Nitish Kumar

  • नीतीश के कारण बनी अनोखी स्थिति

    बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विधान परिषद से इस्तीफा देने के बाद एक अनोखी स्थिति बन गई है, जिसके बारे में जनता दल यू के नेता और कानून व संविधान के जानकार भी सिर्फ इतना कह पा रहे हैं कि संविधान बनाने वालों ने कभी ऐसी स्थिति के बारे में नहीं सोचा होगा। हालांकि कुछ लोग इसे संवैधानिक संकट मान रहे हैं लेकिन ज्यादातर लोगों का कहना है कि संवैधानिक संकट नहीं है, बल्कि संविधान के अनुच्छेद 164 की व्याख्या का मामला है। संविधान के अनुच्छेद 164 में मंत्रियों की नियुक्ति के प्रावधान किए गए हैं। यह बहुत दिलचस्प...

  • नीतीश 10 अप्रैल के बाद सीएम कुर्सी छोड़ेंगे

    नीतीश कुमार अभी तुरंत मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देने जा रहे हैं। जानकार सूत्रों का कहना है कि वे 10 अप्रैल के बाद ही पद छोड़ेंगे। पटना में पिछले कई दिन से इस बात की चर्चा थी कि नीतीश कुमार दिल्ली जाने से पहले मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। जब यह तय हुआ कि 30 मार्च को वे विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा देंगे तब भी कहा गया कि वे जल्दी ही मुख्यमंत्री पद से भी इस्तीफा दे देंगे। भाजपा नेताओं को उम्मीद थी कि नीतीश कुमार दिल्ली में राज्यसभा की सदस्यता लेने से पहले मुख्यमंत्री...

  • नीतीश, नितिन नबीन ने इस्तीफा दिया

    पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार विधान परिषद से और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने बिहार विधानसभा से इस्तीफा दे दिया है। दोनों राज्यसभा के लिए चुने जा चुके हैं। राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद संवैधानिक बाध्यता के तहत 14 दिन की अवधि पूरी होने के आखिरी दिन दोनों ने इस्तीफा दिया। नीतीश कुमार का इस्तीफा विजय चौधरी और एमएलसी संजय गांधी लेकर विधान परिषद पहुंचे। नितिन नबीन का इस्तीफा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने विधानसभा अध्यक्ष को सौंपा। जदयू नेता और बिहार सरकार के मंत्री विजय चौधरी ने कहा, ‘मुख्यमंत्री जी राज्यसभा के...

  • नीतीश कुमार ने विधान परिषद की सदस्यता से दिया इस्तीफा

    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा सदस्य के रूप में निर्वाचित होने के बाद सोमवार को विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।   जदयू के नेता और बिहार के मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहले ही राज्यसभा के लिए निर्वाचित घोषित हो चुके हैं, और यह संवैधानिक रूप से अनिवार्य था। मुख्यमंत्री भी आज विधान परिषद की सदस्यता का त्याग करेंगे। उन्हीं के इस्तीफा का पत्र लेकर एमएलसी संजय गांधी और हमलोग विधान परिषद आए हैं। सभापति आएंगे और आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। नीतीश कुमार के इस कदम के साथ ही बिहार...

  • पर्ची से नहीं निकलेगा बिहार के सीएम का नाम

    बिहार में सत्ता का हस्तांतरण उतना आसान नहीं दिख रहा है, जितना भारतीय जनता पार्टी समझ रही थी। एक बार नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद छोड़ने पर राजी हो गए तो सारी बारगेनिंग पावर उनके हाथ में आ गई है। इससे पहले खुद मुख्यमंत्री बने रहने के लिए वे कई तरह के समझौते करते थे। लेकिन जब उनको मुख्यमंत्री नहीं रहना है तो वे भाजपा के साथ ज्यादा मजबूती से मोलभाव करने की स्थिति में हैं। उनकी पार्टी इस वास्तविकता को समझ रही है और उस हिसाब से पोजिशनिंग की जा रही है। नीतीश कुमार की पार्टी सत्ता हस्तांतरण की टाइमिंग...

  • नीतीश कुमार 13 अप्रैल के बाद छोड़ सकते हैं मुख्यमंत्री की कुर्सी, 30 मार्च को देंगे एमएलसी पद से इस्तीफा

    बिहार में राजनीतिक हलचल तेज होने लगी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 30 अप्रैल को बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे सकते हैं, जबकि 13 अप्रैल के बाद वे कभी भी मुख्यमंत्री पद छोड़ सकते हैं। मुख्यमंत्री आवास से जुड़े सूत्रों ने यह जानकारी दी। नीतीश कुमार, जो अभी बिहार विधान परिषद के सदस्य हैं, ने 16 मार्च को हुए राज्यसभा चुनाव में पहले ही जीत हासिल की। नियमों के अनुसार, नीतीश कुमार को संसद के लिए चुने जाने के 14 दिनों के भीतर राज्य विधानमंडल से इस्तीफा देना होता है। इस स्थिति में राज्य विधानसभा या विधान परिषद...

  • नीतीश कब छोड़ेंगे सीएम की कुर्सी?

    यह सस्पेंस खत्म नहीं हो रहा है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कब  इस्तीफा देंगे। उनको दो इस्तीफे देने हैं। पहला तो विधान परिषद से और दूसरा मुख्यमंत्री पद से। गौरतलब है कि नीतीश कुमार 16 मार्च को राज्यसभा के लिए चुन लिए गए और पहले से विधान परिषद के सदस्य हैं। सो, 16 मार्च से 14 दिन के अंदर उनको किसी एक सदन से इस्तीफा देना है। उनके राज्यसभा के लिए चुने जाने के 10 दिन हो गए हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन भी उनके साथ ही राज्यसभा के लिए चुने गए थे। वे पहले से...

  • नीतीश कुमार जदयू के निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए

    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंगलवार को एक बार फिर निर्विरोध रूप से जदयू का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए हैं। नामांकन के वापस लिए जाने के अंतिम समय गुजर जाने के बाद उन्हें निर्विरोध अध्यक्ष चुन लिया गया। नीतीश कुमार के अलावा किसी और नेता ने अपना पर्चा दाखिल नहीं किया।  जदयू के राष्ट्रीय सचिव और मुख्यालय प्रभारी मोहम्मद निसार ने एक बयान जारी कर मंगलवार को इसकी जानकारी देते हुए कहा कि जनता दल (यूनाइटेड) के अध्यक्ष पद की उम्मीदवारी के लिए नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि मंगलवार 24 मार्च, 2026 को सुबह 11 बजे थी।  नामांकन वापस...

  • जनता दल यू की दबाव की राजनीति

    पटना में इन दिनों खूब राजनीति चल रही है और राजनीतिक गपशप भी खूब हो रही है। सत्ता हस्तांतरण होना है। नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए चुन लिए गए हैं और फिर से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन रहे हैं। वे विधान परिषद की सदस्यता से कब इस्तीफा देंगे और मुख्यमंत्री पद कब छोड़ेंगे इसे लेकर भी अटकलें हैं। और इन सबके बीच दबाव की राजनीति भी खूब हो रही है। जनता दल यू के सभी नेता नीतीश कुमार के बेटे निशांत को राजवीति के लिए तैयार करने में लगे हैं। नीतीश अब बहुत कुछ समझने की मानसिक अवस्था में...

  • बिहार में सत्ता परिवर्तन 10 अप्रैल तक

    मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी आखिरी राजनीतिक यात्रा पूरी कर ली है। राज्यसभा के लिए नामांकन करने के बाद वे समृद्धि यात्रा पर निकले थे। पिछले साल उन्होंने समृद्धि यात्रा शुरू की थी और उत्तर बिहार से लेकर मध्य और दक्षिण बिहार के राज्यों में वे गए थे। लेकिन पूर्वी इलाका छूट गया था। सीमांचल में उनकी यात्रा नहीं गई थी। इस बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पूर्वांचल में तीन दिन कैम्प किया। इसके बाद ही नीतीश को राज्यसभा के लिए नामांकन करने पर मजबूर किया गया। नामांकन के बाद वे सीमांचल में...

  • नीतीश के बाद बिहार की राजनीति कैसे होगी?

    बिहार की राजनीति में बुनियादी बदलाव हो रहा है। ऐसा सिर्फ इसलिए नहीं हो रहा है कि पिछले तीन दशक से ज्यादा समय तक बिहार की राजनीति के केंद्र में रहे चेहरे बदल रहे हैं, बल्कि इसलिए हो रहा है कि पहली बार बिहार में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाने जा रही है। पहली बार उसका मुख्यमंत्री बनने जा रहा है। भाजपा पहली बार बिहार की केंद्रीय राजनीतिक शक्ति बनने जा रही है। अभी तक वह समाजवादी पार्टियों के पीछे पीछे चल कर सत्ता में आती थी या राजनीति करती थी। भारतीय जनसंघ के जमाने में कर्पूरी ठाकुर हों...

  • जद (यू) में नीतीश का बेटा शामिल

    पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार रविवार को जनता दल (यूनाइटेड) की सदस्यता ली। इस मौके पर उन्होंने कहा कि वह पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए काम करेंगे।इंजीनियरिंग में स्नातक निशांत को पार्टी मुख्यालय में केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ‘ललन’ और पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा समेत प्रमुख नेताओं की उपस्थिति में जद (यू) में शामिल कराया गया। पार्टी में शामिल होने के बाद निशांत ने कहा, “मेरे पिता ने राज्यसभा सदस्य बनने का फैसला लिया, यह उनका व्यक्तिगत निर्णय था। हम सभी इसका सम्मान करते हैं। हम उनके मार्गदर्शन में...

  • नीतीश के हाथ में अब कुछ भी नहीं

    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को पार्टी के विधायकों, सांसदों की बैठक बुलाई तो उसमें कहा कि सब कुछ पहले जैसा ही रहेगा और वे दिल्ली से पार्टी के कामकाज पर नजर रखेंगे। उनसे ज्यादा उनके साथ वाले नेताओं ने भरोसा दिलाने की कोशिश की। लेकिन हकीकत यह है कि नीतीश कुमार के हाथ में अब कुछ भी नहीं है। उनको मुख्यमंत्री पद से हटाने के लिए भाजपा ने पिछले 12 साल से जो अभियान चला रहा था उसमें कामयाब होने के बाद भाजपा ने यह भी सुनिश्चित किया है कि नीतीश की मोलभाव की क्षमता को भी...

  • मंडल राजनीति (लोहियावाद) का ढहा खंडहर!

    आधुनिक समय में ‘देशज’ हिंदू राजनीति के तीन प्रयोगधर्मी (विचारक?) हुए- गांधी, सावरकर और लोहिया। इन तीनों ने वे सूत्र, वे प्रयोग दिए, जिससे हिंदुओं को भक्ति की तीन नई मूर्तियाँ मिलीं। 1947 के बाद गांधी के नेहरू ने अपने प्रयोग किए। नेहरूवादी पैदा हुए। वही सावरकर के भक्तों ने हवा में लाठी घुमाते हुए भय, भक्ति, भूख की भीड़ बनाना शुरू किया। एक तरफ नेहरूवादी, दूसरी तरफ हिंदुवादी (धर्मनिरपेक्ष बनाम सांप्रदायिक)। और फिर इन दो धुरियों के बीच अचानक लड़ाकू तेवर के साथ डॉ. राममनोहर लोहिया उभरे। उनके जमीनी सूत्रों-नारों ने समाज में ऐसी हलचल बनाई, जिसके आगे गांधीवादी...

  • मोदी का मिशन बिहार पूरा हुआ

    बिहार में नीतीश कुमार का शासन नरेंद्र मोदी के लिए दुखती रग की तरह था। आखिर नीतीश एनडीए के इकलौते नेता थे, जिन्होंने 2013 में मोदी को एनडीए की चुनाव समिति का प्रमुख और बाद में प्रधानमंत्री पद का दावेदार बनाए जाने का विरोध करते हुए एनडीए छोड़ा था। इसके बाद वे अकेले चुनाव लड़े और मोदी ने रामविलास पासवान और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी से तालमेल करके चुनाव लड़ा। उस चुनाव में भाजपा ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। उसने अकेले 243 सीटें मिलीं और एनडीए ने 32 सीटें जीतीं। नीतीश कुमार की पार्टी दो सीटों पर सिमट गई। तो मोदी...

  • कौन बनेगा बिहार का मुख्यमंत्री?

    अब सवाल है कि नीतीश कुमार से मोदी और शाह का बदला पूरा हो गया लेकिन आगे क्या? आगे भाजपा किसको मुख्यमंत्री बनाएगी यह लाख टके का सवाल है। भाजपा ने पिछले 10 सालों में जिस तरह के लोगों को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठाया उसे देख कर तो लगता है कि मोदी और शाह का एकमात्र लक्ष्य लोगों को हैरान करना या चौंकाना होता है। वे चुन कर ऐसे व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाते हैं, जिसके बारे में किसी ने नहीं सोचा हो। जितने नाम पहले से चल रहे होते हैं उनको छोड़ कर किसी अन्य को सीएम बनाया जाता...

  • चुनाव से पहले योजना बन गई थी

    नीतीश कुमार को ज्यादा समय तक मुख्यमंत्री नहीं रहने देना है इसका फैसला नवंबर 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले ही बन गई थी। सबको साफ दिख रहा था कि नीतीश कुमार भूलने की बीमारी से ग्रस्त हो गए हैं। इसका फायदा उठा कर भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने उनके आसपास के नेताओं को अपने साथ मिलाना शुरू किया। इसके लिए साम, दाम, दंड और भेद की नीति अपनाई गई। जिसे अंग्रेजी में स्टिक एंड कैरेट की नीति कहते हैं। नेताओं को डरा कर और लालच देकर साथ मिलाया गया। उनको इस बात के लिए तैयार किया गया कि वे...

  • नीतीश सीएम पद छोड़ेंगे

    पटना। दो दशक के बाद नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ने जा रहे हैं। उन्होंने गुरुवार को राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल किया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उनके साथ मौजूद रहे। इससे पहले नीतीश कुमार ने एक लंबी पोस्ट लिख कर सोशल मीडिया में साझा किया, जिसमें उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा संसद के उच्च सदन में जाने की थी, इसलिए वे नामांकन भर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में बनने वाली नई सरकार को उनका पूरा समर्थन रहेगा। माना जा रहा है कि नीतीश की जगह भाजपा अपना मुख्यमंत्री बनाएगी। मौजूदा फॉर्मूले के...

  • नीतीश समर्थकों के प्रदर्शन

    पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबरों के बाद पूरे प्रदेश में इसका विरोध हुआ। जनता दल यू के कार्यकर्ताओं और नीतीश कुमार समर्थकों ने कई जिलों में प्रदर्शन किया। उनके राज्यसभा जाने की खबर मिलने के बाद सुबह से ही कार्यकर्ता सीएम आवास पहुंचने लगे। उन्होंने कहा कि, नीतीश कुमार बिहार के हैं और बिहार की जनता ने उनको 2030 तक के लिए चुना है। इसलिए उन्हें कहीं नहीं जाने देंगे। सीएम आवास के बाहर जमा कार्यकर्ता इतने गुस्से में थे कि उन्होंने मुख्यमंत्री आवास जा रहे कई नेताओं की गाड़ियों को रोका और उन्हें...

  • नीतीश कुमार चले दिल्ली…. राज्यसभा के लिए किया नामांकन

    बिहार की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर हलचल तेज है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के निर्णय को प्रदेश की सियासत में बड़े उलटफेर की संभावना है। इस बीच  गुरुवार को  मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन सहित एनडीए के सभी पांच उम्मीदवारों ने गुरुवार को राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया।  इस मौके पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे। बिहार एनडीए के सभी उम्मीदवार नीतीश कुमार, नितिन नवीन, रामनाथ ठाकुर, शिवेश कुमार राम और उपेंद्र कुशवाहा विधानसभा परिसर पहुंचे और राज्यसभा के लिए नामांकन का पर्चा दाखिल किया। इससे पहले...

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