थोक महंगाई बढ़ी, मुद्रास्फीति और बढ़ेगी

नई दिल्ली। खुदरा महंगाई के बाद अब थोक महंगाई की दर भी बढ़ गई है। खाने पीने की चीजों की महंगाई बढ़ने से एक महीने में थोक महंगाई की दर सीधे दो फीसदी बढ़ गई है। नवंबर के महीने में थोक महंगाई की दर 0.58 फीसदी थी, जो दिसंबर में बढ़ कर 2.59 फीसदी हो गई है। इससे पहले केंद्रीय सांख्यिकी विभाग ने खुदरा महंगाई दर का आंकड़ा जारी किया था, जो साढ़े पांच साल के सबसे उच्च स्तर पर पहुंच गई है। खुदरा महंगाई का आंकड़ा 5.54 फीसदी से बढ़  कर 7.35 फीसदी हो गई है। इस बीच भारतीय स्टेट बैंक की शोध इकाई की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि सब्जियों के दाम बढ़ने से जनवरी में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक, सीपीआई पर आधारित महंगाई दर आठ फीसदी से ऊपर जा सकती है लेकिन उसके बाद इसके नरम पड़ने की उम्मीद है। एसबीआई रिसर्च की रिपोर्ट इकोरैप में यह भी कहा गया है कि मार्च तक खुदरा मुद्रास्फीति सात फीसदी से ऊपर बनी रह सकती है और इसे देखते हुए आरबीआई नीतिगत ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला कर सकती है। मंगलवार को जारी एसबीआई की रिपोर्ट में कहा गया है- अगर खाने पीने की… Continue reading थोक महंगाई बढ़ी, मुद्रास्फीति और बढ़ेगी

महंगाई साढ़े पांच साल में सबसे ज्यादा

सब्जियों और दालों की आसमान छूती कीमतों के बीच दिसंबर 2019 में खुदरा महँगाई दर साढ़े पाँच साल के उच्चतम स्तर 7.35 प्रतिशत पर पहुँच गयी

खुदरा महंगाई और बढ़ी

नई दिल्ली। देश में आर्थिक मंदी की खबरों के बीच सरकार को मुश्किल में डालने वाले नए आंकड़ा आए हैं। सरकार के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक खुदरा महंगाई दर नवंबर में 5.54 फीसदी पहुंच गई है। यह पिछले तीन साल में सबसे ज्यादा है। इससे अधिक 6.07 फीसदी महंगाई जुलाई 2016 में थी। अक्टूबर में यह 4.62 फीसदी रही थी। यानी महंगाई दर लगातार दूसरे महीने आरबीआई के मध्यम अवधि लक्ष्य यानी चार फीसदी से अधिक रही। इससे पहले रिजर्व बैंक मौद्रिक नीति की समीक्षा में ब्याज दरें तय करते वक्त खुदरा महंगाई दर को ध्यान में रखता है। इस दर में लगातार चौथे महीने बढ़ोतरी हुई है। सांख्यिकी कार्यालय ने गुरुवार को आंकड़े जारी किए। खाने पीने की वस्तुओं की कीमतें बढ़ने से खुदरा महंगाई दर ज्यादा प्रभावित हुई। खाने पीने की महंगाई दर नवंबर में 10.01 फीसदी रही। अक्टूबर में यह 7.89 फीसदी थी। सांख्यिकी विभाग ने औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े भी जारी किए। इसमें लगातार तीसरे महीने कमी आई। इंडेक्स ऑफ इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन, आईआईपी में सितंबर में 4.3 फीसदी और अगस्त में 1.1 फीसदी गिरावट आई थी। पावर, माइनिंग और निर्माण सेक्टर की गतिविधियों में सुस्ती की वजह से इंडेक्स ज्यादा प्रभावित हुआ। आईआईपी का किसी भी… Continue reading खुदरा महंगाई और बढ़ी

और लोड करें