GDP

  • विषमता की ऐसी खाई

    भारत में घरेलू कर्ज जीडीपी के 40 प्रतिशत से भी ज्यादा हो गया है। यह नया रिकॉर्ड है। साथ ही यह अनुमान लगाया गया है कि आम घरों की बचत का स्तर जीडीपी के पांच प्रतिशत से भी नीचे चला गया है। भारत के शेयर बाजार का मूल्य सोमवार को चार लाख करोड़ रुपए को पार कर गया। यह नया रिकॉर्ड है। मंगलवार सुबह अखबारों में यह खबर प्रमुखता से छपी। और उसी रोज यह खबर भी आई कि भारत में घरेलू कर्ज जीडीपी के 40 प्रतिशत से भी ज्यादा हो गया है। यह भी नया रिकॉर्ड है। साथ ही...

  • चुनाव बाद नीतीश निपटेंगे

    बिहार में भाजपा और जनता दल यू का गठबंधन बन गया है, जिसमें चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी भी है और उपेंद्र कुशवाहा और जीतन राम मांझी भी हैं। लेकिन पिछले कुछ समय से बिहार के जो नेता नीतीश के सबसे करीब रहे वे निपट गए। उनको एनडीए में जगह नहीं मिली। इसके उलट जो विरोधी थे, उनको ज्यादा सीट देकर भाजपा ने गठबंधन में शामिल कराया। इससे एनडीए के भीतर का समीकरण भी उलझने की संभावना है और वोट का गणित भी कुछ हद तक बिगड़ता दिख रहा है। विकासशील इंसान पार्टी के नेता मुकेश सहनी को नीतीश...

  • अति-उत्साह में फजीहत

    आईएमएफ में भारत के प्रतिनिधि ने अपनी राय जताई। उनकी राय को आईएमएफ की भविष्यवाणी बता कर पेश करने का अति-उत्साह भारत में इतना अधिक दिखाया गया कि अंततः आईएमएफ को सार्वजनिक तौर पर स्पष्टीकरण देना पड़ा है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) को सफाई देने पड़ी है। कहा है कि उसकी तरफ से भारत के आठ प्रतिशत की जीडीपी वृद्धि दर हासिल करने संबंधी कोई अनुमान नहीं लगाया गया है। कहानी यह है कि आईएमएफ में भारत के प्रतिनिधि कृष्णमूर्ति सुब्रह्मण्यम ने कहीं यह कहा कि भारत की जीडीपी आठ प्रतिशत की ऊंची दर से बढ़ने का अनुमान है। भारत...

  • स्टार्ट-अप्स के सूखे स्रोत

    जनवरी- फरवरी में भारतीय स्टार्ट-अप्स सिर्फ 90 करोड़ डॉलर की फंडिंग जुटा पाए। इसे संकेत माना गया है कि लगातार दूसरे वर्ष स्टार्ट-अप्स क्षेत्र में निम्न निवेश होगा। 2023 में इस क्षेत्र में सिर्फ आठ अरब डॉलर का निवेश हुआ, जो छह साल का सबसे कम आंकड़ा है। भारतीय अर्थव्यवस्था इस समय एक असामान्य विसंगति के दौर से गुजर रही है। एक तरफ शेयर बाजार चमक रहे हैं और सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जीडीपी की ऊंची वृद्धि दर कायम है, वहीं निजी निवेश और आम उपभोग के साथ-साथ स्टार्ट-अप्स के लिए फंडिग में गिरावट का दौर भी लंबा खिंचता जा...

  • कड़वे सच का सामना

    अरविंद सुब्रह्मण्यम का ताजा बयान उन आंकड़ों पर एक गंभीर सवाल है, जिनके आधार पर भारत में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और अगले 23 वर्षों में विकिसत भारत बना देने का नैरेटिव बुना गया है। मशहूर अर्थशास्त्री और नरेंद्र मोदी सरकार के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रह्यण्यम ने भारत के लोगों को अपना दिमाग कबाड़ मुक्त करने की सलाह दी है। उन्होंने आगाह किया है कि भारत एक बड़ा बाजार नहीं है। भारत का घरेलू बाजार इतना बड़ा नहीं है, जिसके बूते भारत का मैनुफैक्चरिंग उद्योग फूल-फल सके। उन्होंने कहा- ‘भारत यह सोच कर बहुत बड़ी गलती कर...

  • गोल्ड क्यों चमक उठा?

    अरविंद सुब्रह्मण्यम का ताजा बयान उन आंकड़ों पर एक गंभीर सवाल है, जिनके आधार पर भारत में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और अगले 23 वर्षों में विकिसत भारत बना देने का नैरेटिव बुना गया है। मशहूर अर्थशास्त्री और नरेंद्र मोदी सरकार के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रह्यण्यम ने भारत के लोगों को अपना दिमाग कबाड़ मुक्त करने की सलाह दी है। उन्होंने आगाह किया है कि भारत एक बड़ा बाजार नहीं है। भारत का घरेलू बाजार इतना बड़ा नहीं है, जिसके बूते भारत का मैनुफैक्चरिंग उद्योग फूल-फल सके। उन्होंने कहा- ‘भारत यह सोच कर बहुत बड़ी गलती कर...

  • ये आंकड़े चुनावी हैं?

    अरविंद सुब्रह्मण्यम का ताजा बयान उन आंकड़ों पर एक गंभीर सवाल है, जिनके आधार पर भारत में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और अगले 23 वर्षों में विकिसत भारत बना देने का नैरेटिव बुना गया है। मशहूर अर्थशास्त्री और नरेंद्र मोदी सरकार के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रह्यण्यम ने भारत के लोगों को अपना दिमाग कबाड़ मुक्त करने की सलाह दी है। उन्होंने आगाह किया है कि भारत एक बड़ा बाजार नहीं है। भारत का घरेलू बाजार इतना बड़ा नहीं है, जिसके बूते भारत का मैनुफैक्चरिंग उद्योग फूल-फल सके। उन्होंने कहा- ‘भारत यह सोच कर बहुत बड़ी गलती कर...

  • जीएसटी से 1.68 लाख करोड़ मिले

    अरविंद सुब्रह्मण्यम का ताजा बयान उन आंकड़ों पर एक गंभीर सवाल है, जिनके आधार पर भारत में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और अगले 23 वर्षों में विकिसत भारत बना देने का नैरेटिव बुना गया है। मशहूर अर्थशास्त्री और नरेंद्र मोदी सरकार के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रह्यण्यम ने भारत के लोगों को अपना दिमाग कबाड़ मुक्त करने की सलाह दी है। उन्होंने आगाह किया है कि भारत एक बड़ा बाजार नहीं है। भारत का घरेलू बाजार इतना बड़ा नहीं है, जिसके बूते भारत का मैनुफैक्चरिंग उद्योग फूल-फल सके। उन्होंने कहा- ‘भारत यह सोच कर बहुत बड़ी गलती कर...

  • विकास दर 7.6 फीसदी रहेगी

    अरविंद सुब्रह्मण्यम का ताजा बयान उन आंकड़ों पर एक गंभीर सवाल है, जिनके आधार पर भारत में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और अगले 23 वर्षों में विकिसत भारत बना देने का नैरेटिव बुना गया है। मशहूर अर्थशास्त्री और नरेंद्र मोदी सरकार के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रह्यण्यम ने भारत के लोगों को अपना दिमाग कबाड़ मुक्त करने की सलाह दी है। उन्होंने आगाह किया है कि भारत एक बड़ा बाजार नहीं है। भारत का घरेलू बाजार इतना बड़ा नहीं है, जिसके बूते भारत का मैनुफैक्चरिंग उद्योग फूल-फल सके। उन्होंने कहा- ‘भारत यह सोच कर बहुत बड़ी गलती कर...

  • देश की जीडीपी 7.3 फीसदी की दर से बढ़ेगी

    अरविंद सुब्रह्मण्यम का ताजा बयान उन आंकड़ों पर एक गंभीर सवाल है, जिनके आधार पर भारत में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और अगले 23 वर्षों में विकिसत भारत बना देने का नैरेटिव बुना गया है। मशहूर अर्थशास्त्री और नरेंद्र मोदी सरकार के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रह्यण्यम ने भारत के लोगों को अपना दिमाग कबाड़ मुक्त करने की सलाह दी है। उन्होंने आगाह किया है कि भारत एक बड़ा बाजार नहीं है। भारत का घरेलू बाजार इतना बड़ा नहीं है, जिसके बूते भारत का मैनुफैक्चरिंग उद्योग फूल-फल सके। उन्होंने कहा- ‘भारत यह सोच कर बहुत बड़ी गलती कर...

  • प्रौद्योगिकी को भारतीय जीडीपी का 25 फीसद करने का लक्ष्य

    अरविंद सुब्रह्मण्यम का ताजा बयान उन आंकड़ों पर एक गंभीर सवाल है, जिनके आधार पर भारत में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और अगले 23 वर्षों में विकिसत भारत बना देने का नैरेटिव बुना गया है। मशहूर अर्थशास्त्री और नरेंद्र मोदी सरकार के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रह्यण्यम ने भारत के लोगों को अपना दिमाग कबाड़ मुक्त करने की सलाह दी है। उन्होंने आगाह किया है कि भारत एक बड़ा बाजार नहीं है। भारत का घरेलू बाजार इतना बड़ा नहीं है, जिसके बूते भारत का मैनुफैक्चरिंग उद्योग फूल-फल सके। उन्होंने कहा- ‘भारत यह सोच कर बहुत बड़ी गलती कर...

  • भारत की आबादी चीन से अधिक होने पर कपिल सिब्बल का सवाल

    अरविंद सुब्रह्मण्यम का ताजा बयान उन आंकड़ों पर एक गंभीर सवाल है, जिनके आधार पर भारत में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और अगले 23 वर्षों में विकिसत भारत बना देने का नैरेटिव बुना गया है। मशहूर अर्थशास्त्री और नरेंद्र मोदी सरकार के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रह्यण्यम ने भारत के लोगों को अपना दिमाग कबाड़ मुक्त करने की सलाह दी है। उन्होंने आगाह किया है कि भारत एक बड़ा बाजार नहीं है। भारत का घरेलू बाजार इतना बड़ा नहीं है, जिसके बूते भारत का मैनुफैक्चरिंग उद्योग फूल-फल सके। उन्होंने कहा- ‘भारत यह सोच कर बहुत बड़ी गलती कर...

  • सत्ता पक्ष ने बजट पर बहस की अनुमति नहीं दी: चिदंबरम

    अरविंद सुब्रह्मण्यम का ताजा बयान उन आंकड़ों पर एक गंभीर सवाल है, जिनके आधार पर भारत में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और अगले 23 वर्षों में विकिसत भारत बना देने का नैरेटिव बुना गया है। मशहूर अर्थशास्त्री और नरेंद्र मोदी सरकार के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रह्यण्यम ने भारत के लोगों को अपना दिमाग कबाड़ मुक्त करने की सलाह दी है। उन्होंने आगाह किया है कि भारत एक बड़ा बाजार नहीं है। भारत का घरेलू बाजार इतना बड़ा नहीं है, जिसके बूते भारत का मैनुफैक्चरिंग उद्योग फूल-फल सके। उन्होंने कहा- ‘भारत यह सोच कर बहुत बड़ी गलती कर...

  • ‘हिंदू विकास दर’ का जुमला बेतुका

    अरविंद सुब्रह्मण्यम का ताजा बयान उन आंकड़ों पर एक गंभीर सवाल है, जिनके आधार पर भारत में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और अगले 23 वर्षों में विकिसत भारत बना देने का नैरेटिव बुना गया है। मशहूर अर्थशास्त्री और नरेंद्र मोदी सरकार के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रह्यण्यम ने भारत के लोगों को अपना दिमाग कबाड़ मुक्त करने की सलाह दी है। उन्होंने आगाह किया है कि भारत एक बड़ा बाजार नहीं है। भारत का घरेलू बाजार इतना बड़ा नहीं है, जिसके बूते भारत का मैनुफैक्चरिंग उद्योग फूल-फल सके। उन्होंने कहा- ‘भारत यह सोच कर बहुत बड़ी गलती कर...

  • तीसरी तिमाही में विकास दर सिर्फ 4.4 फीसदी

    अरविंद सुब्रह्मण्यम का ताजा बयान उन आंकड़ों पर एक गंभीर सवाल है, जिनके आधार पर भारत में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और अगले 23 वर्षों में विकिसत भारत बना देने का नैरेटिव बुना गया है। मशहूर अर्थशास्त्री और नरेंद्र मोदी सरकार के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रह्यण्यम ने भारत के लोगों को अपना दिमाग कबाड़ मुक्त करने की सलाह दी है। उन्होंने आगाह किया है कि भारत एक बड़ा बाजार नहीं है। भारत का घरेलू बाजार इतना बड़ा नहीं है, जिसके बूते भारत का मैनुफैक्चरिंग उद्योग फूल-फल सके। उन्होंने कहा- ‘भारत यह सोच कर बहुत बड़ी गलती कर...

  • सरकार 2022-23 के लिए दूसरा अग्रिम जीडीपी अनुमान जारी करेगी

    अरविंद सुब्रह्मण्यम का ताजा बयान उन आंकड़ों पर एक गंभीर सवाल है, जिनके आधार पर भारत में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और अगले 23 वर्षों में विकिसत भारत बना देने का नैरेटिव बुना गया है। मशहूर अर्थशास्त्री और नरेंद्र मोदी सरकार के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रह्यण्यम ने भारत के लोगों को अपना दिमाग कबाड़ मुक्त करने की सलाह दी है। उन्होंने आगाह किया है कि भारत एक बड़ा बाजार नहीं है। भारत का घरेलू बाजार इतना बड़ा नहीं है, जिसके बूते भारत का मैनुफैक्चरिंग उद्योग फूल-फल सके। उन्होंने कहा- ‘भारत यह सोच कर बहुत बड़ी गलती कर...

  • आरबीआई मौद्रिक नीति समीक्षा की मुख्य बिंदु

    अरविंद सुब्रह्मण्यम का ताजा बयान उन आंकड़ों पर एक गंभीर सवाल है, जिनके आधार पर भारत में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और अगले 23 वर्षों में विकिसत भारत बना देने का नैरेटिव बुना गया है। मशहूर अर्थशास्त्री और नरेंद्र मोदी सरकार के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रह्यण्यम ने भारत के लोगों को अपना दिमाग कबाड़ मुक्त करने की सलाह दी है। उन्होंने आगाह किया है कि भारत एक बड़ा बाजार नहीं है। भारत का घरेलू बाजार इतना बड़ा नहीं है, जिसके बूते भारत का मैनुफैक्चरिंग उद्योग फूल-फल सके। उन्होंने कहा- ‘भारत यह सोच कर बहुत बड़ी गलती कर...

  • रिजर्व बैंक ने रेपो दर 6.5 प्रतिशत की

    अरविंद सुब्रह्मण्यम का ताजा बयान उन आंकड़ों पर एक गंभीर सवाल है, जिनके आधार पर भारत में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और अगले 23 वर्षों में विकिसत भारत बना देने का नैरेटिव बुना गया है। मशहूर अर्थशास्त्री और नरेंद्र मोदी सरकार के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रह्यण्यम ने भारत के लोगों को अपना दिमाग कबाड़ मुक्त करने की सलाह दी है। उन्होंने आगाह किया है कि भारत एक बड़ा बाजार नहीं है। भारत का घरेलू बाजार इतना बड़ा नहीं है, जिसके बूते भारत का मैनुफैक्चरिंग उद्योग फूल-फल सके। उन्होंने कहा- ‘भारत यह सोच कर बहुत बड़ी गलती कर...

  • जिंस कीमतें अधिक होने से बढ़ सकता है चालू खाते का घाटा

    अरविंद सुब्रह्मण्यम का ताजा बयान उन आंकड़ों पर एक गंभीर सवाल है, जिनके आधार पर भारत में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और अगले 23 वर्षों में विकिसत भारत बना देने का नैरेटिव बुना गया है। मशहूर अर्थशास्त्री और नरेंद्र मोदी सरकार के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रह्यण्यम ने भारत के लोगों को अपना दिमाग कबाड़ मुक्त करने की सलाह दी है। उन्होंने आगाह किया है कि भारत एक बड़ा बाजार नहीं है। भारत का घरेलू बाजार इतना बड़ा नहीं है, जिसके बूते भारत का मैनुफैक्चरिंग उद्योग फूल-फल सके। उन्होंने कहा- ‘भारत यह सोच कर बहुत बड़ी गलती कर...

  • मुद्रास्फीति का 6.8 प्रतिशत का अनुमान इतना ऊंचा नहीं कि निजी उपभोग को रोके

    अरविंद सुब्रह्मण्यम का ताजा बयान उन आंकड़ों पर एक गंभीर सवाल है, जिनके आधार पर भारत में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और अगले 23 वर्षों में विकिसत भारत बना देने का नैरेटिव बुना गया है। मशहूर अर्थशास्त्री और नरेंद्र मोदी सरकार के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रह्यण्यम ने भारत के लोगों को अपना दिमाग कबाड़ मुक्त करने की सलाह दी है। उन्होंने आगाह किया है कि भारत एक बड़ा बाजार नहीं है। भारत का घरेलू बाजार इतना बड़ा नहीं है, जिसके बूते भारत का मैनुफैक्चरिंग उद्योग फूल-फल सके। उन्होंने कहा- ‘भारत यह सोच कर बहुत बड़ी गलती कर...

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