इम्फाल। मंगलवार को वर्ष 2024 के आखिरी दिन मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने माफी मांगी। उन्होंने कहा, ‘आई एम सॉरी’! राज्य में पिछले छह सौ दिन से ज्यादा समय से चल रही जातीय हिंसा में सैकड़ों बेकसूर लोगों के मारे जाने, हजारों लोगों के घायल होने और बड़ी संख्या में लोगों के विस्थापित होने की घटनाओं के लिए मुख्यमंत्री ने माफी मांगी है। गौरतलब है कि मणिपुर में मई 2023 से कुकी और मैती समुदाय के बीच हिंसा चल रही है। पूरा प्रदेश जातीय आधार पर बंट गया है और लोग एक दूसरे को मार रहे हैं। इसके लिए मुख्यमंत्री की आलोचना होती रही है और उन्हें हटाने की भी चर्चाएं चलती रहती हैं। लेकिन भाजपा आलकमान उनको हटा नहीं सका।
बहरहाल, करीब 20 महीने से चल रही जातीय हिंसा को लेकर बीरेन सिंह ने 31 दिसंबर को माफी मांगी। उन्होंने कहा, ‘पूरा साल बहुत दुर्भाग्यपूर्ण रहा है। इसका मुझे बहुत दुख है। तीन मई 2023 से लेकर आज तक जो कुछ भी हो रहा है, उसके लिए मैं राज्य के लोगों से माफी मांगता हूं’। मुख्यमंत्री ने राज्य सचिवालय में मीडिया से चर्चा करते हुए कहा- कई लोगों ने अपने प्रियजन को खो दिया। कई लोगों ने अपना घर छोड़ दिया। मुझे वास्तव में खेद है। मैं माफी मांगना चाहता हूं।
मुख्यमंत्री बीरेन सिंह ने राज्य में हुई घटनाओं की जानकारी देते हुए कहा, ‘मणिपुर में मई 2023 से अक्टूबर 2023 तक गोलीबारी की 408 घटनाएं दर्ज की गईं। नवंबर 2023 से अप्रैल 2024 तक 345 घटनाएं हुईं। मई 2024 से अब तक 112 घटनाएं सामने आई हैं’। हालांकि, राज्य में पिछले महीने से शांति है। हिंसा की कोई घटना नहीं हुई। छिटपुट प्रदर्शन के लिए भी लोग सड़कों पर नहीं उतरे। सरकारी दफ्तर रोजाना खुल रहे हैं और स्कूल में बच्चों की तादाद बढ़ रही है।
बीरेन सिंह ने कहा, ‘अब तक कुल मिलाकर लगभग दो सौ लोग मारे गए हैं और 12,247 मुकदमे दर्ज किए गए हैं’। उन्होंने बताया कि अलग अलग घटनाओं में शामिल 625 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और करीब 56 हथियार और विस्फोटक पकड़े गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि करीब 35 हजार गोला, बारूद बरामद किए गए हैं। मुख्यमंत्री बीरेन सिंह ने कहा, ‘मुद्दों से निपटने में भी कामयाबी मिली है। केंद्र सरकार ने विस्थापित परिवारों की मदद के लिए पर्याप्त सुरक्षाकर्मी और धनराशि दी है। विस्थापितों के लिए नए घर बनाने के लिए भी पैसा दिया गया है’।
Leave a comment
You must be logged in to post a comment.
Image Source: ANI


