ओडिशा ने जनगणना कार्य के पहले चरण ‘मकान सूचीकरण और मकानों की जनगणना’ (हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन एंड हाउसिंग सेंसस) को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। राज्य भर में यह प्रक्रिया बेहद सुचारू रूप से संचालित की गयी।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अरविंद पाढ़ी ने गुरुवार को जारी जनगणना गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा की। इस बैठक के दौरान जनगणना संचालन निदेशक (डीसीओ) निखिल पवन कल्याण ने अतिरिक्त मुख्य सचिव को जनगणना के पहले चरण के सफलतापूर्वक संपन्न होने की जानकारी दी।
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श्री पाढ़ी ने ओडिशा भर में इस बड़े पैमाने के अभ्यास को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए जनगणना अधिकारियों, जिला कलेक्टरों, नगर आयुक्तों, प्रगणकों और पर्यवेक्षकों के समर्पित प्रयासों की सराहना की। उन्होंने रेखांकित किया कि इस स्तर के राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के लिए जमीनी स्तर के कर्मियों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है।
बैठक में जनगणना के अगले चरण ‘जनसंख्या गणना’ के लिए तैयारियों, कार्य योजना और रोडमैप की भी समीक्षा की गयी। अग्रिम योजना के महत्व पर जोर देते हुए पाढ़ी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे आगामी चरण के सफल संचालन को सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रारंभिक गतिविधियों को समय पर पूरा करें। ओडिशा में जनगणना के पहले चरण के तहत मकान सूचीकरण और मकानों की जनगणना का कार्य 16 अप्रैल से 15 मई 2026 तक 30 दिनों की अवधि में आयोजित किया गया था। इसके अतिरिक्त, ‘स्व-गणना’ (सेल्फ-इन्यूमरेशन) कार्यक्रम एक अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 तक चलाया गया था।
जनगणना का दूसरा चरण, यानी जनसंख्या गणना, फरवरी 2027 में आयोजित किया जाना निर्धारित है।
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