गलत मौके पर सही कार्रवाई ?

चुनावों के दौरान सत्तारुढ़ और विपक्षी दलों के बीच भयंकर कटुता का माहौल तो अक्सर हो ही जाता है लेकिन इधर पिछले कुछ वर्षों में हमारी राजनीति का स्तर काफी नीचे गिरता नजर आ रहा है। केंद्र सरकार के आयकर-विभाग ने तृणमूल कांग्रेस के नेताओं पर छापे मार दिए हैं और उनमें से कुछ को गिरफ्तार भी कर लिया है। तृणमूल के ये नेतागण शारदा घोटाले में पहले ही कुख्यात हो चुके थे। इन पर मुकदमे भी चल रहे हैं और इन्हें पार्टी-निकाला भी दे दिया गया था लेकिन चुनावों के दौरान इनको लेकर खबरें उछलवाने का उद्देश्य क्या है ? क्या यह नहीं कि अपने विरोधियों को जैस-तैसे भी बदनाम करवाकर चुनाव में हरवाना है ? यह पैंतरा सिर्फ बंगाल में ही नहीं मारा जा रहा है, कई अन्य प्रदेशों में भी इसे आजमाया गया है। अपने विरोधियों को तंग और बदनाम करने के लिए सीबीआई और आयकर विभाग को डटा दिया जाता है। इसके कई उदाहरण हमारे सामने हैं। बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे की पत्नी रुचिरा बेनर्जी और उनके दूसरे कुछ रिश्तेदारों से एक कोयला-घोटाले के बारे में पूछताछ चल रही है और चिट-फंड के मामले में दो अन्य मंत्रियों के नाम बार-बार प्रचारित किए… Continue reading गलत मौके पर सही कार्रवाई ?

प्रधानमंत्री का विपक्षी नेताओं से सद्भाव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छवि चमकाने के लिए जैसे वैक्सीन डिप्लोमेसी कर रहे हैं वैसे ही विपक्ष के प्रति सद्भाव दिखाने की मेडिकल डिप्लोमेसी भी की है।

भाजपा नफरत भरे भाषणों के लिए जिम्मेदार नहीं: तिवारी

भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) के दिल्ली अध्यक्ष व उत्तर-पूर्वी दिल्ली से सांसद मनोज तिवारी ने आज विपक्षी नेताओं पर नफरत भरे भाषणों के लिए सिर्फ भाजपा को जिम्मेदार ठहराने के लिए निशाना साधते हुए

विपक्षी नेताओं की सुरक्षा घटाने की राजनीति

खबर है कि केंद्र सरकार ने एनसीपी के नेता, पूर्व केंद्रीय मंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री शरद पवार की सुरक्षा घटा दी है। उनको दिल्ली में वाई श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई थी पर कहा जा रहा है कि उनको बिना बताए इसमें कटौती कर दी गई।

हेमंत सोरेन पर विपक्ष का गोवर्धन!

हेमंत सोरेन ने शायद ही कभी सोचा होगा कि वे चुनाव जीत कर मुख्यमंत्री बनेंगे तो उनके कंधों पर उम्मीदों का इतना बड़ा पहाड़ लाद दिया जाएगा। चुनाव लड़ते हुए उन्होंने यह भी नहीं सोचा होगा कि उनकी जीत को नरेंद्र मोदी और अमित शाह की हार के रूप में प्रचारित किया जाएगा या इससे यह निष्कर्ष निकलेगा कि नागरिकता कानून सहित भाजपा के उठाए तमाम भावनात्मक मुद्दे बेअसर हो गए। वे तो बिल्कुल स्थानीय मुद्दों पर चुनाव लड़े थे पर उनकी जीत को सोशल मीडिया के सेकुलर रणबांकुरों ने पूरे देश में भाजपा की कथित विभाजनकारी नीतियों की हार का प्रतीक बना दिया। हकीकत यह है कि चुनाव के बाद झारखंड के नतीजों की जैसी बौद्धिक व्याख्याएं हुईं हैं और जितने निष्कर्ष निकाले गए हैं, उनमें से किसी निष्कर्ष के बारे में कम से कम चुनाव से पहले तो किसी ने नहीं सोचा था। चुनाव के बाद हेमंत सोरेन की जीत और उनकी शपथ को विपक्षी एकता का प्रतीक भी बना दिया गया है। इससे उनके ऊपर एक और बड़ी जिम्मेदारी आ गई है। इसकी वजह से उनके ऊपर वैचारिक रूप से झारखंड में ऐसी राजनीति करने का दबाव होगा, जो अनिवार्य रूप से भाजपा की राजनीति का विलोम… Continue reading हेमंत सोरेन पर विपक्ष का गोवर्धन!

हेमंत की शपथ में शक्ति प्रदर्शन

रांची। झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने रविवार को राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। वे राज्य के 11वें मुख्यमंत्री बने हैं। उन्होंने दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके शपथ ग्रहण समारोह में विपक्षी पार्टियों ने अपना शक्ति प्रदर्शन किया। तीन राज्यों के मुख्यमंत्री इस समारोह में शामिल हुए और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी सहित लेफ्ट पार्टियों के नेताओं ने भी शपथ समारोह में शिरकत की। गौरतलब है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस और राजद ने गठबंधन बना कर चुनाव लड़ा था। इन तीनो पार्टियों के प्रतिनिधि सरकार में शामिल हुए हैं। राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ तीन और मंत्रियों को शपथ दिलाई। तीन में से दो मंत्री कांग्रेस कोटे से हैं और एक राष्ट्रीय जनता दल से। हेमंत सोरेन ने अपनी पार्टी से अभी किसी को मंत्री नहीं बनाया है। कांग्रेस कोटे से कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रामेश्वर उरांव ने मंत्री पद की शपथ ली। राजद के इकलौते विधायक सत्यानंद भोक्ता भी मंत्री बने हैं। झारखंड में मुख्यमंत्री सहित 12 मंत्री हो सकते हैं। बाकी मंत्रियों की शपथ मकर संक्रांति के बाद होगी। हेमंत सोरेन के शपथ ग्रहण… Continue reading हेमंत की शपथ में शक्ति प्रदर्शन

यूरोपीय संघ के सांसदों की कश्मीर यात्रा देश  के लिए खतरनाक :माकपा

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने यूरोपीय संघ के सांसदों की कश्मीर यात्रा को देश की संप्रभुता के लिए खतरनाक बताते हुए इसकी आलोचना की है। पार्टी पोलित ब्यूरो ने आज यहां जारी एक बयान में कहा है कि एक तरफ तो मोदी सरकार अपने ही देश के सांसदों और विपक्षी नेताओं को कश्मीर नहीं जाने दे रही है

विपक्ष को ‘देशद्रोही’ कहने पर येचुरी ने मोदी और शाह की आलोचना की

माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने जम्मू एवं कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को हटाने के खिलाफ आवाज उठाने पर विपक्षी नेताओं को ‘देशद्रोही’ और उनके समर्थकों को ‘आतंकवादी’ कहने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की आलोचना की है।

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