trade agreement

  • संदेश नाकारात्मक है

    जिस समय मुक्त व्यापार समझौते के लिए भारत से वार्ता अंतिम दौर में है और इसी हफ्ते उसकी घोषणा की आशा है, जीएसपी के तहत मिली छूट की सुविधा हटाने के ईयू के कदम से नकारात्मक संदेश गया है। भारतीय उत्पादों से सामान्यीकृत प्राथमिकता प्रणाली (जीएसपी) के तहत मिली छूट को हटा लेने के यूरोपियन यूनियन (ईयू) के फैसले पर केंद्र ने कहा है कि भारतीय निर्यात पर इसका ज्यादा असर नहीं होगा। सरकार का दावा है कि इससे भारत के सिर्फ 2.66 प्रतिशत निर्यात प्रभावित होंगे। जबकि ईयू मुख्यालय से आई खबरों में बताया गया है कि जीएसपी छूट...

  • सिर्फ दस घंटे, भारत मार सकता है छलांग!

    अमेरिका से यूरोप का बिदकना भारत का स्वर्णिम अवसर है। विश्व राजनीति में नई सोच, नई ताकत के लिए नए गठजोड, नए बाजार, नए साझेदार के अवसर हैं। इसमें 150 करोड़ लोगों के भारत बाजार के लिए मौके ही मौके हैं। आवश्यकता सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक्शन के दस घंटों की है। वे अफसरशाही, डोवाल-जयशंकर के घेरों से बाहर निकलें और जैसे 24 जुलाई 1991 के दिन प्रधानमंत्री पीवी नरसिंह राव ने सुबह आठ बजे से शाम को आठ बजे के दस घंटों में भारत की आर्थिकी को बदला वैसा ही कमाल कर दिखाएं। नरसिंह राव ने दस घंटों...

  • यूरोप के साथ व्यापार संधि

    इस साल गणतंत्र दिवस के मौके पर यूरोपीय संघ के दो शीर्ष नेता या पदाधिकारी मुख्य अतिथि है। यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो लुईस सैंटोस दा कोस्टा और यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लियेन मुख्य अतिथि हैं। 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस की परेड के अगले दिन 27 जनवरी को बताया जा रहा है कि दोनों के बीच व्यापार संधि हो सकती है। यह भारत की स्वतंत्र व व्यापार नीति के लिए बड़ी उपलब्धि होगी। ध्यान रहे भारत पहले ही ब्रिटेन के साथ व्यापार संधि कर चुका है और ब्रिटेन व यूरोपीय संघ से इतर...

  • न्यूजीलैंड से हुआ व्यापार समझौता

    नई दिल्ली। न्यूजीलैंड के साथ पिछले 10 साल से अटकी मुक्त व्यापार संधि हो गई है। सोमवार को इस संधि की घोषणा की गई। इसके बाद न्यूजीलैंड से भारत आने वाली वस्तुओं की कीमत में बड़ी कमी आएगी, जिसका लाभ भारत के लोगों के मिलेगा। न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने सोमवार को मुक्त व्यापार संधि यानी एफटीए की घोषणा की। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इस संधि की बारीकियां मीडिया से साझा कीं। इससे पहले लक्सन ने कहा कि इस संधि से उनके निर्यातकों के लिए दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाले बाजार तक पहुंचना आसान हो जाएगा। इस...

  • व्यापार संधि में कृषि व डेयरी सेक्टर की बाधा

    भारत और अमेरिका के बीच व्यापार संधि की वार्ता काफी आगे बढ़ने के बाद थम सी गई है और इसका कारण कृषि और डेयरी उत्पादों के लिए भारत का बाजार खोलने या आयात शुल्क कम करने का अमेरिका का दबाव है। एक तरफ अमेरिका अपने जेनेटिकली मोडिफाइड यानी जीएम फूड्स के लिए भारत का बाजार चाहता है तो दूसरी ओर भारत के कृषि संगठन और कृषि उत्पादों के कारोबारी पूरी ताकत से इसका विरोध कर रहे हैं। भारत सरकार को भी पता है कि अगर अमेरिकी कृषि व डेयरी उत्पादों के लिए भारत का बाजार पूरी तरह से खुला या...

  • राह में आई रुकावटें

    अमेरिका ने साफ कर दिया है कि उसने आखिरी प्रारूप रख दिया है। अब भारत को फैसला करना है कि वह उसे स्वीकार है या नहीं। अगर स्वीकार नहीं है, तो नौ जुलाई से उस पर 26 फीसदी टैरिफ लग जाएगा। अमेरिकी टीम पिछले भारत आई, तो चर्चा थी कि इस यात्रा के दौरान द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) का पहला चरण संपन्न हो जाएगा। अमेरिका के सहायक व्यापार प्रतिनिधि ब्रेंडेन लिंच के नेतृत्व में ये टीम दो रोज के लिए भारत आई। बात आगे नहीं बढ़ी, तो वार्ता दो दिन और बढ़ा दी गई। मगर मंगलवार को जब बातचीत पूरी...

  • अमेरिका से व्यापार समझौता: कैसे सधेंगे भारत के हित?

    भारत ने ट्रंप प्रशासन की शर्तों को मानते हुए करार किया, तो उससे भी अधिकतम यही होगा कि भारत के बड़े पूंजीपतियों के लिए अमेरिकी बाजार की खिड़कियां खुली रहेंगी। मगर अमेरिका ऐसी कठिन शर्तें लगा रहा है, जिसे अगर नरेंद्र मोदी सरकार ने माना, तो भारत की अंदरूनी अर्थव्यवस्था के बहुत सारे हिस्से डगमगा जाएंगे। ट्रंप प्रशासन चाहता है कि भारतीय कृषि को जो संरक्षण हासिल है, वह समाप्त हो और अमेरिकी कृषि उत्पाद विक्रेता कंपनियों के लिए भारतीय बाजार पूरी तरह खुल जाए।  अमेरिका के उप-राष्ट्रपति जेडी वांस की नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात में...

  • समझौते में संभल के

    “आत्म-सम्मान” की सारी भावना अमेरिका का संदर्भ आते ही कहीं हवा हो जाती है। जबकि अब तक यह गहरा अहसास हो चुका है कि अमेरिका से बीटीए के लिए चल रही वार्ता में देश के बुनियादी हित भी दांव पर लग गए हैँ। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने दो टूक कहा है कि “यूरोपियन यूनियन (ईयू) द्विपक्षीय वार्ता में गैर-व्यापार एजेंडा थोपना नहीं छोड़ता, तो आत्म-सम्मान रखने वाला कोई देश उससे मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) नहीं कर सकता।” यह बयान संकेत है कि ईयू के साथ एफटीए की भारत की वार्ता में कार्बन टैक्स एवं वन संरक्षण विनियमन जैसे गैर-व्यापार...

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