राजीव खंडेलवाल के शो ‘तुम हो ना’ में बातचीत के दौरान एक्ट्रेस पूनम ढिल्लों ने अपने संघर्षों और परवरिश से जुड़े अपने अनुभव शेयर किए। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता बेहद सख्त थे और उन्हें अपनी उम्र के लोगों से मिलने या डेट करने की इजाजत नहीं थी। उनका मानना है कि सख्त परवरिश अच्छी होती है, लेकिन आज के माता-पिता को बच्चों को खुद फैसले लेने और दुनिया को समझने का अवसर देना चाहिए।
अभिनेत्री के संघर्षों के बारे में राजीव ने पूछा “ऐसा लगता है जैसे सभी लड़कियों को आपसे प्रेरित होना चाहिए लेकिन जब भी कोई सार्वजनिक हस्ती यहां आती है, तो मैं यह सुनिश्चित करने की कोशिश करता हूं कि लोग कम से कम इतना समझें कि हम सभी सामान्य इंसान हैं। हमारे पास भी चुनौतियां हैं और कभी-कभी शायद बड़ी चुनौतियां भी होती हैं क्योंकि हम सार्वजनिक सुर्खियों में रहते हैं।
इस पर पूनम ने कहा जब आप एक सेलिब्रिटी या पब्लिक फिगर होते हैं और सोमवार से शुक्रवार या सोमवार से रविवार तक काम करते हैं तो आपको बहुत कम लोगों से मिलने का मौका मिलता है। आधे लोग आपको ऐसे देखते हैं कि ‘ये तो मेरी पसंद के बाहर है’ और आधे लोग सोचते हैं ‘फिल्मी सितारे” ऐसे ही होते हैं।’ दोनों स्थितियों में आपकी एक अलग छवि बन जाती है।
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पूनम ढिल्लों ने कहा मेरे केस में भी ऐसा ही हुआ था। हम बहुत कम लोगों से मिल पाते थे। मेरे माता-पिता बहुत सख्त थे। मुझे अपनी उम्र के लोगों से मिलने या डेट करने की इजाजत नहीं थी। एक्टर बनने के बाद भी एक्टर्स मुझे दोस्त नहीं मानते थे। अगर कोई ग्रुप मूवी देखने का प्लान बनाता था तो मुझे कहा जाता था “नहीं, तुम्हें जाने की अनुमति नहीं है।
सख्त परवरिश के बारे में बात करते हुए पूनम ने कहा, “मुझे लगता है कि सख्त परवरिश अच्छी होती है, लेकिन आज मैं माता-पिता से कहूंगी कि बच्चों को थोड़ा मौका दीजिए। उन्हें उड़ने और नई चीजें सीखने का अवसर दीजिए, ताकि वे सही फैसले लेना सीख सकें। अगर हम उन्हें जरूरत से ज्यादा सुरक्षित रखेंगे, तो उनका नजरिया सीमित रह जाएगा।”
पूनम ने कहा कि उनकी जिंदगी भी काम और घर तक ही सीमित थी।
अपने पूर्व पति अशोक के बारे में बात करते हुए पूनम ने कहा मेरे पति अशोक बहुत अच्छे इंसान हैं। आज भी मैं उनके बारे में बुरा नहीं कहूंगी, क्योंकि वह वास्तव में अच्छे इंसान हैं, लेकिन यह जरूरी नहीं है कि दो अच्छे लोग हमेशा एक अच्छे जीवनसाथी साबित हों।
उन्होंने आगे कहा शादी सिर्फ दो अच्छे लोगों के साथ होने से नहीं चलती। परवरिश, सोच, शिक्षा और जीवन-मूल्य जैसी कई चीजों का मेल होना जरूरी होता है। जब ये बातें मेल नहीं खातीं, तो वैवाहिक जीवन कठिन हो जाता है।
पूनम ढिल्लों ने बताया कि उनकी शादी प्रेम विवाह थी। उन्होंने कहा मुझे जीवन का ज्यादा अनुभव नहीं था। अशोक जी ने मुझे काफी समय तक मनाया। वह अच्छे इंसान थे, इसलिए मुझे लगा कि यही सही फैसला है। उस समय मुझे अंदाजा नहीं था कि आगे की जिंदगी कितनी चुनौतीपूर्ण होगी।
Pic Credit : ANI
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