तीसरा मोर्चा बना तो क्या करेंगे पीके?

भाजपा और कांग्रेस से मुकाबले के लिए एक तीसरा मोर्चा बन रहा है। इस बात का अंदाजा दूसरे मोर्चे का नेतृत्व कर रही कांग्रेस पार्टी को है।

कांग्रेस और पीके की बात क्यों बिगड़ी?

कांग्रेस का प्रस्ताव ठुकराते हुए आगे लिखा कि कांग्रेस को उनकी जरूरत नहीं है, बल्कि नेतृत्व और सामूहिक इच्छाशक्ति की जरूरत है ताकि उसकी गहरी संरचनागत खामियों को दुरुस्त किया जा सके।

पीके की ओवर स्मार्टनेस या कांग्रेस की नासमझी?

तो मुकाबला बराबरी का छूटा। न कांग्रेस हारी ने पीके जीते। कांग्रेस ने कहा आइए, संभालिए! पीके ने कहा नौ थैंक्यू वैरी मच !

कांग्रेस में नहीं शामिल होंगे पीके

प्रशांत किशोर ने खुद ट्विट करके बताया है कि उन्होंने कांग्रेस में शामिल होने और इम्पावर्ड एक्शन ग्रुप यानी ईएजी का हिस्सा बनने के कांग्रेस के प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया है।

पीके के प्रेजेंटेशन पर फैसला करने वाले लोग

प्रशांत किशोर के प्रेजेंटेशन पर विचार करने और फैसला करने वाले जितने लोग हैं उनमें से में दो-तीन को छोड़ कर बाकी सब चुनाव हारे हुए हैं या दशकों से चुनाव नहीं लड़े हैं

पीके की कंपनी का टीआरएस से करार

टीआरएस के लिए चुनाव प्रबंधन का काम करने को लेकर पिछले दिनों प्रशांत किशोर की तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव से मुलाकात हुई थी।

पीके से दूर रखे गए जी-23 के नेता

प्रशांत किशोर को आगे के चुनावों के बारे में प्रेजेंटेशन देने और कांग्रेस की रणनीति पार काम करने के लिए आमंत्रित किया तो उसमें जी-23 के नेताओं को नहीं बुलाया गया।

कांग्रेस नेताओं से पीके की फिर बैठक

पिछले चार दिन में कांग्रेस आलाकमान और पार्टी के अन्य बड़े नेताओं के साथ चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर की तीन बार बैठक हुई है।

पीके के सारे क्लायंट साथ आएंगे?

सबसे पहला सवाल यह होगा कि क्या उन्होंने जितनी विपक्षी पार्टियों के साथ काम किया है वे सब उनके साथ आएंगे? क्या वे सभी विपक्षी पार्टियों को एकजुट करके साझा मोर्चा बनवा पाएंगे?

कांग्रेस नेता क्यों घबराए पीके से?

सोनिया और राहुल गांधी की कोटरी के नेता भी घबराए हैं तो ऐसे नेता भी परेशान हैं, जो पार्टी के दूसरे, तीसरे या उससे भी नीचे के रैंक में आते हैं।

प्रशांत किशोर का तिनका और कांग्रेस

प्रशांत किशोर के पास भी 2024 का चुनाव प्रभावी तरीके से लड़ने के लिए फिलहाल कोई विकल्प नहीं है, लेकिन वे कांग्रेस की तरह बेसहारा नहीं हैं।

कांग्रेस के लिए पीके का रोडमैप

चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने कांग्रेस पार्टी के सामने 2024 में वापसी का रोडमैप पेश किया है।

पटेल के चाहने से पीके क्यों जाएंगे गुजरात?

पिछले कई दिनों से चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर के गुजरात में कांग्रेस का चुनाव प्रबंधन संभालने की चर्चा चल रही है।

पीके, ममता का मोदी पर तंज

ममता ने कहा कि भाजपा को दिन में सपने देखने बंद करने चाहिए तो प्रशांत किशोर ने कहा कि 2024 की लड़ाई भारत के लिए होगी।

एक्जिट पोल से सहमत हैं पीके!

चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर मंगलवार को कोलकाता में ममता बनर्जी के साथ बैठे और उसके बाद ममता ने बयान दिया कि केंद्र में भाजपा की सरकार इसलिए चल रही है क्योंकि कोई विकल्प नहीं है।

और लोड करें