बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि बिहार की कानून व्यवस्था इतनी खराब हो चुकी है कि पिछले एक महीने में ही बिहार से 8,681 बच्चे गायब हुए हैं, जिसमें 85 फीसदी लड़कियां हैं। उन्होंने कहा कि आज समूचे बिहार की महिलाएं, बच्चे और आम नागरिक असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, “बिहार में प्रतिदिन अनेकों दुष्कर्म की जघन्य घटनाएं घटती हैं। घर में घुसकर महिलाओं के साथ दुष्कर्म किया जाता है। चंद दिनों में 75 से अधिक दुष्कर्म एवं सामूहिक दुष्कर्म की घटनाओं को अंजाम दिया गया है। स्वर्णकारों के साथ दिनदहाड़े लूट की घटनाएं होती हैं।
उन्होंने कहा कि हर जिले में हर दिन हत्या, लूट और चोरी की वारदात हो रही है, लेकिन इसके बावजूद पूरे जीवन में बार-बार राजनीतिक गमछा और चश्मा बदलने वाले असहाय मुख्यमंत्री ‘एआई तकनीकयुक्त कैमरा’ का इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि आर्टिफिशियल बातें करने वाले आर्टिफिशियल सीएम को न तो बिहार की फिक्र है और न ही बिहारवासियों की।
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उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार की एनडीए सरकार में पहले रेप पीड़िता नीट छात्रा की हत्या और अब पॉलिटेक्निक परीक्षा देने पटना आई नाबालिग छात्रा के साथ होटल में छेड़छाड़ और अपहरण का प्रयास, बिहार में ‘अपराधियों के सम्राट’ रूप धारण करने का प्रमाण है। बिहार के अलग-अलग जिलों की छात्राएं पटना में रहकर पढ़ाई करती हैं, लेकिन एनडीए राज में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा बेहद चिंताजनक है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पाताल से अपराधियों को ढूंढने का दावा कर डायलॉग बांचने वाले कृत्रिम तरीके से नॉमिनेटेड मुख्यमंत्री बने ‘अपराधियों के सम्राट’ की सरकार में पुलिस और कानून का डर पूरी तरह से खत्म हो चुका है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि टपोरियों की तरह सड़कछाप डायलॉगबाजी छोड़कर, रीलबाजी से फुर्सत निकालकर बिहार की मातृशक्ति की सुरक्षा के लिए कारगर उपाय करें। उन्होंने कहा कि हम महिलाओं की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होने देंगे।
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