नई दिल्ली। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Scheme) (मनरेगा-MGNREGA) कार्य की मासिक मांग में मजबूत कृषि विकास (agricultural growth) के कारण साल-दर-साल गिरावट आ रही है। 2022-23 के आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey) में कोविड-19 (COVID-19) से वापसी की बात कही गई है।
सर्वेक्षण में कहा गया है कि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में श्रम बाजार पूर्व-कोविड स्तरों से आगे निकल गए हैं, जैसा कि आपूर्ति पक्ष और मांग पक्ष के रोजगार डेटा में देखा गया है। त्रैमासिक शहरी रोजगार डेटा पूर्व-महामारी के स्तर से परे प्रगति दिखाता है, क्योंकि जुलाई-सितंबर 2019 में बेरोजगारी दर 8.3 प्रतिशत से घटकर जुलाई-सितंबर 2022 में 7.2 प्रतिशत हो गई।
रोजगार की बढ़ती औपचारिकता को दर्शाते हुए ईपीएफओ पेरोल में शुद्ध वृद्धि कोविड-19 से तेजी से वापसी के बाद लगातार ऊपर की ओर बढ़ रही है, इसमें अधिकांश हिस्सा युवाओं का है। उद्योगों के वार्षिक सर्वेक्षण 2019-20 के अनुसार संगठित विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार ने समय के साथ लगातार ऊपर की ओर रुख बनाए रखा है, साथ ही प्रति फैक्ट्री रोजगार भी धीरे-धीरे बढ़ रहा है।
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छोटे कारखानों की तुलना में 100 से अधिक श्रमिकों को रोजगार देने वाले कारखानों में रोजगार तेजी से बढ़ रहा है, जो विनिर्माण इकाइयों के विस्तार का सुझाव देता है। श्रम बाजार के आपूर्ति पक्ष और मांग पक्ष दोनों को कवर करने वाले आंकड़ों में रोजगार संकेतकों में व्यापक सुधार देखा जा सकता है। श्रम बाजार शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में पूर्व-कोविड स्तरों से आगे निकल गए हैं। बेरोजगारी दर 2018-19 में 5.8 प्रतिशत से गिरकर 2020-21 में 4.2 प्रतिशत हो गई है, और ग्रामीण एफएलएफपीआर में 19.7 प्रतिशत से उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यह 2018-19 से 2020-21 में 27.7 प्रतिशत थी।
हाल ही के शहरी रोजगार डेटा पूर्व-महामारी के स्तर से आगे की प्रगति दिखाते हैं, क्योंकि जुलाई-सितंबर 2019 में बेरोजगारी दर 8.3 प्रतिशत से घटकर जुलाई-सितंबर 2022 में 7.2 प्रतिशत हो गई। ईपीएफओ पेरोल में शुद्ध जोड़ लगातार ऊपर की ओर बढ़ रहा है, जिसमें अधिकांश हिस्सा युवाओं का है। क्यूईएस के अनुसार वर्ष 2021-22 में नौ प्रमुख क्षेत्रों में रोजगार में 10 लाख की वृद्धि हुई है। एएसआई 2019-20 के आंकड़ों के अनुसार संगठित विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार भी पिछले कुछ वर्षों में बढ़ रहा है। सर्वेक्षण में कहा गया है कि रोजगार के स्तर में लगातार वृद्धि को एमएसएमई पर कोविड-19 के प्रभाव को कम करने के लिए किए गए कई उपायों के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। (आईएएनएस)
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