बद से बदतर हालात
बांग्लादेश सरकार ने शेख हसीना (sheikh hasina)की पार्टी को प्रतिबंधित कर दिया है। अवामी लीग पर प्रतिबंध आतंकवाद- विरोधी कानून के तहत लगाया गया है। दमनात्मक कानूनी उपायों से किसी पार्टी को रोकने की ऐसी कोशिशें सिरे से अलोकतांत्रिक हैं। नौ महीने पहले बांग्लादेश में हुए छात्र आंदोलन को लोकतंत्र बहाली का आंदोलन कहा गया। इल्जाम था कि धोखाधड़ी से आम चुनाव कराते हुए तत्कालीन शेख हसीना सरकार लगातार चौथी बार सत्ता पर काबिज हुई है। पिछले पांच अगस्त को शेख हसीना (sheikh hasina) देश छोड़ कर भाग गईं। तब से मोहम्मद युनूस के नेतृत्व में बनी कार्यवाहक सरकार वहां...