नई दिल्ली। आसियान देशों के रक्षा मंत्रियों की बैठक 20 से 22 नवंबर तक लाओस में आयोजित की जा रही है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) भी आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक प्लस (एडीएमएम-प्लस) में शामिल होंगे। इसके लिए वह बुधवार से वियनतियाने, लाओ पीडीआर की आधिकारिक यात्रा पर हैं। यहां रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व चीन के रक्षा मंत्री के बीच आज एक महत्वपूर्ण मुलाकात होनी है। गौरतलब है कि यह मुलाकात कई मायनों में बेहद खास है। पिछले दिनों ही चीन के साथ बातचीत की एक लंबी श्रृंखला के उपरांत चीन से सटी एलएसी पर सेना का डिसएंगेजमेंट देखा गया है। रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक सफल वार्ताओं का यह दौर अब आगे भी जारी रह सकता है। माना जा रहा है कि इस मुलाकात के दौरान एलएसी से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। इस लिहाज से भारत और चीन के रक्षा मंत्रियों के बीच होने वाली यह बैठक कई मायनों में खास है। इसके अलावा यहां राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) व अमेरिकी रक्षा मंत्री के बीच भी मुलाकात होनी है। चीन और अमेरिका के रक्षा मंत्रियों के साथ होने वाली यह मुलाकातें एक द्विपक्षीय बैठक होंगी। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक 11वीं एडीएमएम-प्लस बैठक के दौरान राजनाथ सिंह चीन और अमेरिका के रक्षा मंत्रियों समेत आसियान से जुड़े कई अन्य देशों के रक्षा मंत्रियों से भी मुलाकात करेंगे। ऑस्ट्रेलिया, जापान, लाओ पीडीआर, मलेशिया, न्यूजीलैंड, फिलीपींस और कोरिया के रक्षा मंत्रियों के साथ भी भारतीय रक्षा मंत्री की द्विपक्षीय बैठक होनी है।
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गौरतलब है कि वैश्विक स्तर पर भारत लगातार विभिन्न देशों के साथ मजबूत रक्षा सहयोग स्थापित कर रहा है। राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) 22 नवंबर तक आसियान रक्षा मंत्रियों की इस बैठक में रहेंगे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस अंतरराष्ट्रीय बैठक के दौरान क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा मुद्दों पर मंच को संबोधित करेंगे। रक्षा मंत्रालय का कहना है कि विभिन्न देशों की रक्षा मंत्रियों के साथ बैठकों का उद्देश्य इन देशों के साथ द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और आगे बढ़ाना है। दरअसल एडीएमएम आसियान में सर्वोच्च रक्षा परामर्शदात्री और सहयोग तंत्र है। एडीएमएम -प्लस आसियान सदस्य देशों (ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओ पीडीआर, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, वियतनाम) और इसके आठ वार्ता साझेदारों (भारत, अमेरिका, चीन, रूस, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड) के लिए सुरक्षा और रक्षा सहयोग को मजबूत करने का एक मंच है। भारत 1992 में आसियान का वार्ता साझेदार बना और पहला एडीएमएम -प्लस 12 अक्टूबर, 2010 को हनोई, वियतनाम में आयोजित किया गया था। 2017 से, एडीएमएम-प्लस देशों के मंत्री आसियान और इसके वार्ता साझेदार देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के लिए सालाना बैठक कर रहे हैं। लाओ पीडीआर 11वें एडीएमएम -प्लस का अध्यक्ष और मेजबान है।
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Image Source: ANI Photo


