Wednesday

26-03-2025 Vol 19

प्रेमानंद जी महाराज की रात्रि पदयात्रा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, सामने आई बड़ी वजह

premanand ji maharaj : प्रेमानंद महाराज  महाराज को तो अब हर कोी जानता है आम आदमी से लेकर सेलिब्रिटी और क्रिकेटर तक सभी जानते है। इसका हाल ही में ताजा उदाहरण विराट कोहली और अनुष्का शर्मा का देख चुके है। जो महाराज के दर्शन के लिए पहुंचे थे।

मथुरा जाना हर कृष्णप्रेमी का सपना बन चुका है।  मथुरा के वृंदावन में हर दिन हजारों श्रद्धालु तीर्थ यात्रा के लिए आते हैं। यह पावन नगरी भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं से जुड़ी हुई है और यहां के मंदिरों में दर्शन करना हर भक्त का सपना होता है।

दिनभर भगवान के विभिन्न मंदिरों में श्रद्धालु भक्ति में लीन रहते हैं और रात्रि में प्रेमानंद महाराज के दिव्य दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भक्त रुकते हैं।

उनके सान्निध्य में आने से लोगों को अद्भुत शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त होती थी। लेकिन अब भक्तों के लिए एक दुखद समाचार सामने आया है- प्रेमानंद महाराज ने अब सार्वजनिक दर्शन न देने का निर्णय लिया है।

यह खबर सुनते ही उनके दर्शन के लिए वृंदावन आने वाले भक्तों में निराशा फैल गई है। वर्षों से, प्रेमानंद महाराज अपनी विशेष पदयात्रा के दौरान भक्तों को दर्शन देते आए हैं।

हर रात करीब 2:00 बजे वह अपनी पदयात्रा की शुरुआत करते थे, जिसमें हजारों श्रद्धालु उनकी झलक पाने के लिए खड़े रहते थे। (premanand ji maharaj)

यह यात्रा उनके निवास से प्रारंभ होकर आश्रम की ओर जाती थी, और मार्ग में भक्तगण सड़क के दोनों ओर खड़े होकर प्रेमानंद महाराज के दर्शन कर अपने को धन्य मानते थे। यह यात्रा न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान थी, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत भी थी।

also read: जानें कब है महाशिवरात्रि का पर्व और इसको मनाने के पीछे क्या है वजह…

प्रेमानंद महाराज का स्वास्थ्य बड़ा कारण 

अब जब यह यात्रा बंद हो रही है, तो इसका सबसे प्रमुख कारण प्रेमानंद महाराज का स्वास्थ्य बताया जा रहा है। बढ़ती उम्र और शारीरिक कमजोरी के कारण वह अब इस पदयात्रा को जारी नहीं रख पाएंगे।

उनके इस निर्णय से उनके अनुयायियों में गहरा दुःख व्याप्त हो गया है, क्योंकि यह पदयात्रा उनके लिए एक अनमोल अवसर थी, जब वे महाराज जी के सान्निध्य में कुछ पल बिता सकते थे और उनके आशीर्वाद से स्वयं को कृतार्थ कर सकते थे।

प्रेमानंद महाराज का यह निर्णय उनके स्वास्थ्य को देखते हुए आवश्यक था, लेकिन उनके अनुयायियों को इस बात का गहरा आघात पहुंचा है। (premanand ji maharaj

अब वे यही प्रार्थना कर रहे हैं कि प्रेमानंद महाराज शीघ्र स्वस्थ हों और पुनः भक्तों को अपने दिव्य दर्शन का सौभाग्य प्रदान करें। वृंदावन में उनके प्रवचनों और उपदेशों की विशेष मांग रहती थी, जिससे भक्तों को आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्राप्त होता था।

भले ही अब उनकी पदयात्रा स्थगित हो गई हो, लेकिन भक्तों की श्रद्धा और प्रेम में कोई कमी नहीं आएगी। वे प्रेमानंद महाराज के स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करते हुए उनकी शिक्षाओं और उपदेशों पर चलने का संकल्प ले रहे हैं।

वृंदावन की पावन धरा पर उनकी मौजूदगी ही भक्तों के लिए एक अनमोल वरदान है, और उनकी प्रेरणा से लोग श्रीकृष्ण भक्ति में लीन रहेंगे। (premanand ji maharaj)

पदयात्रा अनिश्चितकाल के लिए बंद (premanand ji maharaj)

वृंदावन की आध्यात्मिक भूमि पर वर्षों से चली आ रही प्रेमानंद महाराज की प्रसिद्ध पदयात्रा अब अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई है।

यह जानकारी उनके आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म वृंदावन रस महिमा के माध्यम से सामने आई है। इस सूचना के आते ही उनके श्रद्धालुओं और अनुयायियों में गहरी निराशा फैल गई है।

प्रेमानंद महाराज की यह पदयात्रा प्रतिदिन रात्रि 2:00 बजे प्रारंभ होती थी, जिसमें हजारों की संख्या में भक्त उनके दर्शन के लिए उपस्थित रहते थे। (premanand ji maharaj)

यह यात्रा उनके निवास से आरंभ होकर आश्रम तक जाती थी, और मार्ग में भक्तगण सड़क के दोनों किनारों पर खड़े होकर उनके दर्शन कर स्वयं को कृतार्थ मानते थे। भक्तों के लिए यह यात्रा एक आध्यात्मिक पर्व के समान थी, लेकिन अब यह धार्मिक अनुष्ठान बंद हो गया है।

सोशल मीडिया पर आधिकारिक सूचना

प्रेमानंद महाराज के सोशल मीडिया पेज वृंदावन रस महिमा पर साझा की गई पोस्ट में यह स्पष्ट किया गया है कि— “आप सभी को सूचित किया जाता है कि पूज्य महाराज जी के स्वास्थ्य और बढ़ती हुई भीड़ को ध्यान में रखते हुए, रात्रि 2:00 बजे निकलने वाली यात्रा को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है।”

इस सूचना ने श्रद्धालुओं को चिंतित कर दिया है, क्योंकि यह पदयात्रा भक्तों के लिए एक दिव्य अवसर था, जब वे महाराज जी के सान्निध्य में कुछ क्षण व्यतीत कर सकते थे और उनके आशीर्वाद का लाभ उठा सकते थे। (premanand ji maharaj)

यात्रा बंद होने के पीछे के प्रमुख कारण

हालांकि, यात्रा बंद होने का मुख्य कारण महाराज जी का स्वास्थ्य बताया जा रहा है, लेकिन इसके पीछे एक और महत्वपूर्ण कारण विरोध प्रदर्शन भी माना जा रहा है।

कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, हाल ही में उनकी पदयात्रा को लेकर कुछ विवाद खड़े हो गए थे, जिसके चलते सुरक्षा कारणों से इस यात्रा को रोकने का निर्णय लिया गया। (premanand ji maharaj)

बढ़ती हुई भीड़ और अव्यवस्था के कारण भी प्रशासन पर दबाव बढ़ रहा था। हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति से सुरक्षा प्रबंधन में कठिनाइयाँ उत्पन्न हो रही थीं।

ऐसे में, स्थानीय प्रशासन और महाराज जी के अनुयायियों के बीच कई बार चर्चा हुई और अंततः यह निर्णय लिया गया कि यात्रा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया जाए।

प्रेमानंद महाराज के स्वास्थ्य की कामना (premanand ji maharaj)

इस निर्णय के बाद, महाराज जी के दर्शन की आस लगाए श्रद्धालु गहरे दुःख में हैं। रोज़ रात उनकी झलक पाने के लिए जो भक्त वृंदावन की गलियों में घंटों खड़े रहते थे, वे अब इस आध्यात्मिक अनुभव से वंचित रह जाएंगे।

श्रद्धालु अब प्रेमानंद महाराज के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं और इस बात की आशा जता रहे हैं कि जल्द ही यह यात्रा दोबारा शुरू होगी। (premanand ji maharaj)

हालांकि, यात्रा बंद होने से भक्तों की श्रद्धा में कोई कमी नहीं आई है। लोग अब भी प्रेमानंद महाराज की शिक्षाओं का अनुसरण कर रहे हैं और उनकी प्रेरणा से श्रीकृष्ण भक्ति में लीन हैं।

भक्तों को उम्मीद है कि प्रेमानंद महाराज शीघ्र स्वस्थ होंगे और पुनः अपने अनुयायियों को दर्शन देने के लिए तैयार होंगे। वृंदावन की पवित्र भूमि पर उनकी उपस्थिति ही भक्तों के लिए एक अनमोल आशीर्वाद बनी हुई है।

स्थानीय लोगों ने किया था विरोध

वृंदावन में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं के बीच संपन्न होने वाली प्रेमानंद महाराज की प्रसिद्ध पदयात्रा अब अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई है।

हालांकि, पहले यह यात्रा महाराज जी के स्वास्थ्य कारणों से बंद होने की बात सामने आई थी, लेकिन अब यह स्पष्ट हो गया है कि इसके पीछे स्थानीय निवासियों का विरोध भी एक प्रमुख कारण था।

प्रेमानंद महाराज की यह पदयात्रा हर रात 2:00 बजे उनके निवास से आरंभ होकर आश्रम तक जाती थी। यात्रा के दौरान हजारों भक्तगण उनके साथ चलते थे, (premanand ji maharaj)

मार्ग में भजन-कीर्तन, ढोल-नगाड़े और शंखनाद की ध्वनि से वातावरण भक्तिमय हो जाता था। हालांकि, यह भक्तों के लिए एक आध्यात्मिक अनुभव था, लेकिन स्थानीय निवासियों के लिए यह परेशानी का कारण बन गया था।

पदयात्रा के शोर और भीड़ से बढ़ता विरोध

पदयात्रा के मार्ग में पड़ने वाले आवासीय क्षेत्रों, विशेष रूप से एनआरआई ग्रीन सोसाइटी के लोगों ने इस बात पर आपत्ति जताई कि रात के समय इतनी बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा होने से रास्ता अवरुद्ध हो जाता था। (premanand ji maharaj)

साथ ही, भजन-कीर्तन और ढोल-नगाड़ों की तेज आवाज से उन्हें काफी असुविधा होने लगी थी। स्थानीय निवासियों का कहना था कि इस शोरगुल के कारण उनकी दिनचर्या और नींद प्रभावित हो रही थी, जिससे वे मानसिक और शारीरिक रूप से थकान महसूस करने लगे थे।

विरोध इतना बढ़ गया कि एनआरआई ग्रीन सोसाइटी की महिलाओं ने हाथों में तख्तियां लेकर महाराज जी की पदयात्रा के खिलाफ प्रदर्शन किया और मांग की कि यह यात्रा बंद की जाए या इसे सीमित किया जाए।

प्रेमानंद महाराज ने दिया था आश्वासन (premanand ji maharaj)

स्थानीय लोगों के विरोध के बाद प्रेमानंद महाराज और उनके अनुयायियों ने उन लोगों से वार्ता की, जिन्होंने प्रदर्शन किया था। (premanand ji maharaj)

वार्तालाप के दौरान प्रेमानंद महाराज की ओर से यह आश्वासन दिया गया कि भक्तिमय वातावरण बनाए रखने के बावजूद इस पदयात्रा से होने वाली किसी भी प्रकार की असुविधा को दूर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि—

भजन-कीर्तन, ढोल-नगाड़े और अन्य संगीत वाद्ययंत्र बंद कर दिए जाएंगे।

पदयात्रा के दौरान अनुशासन और शांति बनाए रखी जाएगी, ताकि स्थानीय लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।

रास्तों को अवरुद्ध करने से बचने के लिए भक्तों को निर्देश दिए जाएंगे। (premanand ji maharaj)

हालांकि, विरोध प्रदर्शन और लगातार बढ़ते विवाद को देखते हुए प्रेमानंद महाराज के समूह ने यह निर्णय लिया कि इस पदयात्रा को फिलहाल अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया जाए।

भक्तों में निराशा, लेकिन समर्थन भी

महाराज जी की यात्रा बंद होने के बाद भक्तों में निराशा देखी जा रही है, क्योंकि यह उनके लिए एक आध्यात्मिक अनुभव था, जिससे वे प्रतिदिन जुड़ते थे। (premanand ji maharaj)

लेकिन कुछ अनुयायी इस निर्णय को सकारात्मक रूप से भी देख रहे हैं और मानते हैं कि अगर इससे स्थानीय लोगों को राहत मिलती है, तो यह उचित है।

अब, प्रेमानंद महाराज के भक्त यह प्रार्थना कर रहे हैं कि जल्द ही कोई समाधान निकले और यह यात्रा फिर से प्रारंभ हो, ताकि भक्तजन पुनः उनके सान्निध्य में आकर आध्यात्मिक शांति प्राप्त कर सकें। फिलहाल, महाराज जी और उनके अनुयायी इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए भविष्य की योजनाओं पर विचार कर रहे हैं।

Naya India

Naya India, A Hindi newspaper in India, was first printed on 16th May 2010. The beginning was independent – and produly continues to be- with no allegiance to any political party or corporate house. Started by Hari Shankar Vyas, a pioneering Journalist with more that 30 years experience, NAYA INDIA abides to the core principle of free and nonpartisan Journalism.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *