यह भगवा सनातन का नहीं, मोदी-संघ-सत्ता का है!
1925 का दशहरा और स्थान नागपुर। तब लोगों की निगाहों में मोहिते बाड़ा का खंडहर भूतहा था। पर डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के पास और कोई जगह नहीं थी। सो, वहीं भगवा झंडा खड़ा कर उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ नामक संगठन की पहली शाखा लगाई। वह अभिशप्त जगह थी। लेकिन न वहां के भाऊजी कावरे को भूतों का भय था और न उजड़े आंगन के श्राप पर विश्वास। तभी 20-25 लड़कों की उस पहली शाखा ने सनातन धर्म के गेरूआ ध्वज के मायने समझने की शायद जरूरत न समझी। संघ मुखपत्र ‘ऑर्गेनाइजर’ ने संघ के सौ सालों के बखान में...