nayaindia सेहत और स्वास्थ्य का संकट बहुत बड़ा होगा
kishori-yojna
हरिशंकर व्यास कॉलम | गपशप| नया इंडिया| सेहत और स्वास्थ्य का संकट बहुत बड़ा होगा

सेहत और स्वास्थ्य का संकट बहुत बड़ा होगा

ration card health insurance

भारत बिना तैयारी के सबसे बड़ी आबादी वाला देश बनने जा रहा है। हिसाब सेशिक्षा, कौशल और रोजगार के विकास के साथ स्वास्थ्य-चिकित्सान पर ध्यान बनना चाहिए।  लेकिन अफसोस की बात है कि भारत में सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुविधाएं यानी सस्ती सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति लगातार बिगडते हुए है। शिक्षा की तरह अच्छी स्वास्थ्य सेवा भी लगभग पूरी तरह से निजी हाथ में है। शहरी क्षेत्र में तो फिर भी आर्थिक स्थिति अच्छी है, रोजगार और नौकरी की संभावना बेहतर है और सरकारी स्वास्थ्य सुविधाएं भी ठीक हैं तो शहरी आबादी के लिए जीवन आसान होगा लेकिन देहात में मुश्किले बढ़ेगी।

गांव-कस्बों की की अर्थव्यवस्था बुरी तरह बिगड़ी है। कृषि सेक्टर कमजोर हुआ है। बड़ी युवा आबादी ने गांवों से शहरों की ओर पलायन किया है। अटल बिहारी वाजपेयी जब प्रधानमंत्री थे तब से गांवों में शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना पर काम चल रहा है लेकिन इसका कोई लक्ष्य हासिल नहीं हो सका। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक नहीं बन पाए हैं। तेजी से हो रही शहरीकरण और गांवों से युवाओं के पलायन की वजह से गरीब राज्यों में ज्यादातर उम्रदराज आबादी या महिलाएं गांवों में हैं, जिनके लिए चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। गांवों की अर्थव्यवस्था कमजोर होने से अच्छी चिकित्सा  आम लोगों के लिए लगभग नामुमकिन हो गई है।

मुश्किल वाली बात यह है कि बुजुर्ग आबादी भी तेजी से बढ़ रही है। एक आंकड़ें के मुताबिक 2040 में भारत की करीब 16 फीसदी आबादी बुजुर्ग होगी। वह कामकाज करने की उम्र पार कर चुकी होगी। इसका मतलब है कि करीब 22 करोड़ आबादी बूढ़ी और बेकार होगी। उनके स्वास्थ्य की क्या सुविधा है? अभी भारत की जनसंख्या की औसत उम्र 29 साल के करीब है, जबकि जापान में यह उम्र 47 साल है। इसका मतलब है कि वहां बुजुर्ग आबादी बहुत ज्यादा है। तभी उनकी स्वास्थ्य देखभाल के लिए बड़ी जरूरतें होतीं हैं, भारत में क्योंकि युवा आबादी ही बेरोजगार होगी तो बुजुर्ग आबादी का ध्यान कहां से रखा जा सकेगा?

अस्पतालों में प्रति व्यक्ति बेड्स और डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता के लिहाज से भारत दुनिया के सबसे पिछड़े देशों में से एक है। स्वास्थ्य सेवा बेहतर करने के नाम पर आयुष्मान भारत योजना है, इसका फायदा मोटे तौर पर निजी अस्पतालों को मिल रहा है। इससे देश में स्वास्थ्य का बुनियादी ढांचा नहीं सुधर रहा है। भारत की सबसे बड़ी जरूरत बुजर्गों की देखभाल और उनको प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की होनी चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि स्वास्थ्य का बजट बढ़ाया जाए और बजट का ज्यादा हिस्सा प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं को विकसित करने में लगे। लेकिन क्या ऐसी कोई प्राथमिकता बनी दिखती है?

By हरिशंकर व्यास

भारत की हिंदी पत्रकारिता में मौलिक चिंतन, बेबाक-बेधड़क लेखन का इकलौता सशक्त नाम। मौलिक चिंतक-बेबाक लेखक-बहुप्रयोगी पत्रकार और संपादक। सन् 1977 से अब तक के पत्रकारीय सफर के सर्वाधिक अनुभवी और लगातार लिखने वाले संपादक।  ‘जनसत्ता’ में लेखन के साथ राजनीति की अंतरकथा, खुलासे वाले ‘गपशप’ कॉलम को 1983 में लिखना शुरू किया तो ‘जनसत्ता’, ‘पंजाब केसरी’, ‘द पॉयनियर’ आदि से ‘नया इंडिया’ में लगातार कोई चालीस साल से चला आ रहा कॉलम लेखन। नई सदी के पहले दशक में ईटीवी चैनल पर ‘सेंट्रल हॉल’ प्रोग्राम शुरू किया तो सप्ताह में पांच दिन के सिलसिले में कोई नौ साल चला! प्रोग्राम की लोकप्रियता-तटस्थ प्रतिष्ठा थी जो 2014 में चुनाव प्रचार के प्रारंभ में नरेंद्र मोदी का सर्वप्रथम इंटरव्यू सेंट्रल हॉल प्रोग्राम में था। आजाद भारत के 14 में से 11 प्रधानमंत्रियों की सरकारों को बारीकी-बेबाकी से कवर करते हुए हर सरकार के सच्चाई से खुलासे में हरिशंकर व्यास ने नियंताओं-सत्तावानों के इंटरव्यू, विश्लेषण और विचार लेखन के अलावा राष्ट्र, समाज, धर्म, आर्थिकी, यात्रा संस्मरण, कला, फिल्म, संगीत आदि पर जो लिखा है उनके संकलन में कई पुस्तकें जल्द प्रकाश्य। संवाद परिक्रमा फीचर एजेंसी, ‘जनसत्ता’, ‘कंप्यूटर संचार सूचना’, ‘राजनीति संवाद परिक्रमा’, ‘नया इंडिया’ समाचार पत्र-पत्रिकाओं में नींव से निर्माण में अहम भूमिका व लेखन-संपादन का चालीस साला कर्मयोग। इलेक्ट्रोनिक मीडिया में नब्बे के दशक की एटीएन, दूरदर्शन चैनलों पर ‘कारोबारनामा’, ढेरों डॉक्यूमेंटरी के बाद इंटरनेट पर हिंदी को स्थापित करने के लिए नब्बे के दशक में भारतीय भाषाओं के बहुभाषी ‘नेटजॉल.काम’ पोर्टल की परिकल्पना और लांच।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

3 + ten =

kishori-yojna
kishori-yojna
ट्रेंडिंग खबरें arrow
x
न्यूज़ फ़्लैश
हत्या के प्रयास मामले में सपा विधायक बरी
हत्या के प्रयास मामले में सपा विधायक बरी