निस्तार श्रेणी का दूसरा डाइविंग सपोर्ट वेसल (डीएसवी) आईएनएस निपुण सोमवार को मुंबई के नौसेना डॉकयार्ड में नौसेना के बेड़े में शामिल हो गया जिससे उसकी गहरे समुद्र में गोताखोरी, पानी के भीतर कार्रवाई और पनडुब्बी बचाव क्षमताओं में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी होगी।
नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन ने इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता की। पश्चिमी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल संजय वात्सायन सहित वरिष्ठ नौसेना अधिकारी भी इस मौके पर मौजूद थे।
हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड , विशाखापत्तनम द्वारा देश में ही डिजाइन और निर्मित आईएनएस निपुण भारत की तकनीकी रूप से जटिल विशेषज्ञ नौसैनिक प्लेटफॉर्म डिजाइन और निर्माण क्षमता तथा रक्षा जहाज निर्माण में आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पोत को गहरे समुद्र में गोताखोरी और पानी के भीतर अभियानों के लिए बनाया गया है तथा यह सैचुरेशन, एयर और हेलिऑक्स डाइविंग, दूर से संचालित अंडरवाटर सिस्टम, डायनेमिक पोजिशनिंग, लाइफ-सपोर्ट और चिकित्सा सुविधाओं से लैस है।
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आईएनएस निपुण पनडुब्बी बचाव अभियानों में भी सक्षम है और आईएनएस निस्तार के साथ नौसेना की गोताखोरी, अंडरवाटर इंटरवेंशन, सैल्वेज और पनडुब्बी बचाव क्षमताओं को मजबूत करेगा। नौसेना प्रमुख ने कहा कि समुद्री परीक्षणों के दौरान एक ही बार में सभी डाइविंग प्रणालियों की भूमिका-क्षमता साबित होना देश के तकनीकी आत्मविश्वास और इंजीनियरिंग क्षमता का प्रमाण है।
पश्चिमी तट पर पश्चिमी नौसेना कमान के तहत तैनात आईएनएस निपुण बढ़ते विवादित समुद्री माहौल और वैश्विक समुद्री मार्गों के सामने बढ़ते खतरों के बीच बहु-क्षेत्रीय अभियानों के लिए विशेषज्ञ क्षमता को मजबूत करेगा। नौसेना के अनुसार, इसकी विशिष्ट क्षमताएं कुछ ही वैश्विक नौसेनाओं के पास हैं और यह भारतीय नौसेना तथा साझेदार देशों की संकटग्रस्त पनडुब्बियों को त्वरित सहायता देने में सक्षम होगा, जिससे क्षेत्र में सहायता अभियानों की भारत की स्थिति मजबूत होगी।
नौसेना प्रमुख ने निपुण के चालक दल से ‘निश्चय, निर्भय, निपुण’ के आदर्श वाक्य पर खरा उतरने तथा कर्तव्य, सम्मान और साहस के मूल नौसैनिक मूल्यों को बनाए रखने का आह्वान किया।
Pic Credit : ANI
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