रांची। कांग्रेस नेता राहुल गांधी भारत जोड़ो न्याय यात्रा के चौथे दिन झारखंड में ऐसे युवाओं से मिले, जो अपनी रोजी रोटी के लिए साइकिल से कोयला ढोते हैं। एक साइकिल पर युवा दो क्विंटल तक कोयला ढोकर मीलों ले जाते हैं। राहुल ने ऐसे एक युवा की कोयले से लदी साइकिल भी चलाई। उन्होंने इस मौके पर भाजपा को निशाना बनाया और कहा कि झारखंड मे आदिवासियों की सरकार है, जो भाजपा को पसंद नहीं है।
इससे पहले सोमवार को झारखंड में अपनी यात्रा के चौथे दिन राहुल गांधी ने रामगढ़ के महात्मा गांधी चौक से शुरुआत की। कोयला ढोने वाले युवाओं से मिलने के बाद वे रांची पहुंचे, जहां उन्होंने जनसभा को संबोधित किया और कहा- झारखंड में आपकी सरकार को क्यों हटाया गया। क्योंकि, यहां आदिवासियों की सरकार थी, जो बीजेपी को स्वीकार नहीं। लेकिन, हम लोग एक साथ खड़े हुए तो सरकार बच गई। उन्होंने कहा- केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल करके लोकतंत्र पर अटैक किया जा रहा है और जनता की आवाज को दबाया जा रहा है।
राहुल ने कहा- हमारा गठबंधन लोकतंत्र की आवाज को कभी दबने नहीं देगा। मोदी जी कहा करते है वो पिछड़े वर्ग से है। जब उनसे कहा गया कि जाति जनगणना करवा दीजिए तो उन्होंने कहा कि देश में दो ही जाति है एक अमीर है, एक गरीब है। केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर हमला करते हुए राहुल गांधी ने कहा- नोटबंदी, जीएसटी के बाद देश में भयंकर बेरोजगारी फैल गई है। छोटे व्यापारियों को देश में खत्म कर दिया गया है। प्रधानमंत्री ने नोटबंदी के नाम पर छोटे व्यापारियों को खत्म कर दिया है। आज देश का युवा रोजगार हासिल नहीं कर सकता है। जब तक दिल्ली की सरकार नहीं बदलेगी, तब तक देश के युवाओं को रोजगार नहीं मिल सकता है।
सरकारी संपत्तियों को बेचे जाने का आरोप लगाते हुए राहुल गांधी ने कहा- नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार धीरे धीरे सार्वजनिक क्षेत्र को खत्म कर रही है। केंद्र सरकार चाहती है कि एचईसी काम न करे और आने वाले दिनों में वे एचईसी का नाम बदल कर अडानी का नेमप्लेट लगा देंगे। वे इसका निजीकरण करना चाहते हैं। मैं जहां भी जाता हूं, वहां मुझे पीएसयू के लोग हाथों में पोस्टर लेकर खड़े दिखते हैं। उन्होंने कहा- भेल, एचएएल और एचईसी को धीरे धीरे अडानी के हवाले किया जा रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि देश में आर्थिक अन्याय, महिलाओं के खिलाफ अन्याय और मजदूरों के खिलाफ अन्याय हो रहे है। ये अन्याय मोदी जी और उनके मंत्रियों को नहीं दिखता है। इसी को लेकर हमने न्याय यात्रा शुरू की है।
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