Sheikh Hasina: बांग्लादेश की एक अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना (Sheikh Hasina) के खिलाफ दूसरा गिरफ्तारी वारंट जारी किया।
इस बार वारंट जबरन गायब किए गए लोगों के मामले में उनकी कथित भूमिका के लिए जारी किया गया। 77 वर्षीय हसीना के खिलाफ मानवता के विरुद्ध अपराध के आरोप में एक गिरफ्तारी वारंट पहले ही जारी हो चुका है।
हसीना को पिछले साल अगस्त में छात्र आंदोलन से उभरे आक्रोश के बाद सत्ता छोड़कर भारत भागना पड़ा था। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक घरेलू अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (आईसीटी) के मुख्य अभियोजक ताजुल इस्लाम ने कहा कि दूसरा वारंट उनके शासन के दौरान जबरन गायब किये गए लोगों से संबंधित है।
आरोप है कि बांग्लादेशी सुरक्षाकर्मियों ने कथित तौर पर 500 से अधिक लोगों का अपहरण किया, जिनमें से कुछ को कई सालों तक गुप्त ठिकानों पर हिरासत में रखा गया।
इस्लाम ने कहा अदालत ने शेख हसीना और उनके सैन्य सलाहकार, सैन्य कर्मियों और अन्य कानून प्रवर्तन अधिकारियों सहित 11 अन्य के खिलाफ वारंट जारी किया है।
Also Read : प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री आतिशी के निकले आंसू
अंतरिम सरकार ने हसीना के प्रत्यर्पण और मुकदमे को बड़ा मुद्दा बना रही है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मुख्य सलाहकार के प्रेस सचिव शफीकुल आलम (Shafiqul Alam) ने रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जोर देकर कहा कि हसीना को ‘मानवता के खिलाफ अपराधों’ के लिए न्याय का सामना करना चाहिए।
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने हाल ही में भारत सरकार को एक राजनयिक नोट भेजकर, देश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग की है।
अंतरिम सरकार के विदेश मामलों के सलाहकार तौहीद हुसैन ने 23 दिसंबर को ढाका में कहा हमने भारत को सूचित किया है और न्यायिक उद्देश्यों के लिए शेख हसीना की वापसी का अनुरोध किया है। यह एक नोट वर्बेल (राजनयिक नोट) के माध्यम से संप्रेषित किया गया है।
Leave a comment
You must be logged in to post a comment.
Image Source: ANI


