भारतीय कलाकार लगातार अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं। इन्हीं नामों में से एक है फरहान अख्तर… वह एक अभिनेता, निर्देशक और निर्माता के रूप में पहले ही अलग पहचान बना चुके हैं और अब वैश्विक सिनेमा में धूम मचाने के लिए तैयार हैं। वह निर्देशक सैम मेंडेस के प्रोजेक्ट ‘द बीटल्स: ए फोर-फिल्म सिनेमैटिक इवेंट’ पर काम कर रहे हैं।
अपने नए प्रोजेक्ट को लेकर फरहान अख्तर ने खुलासा किया है कि वह मशहूर सितार वादक रविशंकर का किरदार निभाने जा रहे हैं। उन्होंने कहा यह मौका मेरे लिए बेहद खास है, क्योंकि यह दुनिया के सबसे प्रभावशाली म्यूजिक बैंड में से एक ‘द बीटल्स’ की कहानी का हिस्सा बनने का अवसर है।
फरहान अख्तर ने कहा इस प्रोजेक्ट का हिस्सा बनना अपने आप में बड़ी जिम्मेदारी है। बीटल्स जैसे बैंड पर फिल्म का हिस्सा बनना और वह भी सैम मेंडेस जैसे निर्देशक के साथ काम करना किसी सपने से कम नहीं है।
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मेरे लिए महान संगीतकार रवि शंकर जैसी शख्सियत को पर्दे पर उतारना आसान नहीं है, चूंकि वह भारतीय शास्त्रीय संगीत को पश्चिमी दुनिया तक पहुंचाने वाले संगीतकार थे। ऐसे में मेरे लिए किरदार को और भी बेहतरीन तरीके से निभाने की चुनौती और बढ़ जाती है।
बातचीत के दौरान फरहान अख्तर ने एक किस्सा भी साझा किया। उन्होंने बताया उत्तर भारत में लखनऊ के पास एक छोटे से गांव में भी लोग बीटल्स का नाम जानते थे। भले ही वहां लोग अंग्रेजी नहीं बोलते थे, लेकिन अगर उनसे पश्चिमी दुनिया के किसी मशहूर नाम के बारे में पूछा जाता, तो जवाब होता था ‘बीटल्स’। यह इस बात का सबूत है कि भारत का बीटल्स के साथ एक खास रिश्ता रहा है, जो सीधे संगीत के जरिए जुड़ा है।
यह मल्टी-फिल्म बायोपिक प्रोजेक्ट बीटल्स के चार सदस्यों जॉन लेनन, पॉल मैकार्टनी, जॉर्ज हैरिसन और रिंगो स्टार की जिंदगी और उनके संगीत सफर को दिखाएगा। फरहान अख्तर का किरदार इस कहानी में बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि रविशंकर का जॉर्ज हैरिसन के जीवन और संगीत पर गहरा प्रभाव रहा था। रविशंकर ही वह शख्स थे, जिनके जरिए भारतीय शास्त्रीय संगीत ने पश्चिमी संगीत जगत में एक नई पहचान बनाई।
Pic Credit : ANI
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