झारखंड के नक्सल प्रभावित पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल में सुरक्षाबलों को नक्सलियों के खिलाफ जारी अभियान में एक और बड़ी सफलता मिली है। किरीबुरू थाना क्षेत्र अंतर्गत बीहड़ कुमड़ी और हिंजोदिरी गांव के बीच शुक्रवार सुबह दोबारा हुई मुठभेड़ में एक महिला नक्सली को मार गिराया गया।
इसके साथ ही इस ऑपरेशन में मारे गए नक्सलियों की कुल संख्या बढ़कर 16 हो गई है। इससे एक दिन पहले गुरुवार को सारंडा के घने जंगलों में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में एक करोड़ के इनामी माओवादी केंद्रीय कमेटी सदस्य पतिराम मांझी उर्फ अनल दा समेत 15 नक्सली मारे गए थे। गुरुवार को मारे गए नक्सलियों में पांच महिलाएं भी शामिल थीं।
सीआरपीएफ के आईजी साकेत कुमार सिंह ने बताया कि गुरुवार सुबह करीब 6:30 बजे ‘ऑपरेशन मेधा बुरु’ के तहत 209 कोबरा, झारखंड जगुआर, सीआरपीएफ और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने अभियान शुरू किया था। इस दौरान अनल उर्फ पतिराम मांझी के सशस्त्र दस्ते ने सुरक्षाबलों पर अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसके जवाब में आत्मरक्षा में कार्रवाई की गई।
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कई चरणों में चली मुठभेड़ के बाद मौके से 15 नक्सलियों के शव, बड़ी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद की गई। मारे गए नक्सलियों में अनमोल उर्फ सुशांत (बीजेएसएसी), अमित मुंडा (आरसीएम), पिंटू लोहरा, लालजीत उर्फ लालू, राजेश मुंडा, बुलबुल अल्दा, बबिता, पूर्णिमा, सूरजमुनी और जोंगा शामिल हैं। इनमें से कई नक्सलियों पर झारखंड, ओडिशा और एनआईए द्वारा लाखों रुपये के इनाम घोषित थे और इनके खिलाफ गंभीर नक्सली मामलों के दर्जनों केस दर्ज थे।
अनल उर्फ पतिराम मांझी गिरिडीह जिले के पीरटांड थाना क्षेत्र का निवासी था। उस पर झारखंड में एक करोड़ रुपये, ओडिशा में एक करोड़ 20 लाख रुपये और एनआईए द्वारा 15 लाख रुपये का इनाम घोषित था। उसके खिलाफ कुल 149 आपराधिक मामले दर्ज थे। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, वर्ष 2022 से अब तक चाईबासा के कोल्हान और सारंडा क्षेत्र में हुए कई आईईडी विस्फोटों और हिंसक घटनाओं में उसके दस्ते की अहम भूमिका रही है।
आईजी साकेत कुमार सिंह ने कहा कि अनल दा के मारे जाने से ओडिशा सीमा से सटे इलाकों में नक्सली गतिविधियों पर निर्णायक असर पड़ेगा। सुरक्षा एजेंसियों का अनुमान है कि इस मुठभेड़ के बाद झारखंड में सक्रिय नक्सलियों की संख्या घटकर 50 से 60 के बीच रह गई है। झारखंड पुलिस ने शेष बचे नक्सलियों से आत्मसमर्पण कर राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ उठाने की अपील की है। फिलहाल पूरे सारंडा क्षेत्र में सघन सर्च ऑपरेशन जारी है और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।
Pic Credit : ANI
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