हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने शनिवार को अपने एक वायरल वीडियो को लेकर सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने सिर्फ री-काउंटिंग के बारे में बात की थी।
पटना में मीडिया से बातचीत करते हुए केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि वीडियो को गलत संदर्भ में पेश किया जा रहा है और उनके बयान का अर्थ तोड़-मरोड़कर जनता के सामने रखा गया है। उन्होंने साफ कहा कि वे केवल चुनाव प्रक्रिया के दौरान री-काउंटिंग की बात कर रहे थे, न कि किसी प्रकार की चुनावी हेराफेरी की।
मांझी ने उदाहरण के तौर पर 2020 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उनके प्रत्याशी लगभग 2700 वोटों से चुनाव हार गए थे। इसके बाद नियम के मुताबिक उन्होंने अधिकारियों से री-काउंटिंग की मांग की थी, जिसे अधिकारियों ने मान लिया और नतीजा उनके पक्ष में आया था।
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अपने बयान को स्पष्ट करते हुए मांझी ने 2025 के विधानसभा चुनाव का भी जिक्र किया। कई सीटों पर इस चुनाव में भी ऐसा हुआ है। री-काउंटिंग एक कानून सम्मत प्रक्रिया है। इस चुनाव में जिस वायरल वीडियो की चर्चा हो रही है, उसमें वे चुनाव के मतगणना में हार की आशंका के बाद वहां से चले गए, जबकि उन्हें री-काउंटिंग की मांग करनी चाहिए थी। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा था कि 2020 में री-काउंटिंग की मांग की गई थी, इसलिए तब जीत मिली थी। जब मतगणना के दौरान वोटों का अंतर कम हो और स्थिति संदिग्ध लगे, तो प्रत्याशी को री-काउंटिंग की मांग करनी चाहिए।
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के खिलाफ राजद ने आरोप लगाया है कि चुनाव नतीजों में हेराफेरी हुई है। राजद ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि मांझी खुले मंच से यह स्वीकार कर रहे हैं कि 2020 के चुनाव में गया जिले की टिकारी विधानसभा सीट पर तत्कालीन डीएम की मदद से नतीजों में बदलाव कराया गया था। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी इस बार 2025 चुनाव में टिकारी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव हारने और पिछला कारनामा न दोहरा पाने पर अफसोस जता रहे हैं।
Pic Credit : ANI
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