बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान (बिपार्ड) में आयोजित दो दिवसीय मंथन-2025 प्रशासनिक कार्यशाला की शुरुआत बुधवार से हो गई। इस कार्यशाला का उद्घाटन बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया।
इस उच्चस्तरीय कार्यशाला में बिहार के सभी जिलों के जिलाधिकारी, प्रमंडलीय आयुक्त (कमिश्नर) और वरीय प्रशासनिक अधिकारी शामिल हो रहे हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री पटना से बोधगया हवाई अड्डा पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया।
कार्यशाला का प्रमुख उद्देश्य ‘जिला-केंद्रित शासन प्रणाली’ को सुदृढ़ करना, नीति-निर्माण और क्षेत्रीय स्तर पर उसके प्रभावी क्रियान्वयन के मध्य समन्वय को मजबूत करना तथा अनुभव-साझाकरण के माध्यम से प्रशासनिक दक्षता और निर्णय क्षमता को बढ़ावा देना है। कार्यशाला समकालीन शासन चुनौतियों, उभरती प्रशासनिक प्राथमिकताओं तथा भविष्य उन्मुख नीति संवाद के लिए एक सशक्त मंच के रूप में आयोजित की जा रही है।
‘मंथन–2025’ के दौरान उत्तरदायी शासन, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, शहरी विकास की चुनौतियां एवं भावी मार्ग, प्रभावी प्रशासन के लिए विधि एवं विधिक ढांचा तथा लोक-निजी भागीदारी एवं अवसंरचना विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा। इन सत्रों में प्रतिष्ठित विषय विशेषज्ञों, वरिष्ठ नीति-निर्माताओं एवं अनुभवी प्रशासकों द्वारा अपने अनुभव और दृष्टिकोण साझा किए जाएंगे।
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इसके अतिरिक्त, विभिन्न जिलों द्वारा प्रस्तुत नवाचारी पहलों के माध्यम से क्षेत्रीय स्तर की सफल प्रशासनिक पहलों को भी साझा किया जाएगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस दौरान बिपार्ड परिसर में विकसित की गई विभिन्न विकासात्मक एवं नवाचारी अवसंरचना सुविधाओं का लोकार्पण भी किया। इनमें संवाद वाटिका, नक्षत्र वन, सुनियोजित प्रयासों से पुनर्जीवित ब्रह्मयोनि सरोवर, उन्नत पुस्तकालय, मोटर ड्राइविंग स्कूल तथा नव-स्थापित स्पेस गैलरी शामिल हैं।
मंथन-2025 से राज्य में प्रशासनिक तैयारियों को सुदृढ़ करने, क्षेत्रीय पदाधिकारियों में विधिक एवं संस्थागत आत्मविश्वास को मजबूत करने तथा समग्र प्रशासनिक परिणामों में गुणात्मक सुधार की अपेक्षा की जा रही है। कार्यशाला का समापन 18 दिसंबर को उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के संबोधन के साथ होगा।
Pic Credit : ANI
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