अविश्वास प्रस्ताव ध्वनिमत से नामंजूर कर दिया गया। मगर जिस रोज ये हुआ, उसी दिन विपक्ष के 180 सांसदों ने मुख्य...

  • स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव खारिज

    नई दिल्ली। लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव खारिज हो गया है। सदन में दो दिन हुई चर्चा के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चर्चा का जवाब दिया और उसके बाद ध्वनि मत से यह प्रस्ताव खारिज हो गया। इससे पहले अमित शाह ने करीब एक घंटे का भाषण दिया। उन्होंने अपने भाषण में लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर हमला किया और कहा कि वे संसद को लेकर गंभीर नहीं रहते हैं। अमित शाह ने कहा, ‘18वीं लोकसभा में कांग्रेस सांसदों को बोलने के लिए भाजपा से दो गुना ज्यादा समय...

  • अविश्वास ऑन- रिकॉर्ड

    अविश्वास प्रस्ताव ओम बिरला के खिलाफ के जारी एवं गहराती गई शिकायतों को ऑन- रिकॉर्ड लाने की विपक्ष की कोशिश का हिस्सा है। वरना, विपक्ष भी अवगत रहा है कि इस प्रस्ताव के पारित होने की संभावना नहीं है। संसदीय लोकतंत्र में पीठासीन अधिकारी पर सदन का कोई पक्ष अविश्वास जताए, तो उस पर खेद ही प्रकट किया जा सकता है। लेकिन भारत अभी ऐसे ही अफसोसनाक दौर में है। हाल के वर्षों में विपक्षी दलों में यह शिकायत गहराती चली गई है कि संसद के दोनों सदनों के पीठासीन अधिकारियों के लिए सत्ताधारी दल की प्राथमिकताएं संसदीय मर्यादा से...

  • स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव

    नई दिल्ली। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को नहीं बोलने देने, आठ सांसदों को निलंबित करने और विपक्ष की महिला सांसदों पर सदन में प्रधानमंत्री के खिलाफ कुछ करने की साजिश के आरोपों पर विवाद बढ़ गया है। विपक्षी पार्टियों ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश कर दिया है। स्पीकर ने लोकसभा सचिवालय को इसकी जांच करने को कहा है। बताया जा रहा है कि इस पर 120 सांसदों के दस्तखत हैं। जानकार सूत्रों का कहना है कि अब स्पीकर ने सदन में नहीं जाने का फैसला किया है।...

  • अविश्वास प्रस्ताव पर एक राय नहीं

    नई दिल्ली। विपक्षी पार्टियां लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने पर विचार कर रही हैं। हालांकि विपक्ष के अंदर इस पर सहमति नहीं है। सोमवार की सुबह जब प्रश्नकाल स्थगित हुआ तो विपक्ष की ओर से इसके संकेत दिए गए। सूत्रों के हवाले से खबर आई कि विपक्ष अविश्वास प्रस्ताव लाना चाहता है। ध्यान रहे पिछले साल विपक्षी पार्टियों ने राज्यसभा के तत्कालीन सभापति जगदीप धनखड़ के खिलाफ ऐसा ही प्रस्ताव लाने की बात कही थी। गौरतलब है कि अविश्वास प्रस्ताव के लिए 50 सांसदों के समर्थन की जरुरत होती है। इसके लिए 14 दिन पहले नोटिस...

  • अविश्वास प्रस्ताव का क्या होगा?

    jagdeep dhankhar: पिछले साल लोकसभा में उम्मीद से ज्यादा सीटें हासिल करके मजबूत हुईं विपक्षी पार्टियों ने पिछले दो सत्रों में उप राष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था। पिछले साल मॉनसून सत्र में अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया और फिर शीतकालीन सत्र में अविश्वास प्रस्ताव लाया गया। नियम के मुताबिक 50 से ज्यादा सांसदों के दस्तखत के साथ राज्यसभा के महासचिव को अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस सौंपा गया था।(jagdeep dhankhar) लेकिन सत्र के आखिरी दिन उसे खारिज कर दिया गया। तकनीकी रूप से राज्यसभा के सभापति के खिलाफ पेश अविश्वास प्रस्ताव पर...

  • भारी हंगामे के बीच राज्यसभा की कार्यवाही 16 दिसंबर तक स्थगित

    Rajya Sabha:  संसद के ऊपरी सदन राज्यसभा (Rajya Sabha) की कार्यवाही 16 दिसंबर तक स्थगित कर दी गई है। राज्यसभा में अविश्वास प्रस्ताव (No Confidence Motion) पर जमकर हंगामा देखने को मिला। राज्यसभा में सभापति धनखड़ और खड़गे के बीच जमकर बहस हुई। सभापति जगदीप धनखड़ (Jagdeep Dhankhar) ने कहा मैं किसान का बेटा हूं, झुकता नहीं हूं। विपक्ष ने संविधान की धज्जियां उड़ाई हैं। मैंने बहुत कुछ बर्दाश्त किया है। मैं मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) जी की इज्जत करता हूं। मैंने कभी सम्मान देने में कोई कमी नहीं रखी। मैं देश के लिए मर जाऊंगा, मिट जाऊंगा। आप मुझसे...

  • अविश्वास प्रस्ताव के जरिए विपक्ष मुद्दों से ध्यान भटका रहा है: जेपी नड्डा

    नई दिल्ली। राज्यसभा में सत्तापक्ष के नेता जे.पी. नड्डा (JP Nadda) ने बुधवार को सदन में कहा कि उनके सदस्य लगातार यह बात उठा रहे हैं कि जॉर्ज सोरोस और सोनिया गांधी का क्या संबंध है। यह देश की संप्रभुता पर भी प्रश्नवाचक चिह्न है। यह देश की आंतरिक और बाह्य सुरक्षा से जुड़ा सवाल है। प्रमुख विपक्षी दल और जॉर्ज सोरोस के बीच संबंधों पर चर्चा होनी चाहिए। भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने कहा कि विपक्ष ने मुद्दे को भटकाने का प्रयास किया है। विपक्ष ने सभापति पर आरोप लगाकर अविश्वास प्रस्ताव लाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि...

  • राज्यसभा सभापति जगदीप धनखड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव

    Jagdeep Dhankhar: राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ (Jagdeep Dhankhar) के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के मुद्दे पर बुधवार को इंडिया ब्लॉक के अधिकांश घटक दल एक साथ दिल्ली में एक मंच पर आए। विपक्ष के करीब 60 सदस्यों ने राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया है। विपक्षी दलों की ओर से बोलते हुए राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि पूर्व में सभी सभापति नियमों के अनुसार कार्य करते रहे हैं। लेकिन, आज सदन में नियम कम और राजनीति ज्यादा हो रही है। सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने कहा था कि मैं...

  • ‘इंडिया’ पर बरसे मोदी!

    नई दिल्ली। 17 वीं लोकसभा में मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष के आखिरी अविश्वास प्रस्ताव में गुरूवार को कई कीर्तिमान बने। प्रस्ताव की बहस के आखिर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कोई 1 घंटे 31 मिनट तक सुनने के बाद मणिपुर पर कुछ नहीं बोलने की बात कह विपक्ष ने सदन से वाकआउट किया। ध्यान रहे विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव मणिपुर के हालातों, नूंहू हिंसा, बेरोजगारी, महंगाई आदि मसलों को ले कर था। प्रधानमंत्री ने विपक्ष केवॉकआउट के बाद मणिपुर पर बोलना शुरू किया। प्रधानमंत्री के भाषण के बाद सदन ने अविश्वास प्रस्ताव को ध्वनि मत से खारिज किया। उसके...

  • अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा शुरू

    नई दिल्ली। विपक्ष की ओर से नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ पेश किए गए अविश्वास प्रस्ताव पर आखिरकार चर्चा शुरू हो गई। विपक्ष की ओर से कांग्रेस के गौरव गोगोई ने 26 जुलाई को अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था, जिस पर 13 दिन के बाद चर्चा शुरू हुई है। मंगलवार को गौरव गोगोई ने ही चर्चा की शुरुआत की और केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने मणिपुर का मुद्दा उठाया और कहा कि इस अविश्वास प्रस्ताव का मकसद प्रधानमंत्री का मौनव्रत तोड़ना है। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि प्रधानमंत्री को मणिपुर पर बोलने में 80 दिन क्यों लग गए?...

  • अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा : भाजपा की तरफ से बोलेंगे अमित शाह

    Amit Shah :- विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर लोकसभा में चर्चा की शुरुआत हो चुकी है। विपक्ष की तरफ से पहले वक्ता के तौर पर बोलते हुए कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। वहीं, भाजपा की तरफ से पहले वक्ता के तौर पर बोलते हुए पार्टी सांसद निशिकांत दुबे ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर सीधे हमला बोलते हुए उनके गठबंधन में शामिल अन्य दलों की भी आलोचना की। सूत्रों के मुताबिक, अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सदन में भाषण देने के लिए भाजपा ने देश के सभी क्षेत्रों से अपने...

  • अविश्वास प्रस्ताव पर आठ अगस्त से चर्चा

    नई दिल्ली। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष की ओर से पेश किए गए अविश्वास प्रस्ताव पर इस हफ्ते भी चर्चा नहीं होगी। इस पर अगले हफ्ते चर्चा शुरू होगी। बताया गया है कि मणिपुर मुद्दे को लेकर विपक्ष की ओर से पेश अविश्वास प्रस्ताव पर आठ से 10 अगस्त तक बहस होगी और 10 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पर जवाब दे सकते हैं। यह फैसला लोकसभा की कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में किया गया। विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के घटक दलों ने तुरंत चर्चा न होने से नाराज होकर बैठक से वॉकआउट किया। इस बीच...

  • अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा नहीं होना संसद का अपमान: कांग्रेस

    no-confidence motion:- कांग्रेस ने सोमवार को आरोप लगाया कि सरकार लोकसभा में विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा नहीं करा रही है जो संसद का अपमान है। लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने यह भी कहा कि सरकार को सबसे पहले अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा करानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सत्तापक्ष के सांसदों को भी हिंसा प्रभावित मणिपुर का दौरा करना चाहिए और वहां की जमीनी स्थिति को समझना चाहिए। इसे भी पढ़ेः लोकसभा की कार्यवाही आज भी बाधित चौधरी ने संवाददाताओं से कहा, हमने इस सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है...

  • अविश्वास प्रस्ताव पर अगले हफ्ते चर्चा

    नई दिल्ली। विपक्षी पार्टियों की ओर से केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ पेश किए गए अविश्वास प्रस्ताव पर अगले हफ्ते चर्चा होगी। अगले हफ्ते किस दिन चर्चा होगी इसका फैसला सोमवार को होगा। जानकार सूत्रों के मुताबिक सभी पार्टियों से बात करके लोकसभा स्पीकर चर्चा का दिन तय करेंगे। इस बीच मानसून सत्र के दूसरे हफ्ते के आखिरी दिन यानी शुक्रवार को भी संसद में गतिरोध बना रहा। मणिपुर के मसले पर चर्चा की मांग लेकर विपक्षी पार्टिंयों ने हंगामा किया। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लंबित होने के बावजूद सरकार विधायी...

  • मोदी के लिए अविश्वास प्रस्ताव मौका

    ऐसा लग रहा है कि विपक्षी पार्टियां अपने बनाए इस नैरेटिव पर सचमुच विश्वास करने लगी हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद में बोलने से डर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के बारे में और बहुत सी बातें सही हो सकती हैं लेकिन यह बात कतई सही नहीं है कि वे कहीं भी बोलने से डरते हैं। बोलना तो उनकी आदत में शुमार है और संसद तो उनके लिए खेल का मैदान है। संसद में दिया गया उनका हर भाषण राजनीतिक भाषण होता है, जिसमें वे पूरे देश के लोगों और खास कर अपने समर्थकों को संबोधित करते हैं। हां, यह...

  • ठीक पांच साल बाद अविश्वास प्रस्ताव

    विपक्षी पार्टियां ठीक पांच साल के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आई हैं। यह बहुत दिलचस्प संयोग है कि पांच साल पहले 2018 में भी जुलाई में ही यानी मानसून सत्र में ही विपक्षी पार्टियां मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आई थीं। तेलुगू देशम पार्टी ने अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था, जिसका कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, सपा, राजद, लेफ्ट आदि पार्टियों  ने समर्थन किया था। बीजू जनता दल ने वाकआउट किया था। विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ 325 वोट पड़े थे और पक्ष में 126 वोट मिले थे। इस तरह मोदी सरकार...

  • मणिपुर हिंसा पर विपक्ष का लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पेश

    No Confidence Motion:- संसद में जारी गतिरोध के बीच बुधवार को लोकसभा में मणिपुर हिंसा पर सरकार के खिलाफ कांग्रेस द्वारा लाये गये अविश्वास प्रस्ताव को मंजूरी मिल गयी जिस पर चर्चा की तिथि बाद में तय की जाएगी। सदन में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई द्वारा पेश इस प्रस्ताव को लोकसभा ने चर्चा के लिए स्वीकृति प्रदान की। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि वह सभी दलों के नेताओं से बातचीत करके इस पर चर्चा की तिथि के बारे में अवगत कराएंगे। लोकसभा में शून्यकाल के दौरान बिरला ने कहा, मुझे सदन को सूचित करना है कि...

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