मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई RBI) की बुधवार को पेश द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा (monetary review meeting) बैठक की मुख्य बातें इस प्रकार हैं…
- प्रमुख नीतिगत दर रेपो को 0.25 प्रतिशत बढ़ाकर 6.50 प्रतिशत किया गया।
- मौद्रिक नीति समिति के छह सदस्यों में से चार ने रेपो दर बढ़ाने के पक्ष में मत दिया।
- चालू वित्त वर्ष में वृद्धि दर के सात प्रतिशत रहने का अनुमान। 2023-24 में वृद्धि दर घटकर 6.4 प्रतिशत रहेगी।
- मौद्रिक नीति समिति उदार रुख को वापस लेने पर ध्यान देने के पक्ष में।
- खुदरा मुद्रास्फीति (retail inflation) चौथी तिमाही में 5.6 प्रतिशत रहने का अनुमान।
- चालू वित्त वर्ष में खुदरा मुद्रास्फीति 6.5 प्रतिशत पर रहेगी। अगले वित्त वर्ष में इसके घटकर 5.3 प्रतिशत पर आने का अनुमान।
बीते साल और इस वर्ष अभी तक अन्य एशियाई मुद्राओं की तुलना में रुपये में कम उतार-चढ़ाव। - चालू खाते का घाटा 2022-23 की दूसरी छमाही में नीचे आएगा।
- दुकानों पर भुगतान के लिए भारत आने वाले यात्रियों को भी यूपीआई (upi) सुविधा देने का प्रस्ताव। शुरुआत में यह सुविधा जी20 देशों के यात्रियों को मिलेगी।
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