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झारखंड विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन मंगलवार को भोजनावकाश के बाद विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्रनाथ महतो ने सदन में हो रहे शोर-शराबे का हवाला देकर सत्र के लिए निर्धारित समय से एक दिन पहले ही सभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल तक के लिए स्थगित कर दी। विधानसभा अध्यक्ष श्री महतो ने सदन में आज कहा कि यह पहली बार है जब भारी मन से वे सभा की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर रहे हैं।

वहीं इससे पूर्व सदन नेता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जेपीएसएससी-जेएसएससी परीक्षा विवाद को लेकर सदन में सरकार की बातों को रखा। मुख्यमंत्री ने सदन के अंदर 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा, सिविल सेवा बैकलॉग परीक्षा-2023 और सिविल सेवा बैकलॉग परीक्षा-2025 को रद्द करने पर विचार कर रहे हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि टीडीपीएल से जुड़ी सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की जांच हो रही है। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए आईआईटी-आईएसएम धनबाद, आईआईएम रांची और एक्सएलआरआई जमशेदपुर के माध्यम से रिपोर्ट तैयार कराने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा छात्रों के अधिकतर मांगों को मान ली गई है।

इस बीच भाजपा के वरिष्ठ विधायक सीपी सिंह ने हाथों में नोटों की गड्डी लहराई। इस पर मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष पैसे के बल पर लोकतंत्र को खरीदना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष के लोगों के पास काफी रूपये है और सभी के घरों में छापा पड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष परजीवी की तरह काम कर रहे हैं और छात्रों को गुमराह कर रहे हैं। लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा व विधान परिषद अति सुरक्षित क्षेत्र है। लेकिन विपक्ष ने छात्रों को गुमराह किया और छात्र विधानसभा के दहलीज तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षा के मामले में सरकार की मंशा साफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि टीडीपीएल लखनउ की कंपनी है और विपक्ष के लोगों ने ही षडयंत्र कर कंपनी को झारखंड भेजा है।

वहीं इससे पहले वित्तमंत्री राधाकृष्ण किशोर ने झारखंड राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन संशोधन विधेयक-2026 सदन पटल पर रखा। इसे सदन ने ध्वनिमत से पारित कर दिया।

इससे पहले आज सदन की कार्यवाही शुरू होने के साथ ही पक्ष और विपक्ष के सदस्य गम करने लगे और प्रश्नकाल नहीं हो पाया। सदन की बैठक शुरू होते ही कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने छात्रों के आंदोलन को शांतिपूर्ण ढंग से समाधान करने की मांग की। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों का त्वरित समाधान होना चाहिए। सरकार को उनकी मांगों को लेकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने भाजपा पर छात्रों को उकसाने का आरोप लगाया।

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इधर जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं की जांच सीबीआई से कराने व सोमवार को छात्रों पर किये गये लाठीचार्ज के मुद्दे को प्रमुख विपक्षी पार्टी भाजपा विधायकों ने उठाया। परंतु सदन में दोनों पक्ष आसन के सामने पहुंच गए तथा दोनों ओर से जमकर नारेबाजी शुरू की गई। जिसे सदन का माहौल तनावपूर्ण हो गया। हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्रनाथ महतो ने सदन की कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। उसके बाद सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होते ही एक बार फिर हंगामा शुरू हो गया। इस बीच विधानसभा अध्यक्ष ने प्रतिपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी को बोलने की अनुमति दी। परंतु सत्ता पक्ष के विधायकों ने हो-हंगामा कर बाबूलाल मरांडी को बोलने नहीं दिया। इसके बाद दोनों पक्षों के विधायक नारेबाजी करते हुए आसन के समक्ष पहुंच गए।

वहीं हंगामे के बीच ही वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सीएजी की रिपोर्ट को सदन में पेश किया। रिपोर्ट पेश होने के बिल सदन में अव्यवस्था को देखते हुए स्पीकर ने कार्यवाही भोजनावकाश तक के लिए स्थगित कर दी।

वहीं सोमवार को भाजपा विधायकों को मुख्यमंत्री आवास के दौरान डिटेन करने के मामले में भाजपा विधायक दल के सचेतक राज सिन्हा ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर इसे विशेषाधिकार हनन नोटिस दिया।

श्री सिन्हा ने अपने पत्र में कहा कि 10 अगस्त को विधानसभा सत्र के दौरान रांची जिला प्रशासन द्वारा जानबूझकर उन्हें सदन की कार्यवाही में शामिल होने से वंचित किया गया। उन्होंने कहा कि उनके साथ नेता प्रतिपक्ष, विरोधी दल के मुख्य सचेतक समेत पार्टी के सभी विधायक थे। उन्होंने यह भी कहा कि सभी को 10 अगस्त की पूर्वाह्न को बलपूर्वक गिरफ्तार किया गया। ताकि वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात सदन में नहीं रख सकें।

इसके साथ ही श्री सिन्हा ने विधानसभा अध्यक्ष से पूरे मामले के तथ्यों के आलोक में विशेषाधिकार हनन की कार्रवाई शुरू करने का आग्रह किया। वहीं सभा में मुख्यमंत्री का वक्तव्य समाप्त होने के बाद विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्रनाथ महतो ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा की। विधानसभा की औपबंधिक कार्यक्रम के तहत झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र 6 अगस्त से शुरू होकर 12 अगस्त तक चलना था लेकिन यह सत्र 11 अगस्त को ही समाप्त हो गया।

Pic Credit : ANI

By Naya India

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