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सीएम योगी ने कहा- पीड़ित अगर हिंदू है, तो उससे मिलना गुनाह नहीं….

पिछली सरकार में प्रताड़ित कर पेशेवर अपराधियों ने पलायन के लिए मजबूर कर दिया था. सरकार के अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की..

Uttar Pradesh : हिंदू समाज की महिलाओं के खिलाफ सपा नेता ने की अभद्र टिप्पणी, गिऱफ्तारी के बाद BJP बोली- ना भूलें UP में य़ोगी राज है…

अदनान खान ने सोशल मीडिया में पोस्ट डाला था जिसके जरिए हिंदू समाज की महिलाओं के खिलाफ अदनान ने अभद्र…

उप्र सरकार के कारण निवेश बढ़ा: अनुप्रिया

केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्यमंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की दृढ़ इच्छा शक्ति,बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं के कारण प्रदेश में निवेश बढ़ा।

UP की राजनीति में उबाल! जितेन्द्र सिंह बबलू को BJP ने दिखाया बाहर का रास्ता, 4 अगस्त को ही पार्टी में हुए थे शामिल

लखनऊ |  BJP Expels Jitendra Singh Bablu: उत्तर प्रदेश की राजनीति में आज भाजपा की ओर से एक बहुत बड़ा फैसला लिया गया है। जिसमें नेता जितेन्द्र सिंह बबलू (Jitendra Singh Bablu) को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। 4 अगस्त को ही जितेन्द्र सिंह भाजपा में शामिल हुए थे। भाजपा के कई नेता जितेन्द्र सिंह बबलू को पार्टी में लाए जाने से काफी नाराज चल रहे थे। जिसके बाद पार्टी ने इतना बड़ा कदम उठाया है। ये भी पढ़ें :- धारा 370 और 35a हटने के बाद अबतक कितने लोगों ने कश्मीर में खरीदी जमीन, संख्या जान आप भी हो जाएंगे हैरान… Jitendra Singh Bablu हाल ही में भाजपा में शामिल हुए थे, लेकिन पार्टी में उनकी एंट्री अच्छी नहीं रही और उनसे कई भाजपा नेता नाराज दिखाई दिए। जितेन्द्र सिंह हमेशा से ही विवादों में घिरे रहे हैं। भाजपा की रीता बहुगुणा जोशी (Rita Bahuguna Joshi) का घर जलाने का आरोप भी जितेन्द्र सिंह बबलू पर है। ये भी पढ़ें :- Punjab में Corona का बच्चों पर हमला! स्कूल खुलते ही 20 बच्चे हुए कोरोना संक्रमित, मचा हड़कंप Jitendra Singh के भाजपा में शामिल होने पर भाजपा की रीता जोशी बहुगुणा ने काफी नाराज़गी जताई थी और… Continue reading UP की राजनीति में उबाल! जितेन्द्र सिंह बबलू को BJP ने दिखाया बाहर का रास्ता, 4 अगस्त को ही पार्टी में हुए थे शामिल

यूपी में किसान वोट बांटने का खेल

UP Farmers Vote | उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले किसानों का वोट बांटने का खेल शुरू हो गया है। कहने की जरूरत नहीं है कि इस खेल के पीछे कौन है लेकिन एक तीर से दो शिकार करने का प्रयास हो रहा है। इसमें कितनी सफलता मिलेगी, यह नहीं कहा जा सकता है लेकिन प्रयास गंभीरता से हो रहा है। तभी शेखर दीक्षित की अध्यक्षता में एक राष्ट्रीय किसान मंच बनाया गया है। एक ब्राह्मण का किसान राजनीति करना मामूली बात नहीं है। ध्यान रहे इस समय किसान केंद्र व राज्य सरकार दोनों से नाराज हैं तो ब्राह्मण उत्तर प्रदेश सरकार से नाराज हैं। इस दोनों की नाराजगी को आवाज देगा राष्ट्रीय किसान मंच। भागवत का डीएनए बयान गलत, जगद्गुरू राम भद्राचार्य ने की आलोचना इस मंच ने अपना काम शुरू भी कर दिया है। शेखर दीक्षित ने ऐलान किया है कि अगले कुछ दिन में संगठन में एक करोड़ सदस्य जोड़े जाएंगे। उन्होंने यह भी ऐलान किया है कि ये मंच राजनीतिक होगा और इसके सदस्य चुनाव लड़ेंगे। उनका कहना है कि जब तक किसान के प्रतिनिधि खुद संसद और विधानसभाओं में नहीं पहुंचेंगे तब तक किसानों की बात नहीं सुनी जाएगी। उन्होंने भाजपा को भी निशाना… Continue reading यूपी में किसान वोट बांटने का खेल

अब योगी के समर्थन में उतरे मौर्य

लखनऊ | उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ( UttarPradesh Deputy Chief Minister Keshav Prasad Maurya ) का सुर बदल गया है। अब वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ करने लगे हैं। गौरतलब है कि एक दिन पहले मंगलवार को मुख्यमंत्री उनके घर गए थे और उनके घर पर ही पार्टी व संघ के पदाधिकारियों की बैठक हुई थी। इस दौरान योगी आदित्यनाथ ने केशव प्रसाद मौर्य के बेटे और बहू से मुलाकात की और नव दंपति को आशीर्वाद दिया। यह भी पढ़ें: भारत-पाक सेना काबुल जाए? इसके एक दिन बाद बुधवार को केशव प्रसाद मौर्य ने अपने उस बयान से किनारा कर लिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री का चेहरा कौन होगा, यह दिल्ली ही तय करेगा। इस बयान के बाद अटकलें लगाई जा रही थीं कि भाजपा में सब कुछ ठीक नहीं है। इस बीच मुख्यमंत्री मंगलवार को मौर्य के घर पहुंचे, जिसके बाद उनके सुर बदल गए हैं। मौर्य ने कहा है कि वे और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ साथ थे, साथ हैं और साथ रहेंगे। यदि बीच में कोई दीवार आई तो उसे गिरा देंगे। SC on 12Th Board : SC ने 12वीं की परीक्षा के लिए अड़ी आंध्र प्रदेश की… Continue reading अब योगी के समर्थन में उतरे मौर्य

Uttar Pradesh BJP Politics : यूपी भाजपा में दूसरी बाजी शुरू

Uttar Pradesh BJP Politics | उत्तर प्रदेश में चल रहे भाजपा के आंतरिक घमासान में पहली बाजी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जीती है। उन्होंने एके शर्मा को अपनी सरकार में मंत्री नहीं बनाया और मंत्रिमंडल का तत्काल विस्तार करने की संभावना भी टाल दी। उन्होंने अपने हिसाब से राज्य का दौरा किया, कोरोना कंट्रोल करने का काम किया और कहा कि अगले महीने किसी समय मंत्रिमंडल का विस्तार करेंगे। लेकिन उनके पहली बाजी जीतते ही दूसरी बाजी शुरू हो गई। यह बाजी मुख्यमंत्री पद का दावेदार घोषित करने को लेकर है। यह भी पढ़ें: यूपी में कुछ तो गडबड़ है! आमतौर पर यह माना जाता है कि जो मुख्यमंत्री है उसके चेहरे पर ही चुनाव लड़ा जाएगा और वहीं मुख्यमंत्री पद का दावेदार भी होगा। भाजपा ने गुजरात, महाराष्ट्र, झारखंड, हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ आदि राज्यों में इसी तरह चुनाव लड़ा था। सिर्फ एक असम है, जहां इसका अपवाद देखने को मिला। पार्टी ने तत्कालीन मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल के चेहरे पर चुनाव नहीं लड़ा और पार्टी के चुनाव जीतने के बाद हिमंता बिस्वा सरमा को मुख्यमंत्री बनाया। तभी उत्तर प्रदेश के चुनाव के लिहाज से यह अहम माना जा रहा है कि पार्टी योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री का दावेदार… Continue reading Uttar Pradesh BJP Politics : यूपी भाजपा में दूसरी बाजी शुरू

यूपी में कुछ तो गडबड़ है!

Uttar Pradesh BJP News | एक महीने के भीतर भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष लखनऊ के दौरे पर गए और राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ व भाजपा की कोर कमेटी के साथ बैठक की। उनके साथ प्रदेश के प्रभारी राधामोहन सिंह भी थे। राधामोहन सिंह का 20 दिन में यह तीसरा दौरा था। दोनों नेताओं ने दो बार में कई दौर की वार्ता की। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने दिल्ली में वार्ता की। फिर योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली आकर पार्टी के सभी नेताओं से बातचीत की। अब सवाल है कि इतनी मुलाकातों में क्या बातें हो रही हैं? ऐसी कौन सी बात है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक बार कह देने से नहीं सुलझ रही है? क्या योगी सचमुच इतने ताकतवर हो गए हैं कि वे मोदी की बात नहीं मान रहे हैं? या यह पार्टी के अंदर कोई नूराकुश्ती चल रही है? यह भी पढ़ें: आपसी टकराव से नुकसान संभव यह भी पढ़ें: सिद्धू पर डोरे डाल रहे हैं केजरीवाल कोरोना वायरस के प्रबंधन में विफलता से ध्यान हटाने के लिए यह विवाद जान बूझकर खड़ा किया गया हो सकता है। भाजपा के एक केंद्रीय मंत्री ने अनौपचारिक बातचीत में इसका संकेत देते हुए कहा कि… Continue reading यूपी में कुछ तो गडबड़ है!

Uttar Pradesh BJP Situation | आपसी टकराव से नुकसान संभव

Uttar Pradesh BJP Situation | उत्तर प्रदेश भाजपा के नेताओं में आपसी टकराव बहुत बढ़ गया है। भले पार्टी के नेता एक साथ बैठ कर मीटिंग कर रहे हैं लेकिन मनमुटाव बहुत ज्यादा हो गया है। इसका असर चुनाव नतीजों पर होगा। पहले तो टिकट बंटवारे के दौरान ही अपने लोगों को ज्यादा से ज्यादा टिकट दिलाने की होड़ रहेगी उसके बाद सब एक-दूसरे के उम्मीदार को हरवाने की राजनीति करेंगे। भाजपा के जानकार सूत्रों का कहना है कि आलाकमान की ओर से बार बार दूत भेजने का मकसद इसी आशंका को दूर करना है। सोमवार को मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पर कोर कमेटी की बैठक में भी इस मसले पर बातचीत होने की खबर है। टिकट बंटवारे से लेकर चुनाव के मुद्दे और मुख्यमंत्री के चेहरे पर पार्टी आलाकमान की ओर से एक राय बनाने की कोशिश हो रही है। यह भी पढ़ें: सिद्धू पर डोरे डाल रहे हैं केजरीवाल यह भी पढ़ें: केरल में राहुल की तिकड़ी से नाराजगी Uttar Pradesh BJP Situation : पार्टी के कई नेताओं ने इस बात की आशंका जताई है कि उनके खिलाफ भीतरघात हो सकता है। राज्य सरकार के मंत्री और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही 2012 के चुनाव में भितरघात… Continue reading Uttar Pradesh BJP Situation | आपसी टकराव से नुकसान संभव

मौर्य के घर हुई बैठक, योगी भी पहुंचे

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पिछले कई दिनों से चल रही सियासी हलचल में मंगलवार को एक बड़ा मोड़ आया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सरकारी आवास पर सोमवार को हुई कोर कमेटी की बैठक के एक दिन बाद मंगलवार को पार्टी के सारे बड़े नेता उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ( yogi adityanath keshav prasad Maurya ) के घर पहुंचे। चार साल में पहली बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राजधानी लखनऊ में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के सरकारी आवास पर पहुंचे। दोनों के बीच बैठक हुई। इस दौरान संघ के कई बड़े पदाधिकारी और भाजपा नेता भी मौजूद रहे। गौरतलब है कि लंबे समय से दोनों के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा था। योगी और मौर्य के बीच आपसी मनमुटाव कई बार खुलकर भी सामने आ चुका है। एक हफ्ते पहले ही आगरा में एक कार्यक्रम में केशव प्रसाद मौर्य ने कहा था कि उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री का चेहरा दिल्ली से ही तय होगा। मौर्य के अलावा पार्टी के कई और नेताओं ने मुख्यमंत्री का चेहरा पेश किए जाने के मसले पर बयान दे चुके हैं। पार्टी के नेता पिछले करीब एक महीने से विवाद सुलझाने के प्रयास कर रहे हैं। Weather Forecast: Monsoon को लेकर अब आई… Continue reading मौर्य के घर हुई बैठक, योगी भी पहुंचे

Uttar Pradesh Politics 2021 : यह बाजी तो योगी ने जीती है

Uttar Pradesh Politics 2021 | उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले भाजपा के अंदर दबाव की राजनीति की पहली बाजी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जीत ली है। उन्होंने 18 साल तक नरेंद्र मोदी के करीब रहे पूर्व आईएएस अधिकारी एके शर्मा को अपनी सरकार में मंत्री नहीं बनाया। प्रधानमंत्री मोदी चाहते थे कि एके शर्मा योगी सरकार में मंत्री बनें और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ तालमेल बनाते हुए सरकार का कामकाज संभालें। इसका मकसद चुनाव से पहले सरकार के बारे में बन रही निगेटिव धारणा को बदलना था। लेकिन इस बात को योगी ने दूसरे अंदाज में लिया। उनको लगा कि केंद्रीय नेतृत्व उनको कंट्रोल करना चाहता है और सरकार में सीधा हस्तक्षेप बढ़ाने के प्रयास के तौर पर एके शर्मा को भेजा गया है। यह भी पढ़ें: पत्रकारों को राहुल की चिंता योगी को यह भी लगा कि अगर वे इस समय दबाव में झुकते हैं तो टिकटों के बंटवारे से लेकर मुख्यमंत्री पद के दावेदार के तौर पर उनकी घोषणा तक सब जगह उनको समझौता करना होगा। इसलिए उन्होंने शर्मा का रास्ता रोक दिया। उनको कई तरह से समझाने के प्रयास हुए लेकिन वे शर्मा को मंत्री बनाने पर राजी नहीं हुए। सो, अंत में… Continue reading Uttar Pradesh Politics 2021 : यह बाजी तो योगी ने जीती है

योगी से दिल्ली की चिढ़ क्यों?

हां, नरेंद्र मोदी और अमित शाह की योगी आदित्यनाथ के प्रति अब वह भावना कतई नहीं है, जो सन् 2017 में उन्हें मुख्यमंत्री बनाते वक्त थी। तब नरेंद्र मोदी और अमित शाह दोनों की उनके प्रति भावना वैसी ही थी जैसे विजय रूपानी के प्रति है। मतलब योगी इशारों पर नाचेंगे। अपना कद नहीं बढ़ाएंगे। प्रधानमंत्री बन सकने का ख्याल नहीं बनाएंगे और मोदी जब कहेंगे कि मैं फलां आईएएस की नौकरी छुड़वा (एके शर्मा) उसे विधायक, उसे उप मुख्यमंत्री या गृह मंत्री बना तुम्हारी मदद की सोच रहा हूं तो मेरी सर्वज्ञता में मेरे आदेश की पालना करो। कोई माने या न माने और शायद योगी भी नहीं स्वीकारेंगे कि लगभग चार साल योगी ने मोदी-शाह के साये में वैसे ही राज किया, जैसे विजय रूपानी ने किया। कैबिनेट हो या मुख्यमंत्री सचिवालय, अफसरशाही-प्रोजेक्ट-पैसे हैंडल करने की हर अहम जगह में वहीं हुआ जो मोदी-शाह से निर्देशित था। यह भी पढ़ें: यूपी से ही दिल्ली का हिंदू पीएम तब गड़बड़ कैसे? जवाब है योगी के भगवा वस्त्र से! मोदी-शाह ने भगवा वस्त्र के राजनीतिक लाभ में योगी को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला लिया था। तब कल्पना नहीं थी कि चार सालों में देश की बरबादी के चलते और मोदी-शाह… Continue reading योगी से दिल्ली की चिढ़ क्यों?

यूपी से ही दिल्ली का हिंदू पीएम

यह बात हिंदू राजनीति के संदर्भ में है। इसका यह तथ्य नोट रखें कि नरेंद्र मोदी ने भी बनारस से यूपी को साध कर दिल्ली की सत्ता बनाई है। हिंदू राजनीति से दिल्ली में तख्तपोशी का जरिया गंगा-यमुना मैदान है। तभी योगी आदित्यनाथ के लिए 2022 का विधानसभा चुनाव निर्णायक है। यदि वे अपने दमखम पर यूपी में दुबारा मुख्यमंत्री बन गए तो वे हिंदुओं के अगले स्वाभाविक प्रधानमंत्री होंगे। तब 2024 के लोकसभा चुनाव की जीत का श्रेय उनका होगा। तब तक नरेंद्र मोदी की दस साल की सत्ता इतनी मौतें, ऐसा दिवालियापन लिए हुए होगी कि उनके आगे योगी वक्त के बादशाह होंगे। अमित शाह क्यों नहीं? इसलिए कि मोदी और योगी के बीच यूपी के हिंदू वोटों में उनके महानायक बनने की गुंजाइश नहीं है। जब योगी यूपी से पूरे देश के साधु-संत समाज, भगवा राजनीति के प्रतीक नेता हैं तो न राम मंदिर में अमित शाह की भूमिका का मतलब है और न प्रदेश के बाकी भगवा विकास में अमित शाह श्रेय कमा सकते हैं। यदि हिंदू-मुस्लिम दंगे याकि बतौर गृह मंत्री सड़कों पर पानीपत की तीसरी लड़ाई का सिनेरियो भी अमित शाह बनवाए तब भी यूपी में तो सब कुछ योगी की कमान के श्रेय… Continue reading यूपी से ही दिल्ली का हिंदू पीएम

क्या यूपी के ब्राह्मण ऐसे सधेंगे?

भाजपा में चर्चा है कि उत्तर प्रदेश के ब्राह्मण नाराज हैं। यह आज की चर्चा नहीं है। योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के साथ ही इसकी चर्चा शुरू हो गई थी और उसके बाद कुछ घटनाएं भी ऐसी हुईं, जिनसे इस बात को बल मिला। योगी के पूरे कार्यकाल में ब्राह्मणों पर अत्याचार की चर्चा रही, ब्राह्मण अधिकारियों को किनारे किए जाने की खबरें आईं, जिसका अंत नतीजा यह है कि ब्राह्मण नाराज है और चोटी खोल ली है कि किसी तरह से योगी को हराना है। उसी चर्चा में यह बात शामिल है कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह प्रदेश के ब्राह्मणों को साधने का प्रयास कर रहे हैं। यह भी पढ़ें: यूपी से ही दिल्ली का हिंदू पीएम अब देखें कि यूपी के ब्राह्मणों को कैसे साधने का प्रयास हो रहा है? कांग्रेस पार्टी के नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद को भाजपा में शामिल कराया गया। इसका ऐसा प्रचार किया गया, जैसे ब्राह्मणों के सर्वोच्च नेता ने भाजपा का दामन थाम लिया और अब ब्राह्मण भाजपा के सिवा किसी को वोट नहीं देंगे। जितिन प्रसाद को शामिल कराने से पहले अमित शाह उनसे मिले और उसके बाद मीडिया में यह नैरेटिव बनवाया गया कि भाजपा के… Continue reading क्या यूपी के ब्राह्मण ऐसे सधेंगे?

योगी विवाद से मजबूत होंगे क्षत्रप

भारतीय जनता पार्टी को और खास कर नरेंद्र मोदी और अमित शाह को इस नैरेटिव को फैलने से रोकना होगा कि मोदी और योगी के बीच सब कुछ ठीक नहीं है और योगी मनमाने तरीके से काम कर रहे हैं। ध्यान रहे पिछले सात साल में पहली बार ऐसा हो रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ किसी प्रादेशिक क्षत्रप के टकराव की खबरें आ रही हैं। अब ये खबरें सही या गलत वह अलग मसला है लेकिन यह बात इतनी सार्वजनिक हो गई है कि प्रेस कांफ्रेंस में इस बारे में सवाल पूछे जाने लगे हैं। रविवार को प्रदेश प्रभारी राधामोहन सिंह राज्यपाल से मिल कर निकले तब भी पत्रकारों ने उनसे मोदी बनाम योगी के विवाद पर सवाल पूछा। इस विवाद की जितना ज्यादा चर्चा होगी प्रादेशिक क्षत्रपों को उतनी ताकत मिलेगी, खास कर पुराने क्षत्रपों को। यह भी पढ़ें: योगी बनाम शर्मा बनाम मौर्य बनाम बंसल! ध्यान रहे नरेंद्र मोदी के केंद्र में आने के समय मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी खूब चर्चा में थे। वे संघ के करीबी हैं, पिछड़ी जाति के हैं और लंबे समय से मुख्यमंत्री हैं। इस विवाद से वे मजबूत होंगे तो उनके साथ ही मुख्यमंत्री बने रमन सिंह… Continue reading योगी विवाद से मजबूत होंगे क्षत्रप

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