अमृतसर। श्री अकाल तख्त की ओर से सुनाई गई सजा भुगत रहे पंजाब के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर बुधवार को जानलेवा हमला हुआ। स्वर्ण मंदिर के सामने सुखबीर बादल के ऊपर एक खालिस्तानी आतंकवादी ने गोली चलाई। सुखबीर बादल श्री अकाल तख्त की ओर से सुनाई गई सजा के मुताबिक स्वर्ण मंदिर के गेट पर सेवादार बनकर बैठे थे। नौ साल पहले डेरा सच्चा सौदा के राम रहीम को माफी देने को लेकर सिखों की सर्वोच्च अदालत श्री अकाल तख्त ने उन्हें यह सजा दी है।
बहरहाल, वारदात के वक्त हमलावर ने जैसे ही उन पर गोली चलाई, उसी समय सादी वर्दी में तैनात उनके सुरक्षाकर्मियों ने उसका हाथ पकड़कर ऊपर उठा दिया। जिससे गोली स्वर्ण मंदिर की दीवार पर जा लगी। इससे सुखबीर बादल बाल बाल बच गए। इसके बाद हमलावर ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़ लिया। सुखबीर बादल को तुरंत सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। साथ ही स्वर्ण मंदिर के बाहर भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
सुखबीर बादल पर हमला करने वाला आरोपी गुरदासपुर के डेरा बाबा नानक का रहने वाला नारायण सिंह चौड़ा है। वह सिख संगठन दल खालसा का सदस्य है। वारदात के बाद पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत भुल्लर स्वर्ण मंदिर पहुंचे। उन्होंने बताया कि आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार चौड़ा ने बयान दिया कि सुखबीर बादल पर बेअदबी और डेरा मुखी राम रहीम को माफी दिलाने के आरोप थे। इसी से आहत होकर उसने ये कदम उठाया।
हमले के बाद इस पर राजनीति भी शुरू हो गई है। अकाली नेता डॉ. दलजीत चीमा ने कहा कि गुरदासपुर से कांग्रेस सांसद सुखजिंदर रंधावा का साथी मार्केट कमेटी का चेयरमैन है। गोली चलाने वाला व्यक्ति चेयरमैन के साथी का भाई है। दूसरी ओर राज्य में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी ने कहा है यह घटना राज्य सरकार को बदनाम करने की साजिश के तहत अंजाम दी गई है। बहरहाल, हमलावर के ऊपर 1984 में आतंकवाद के दौर में सक्रिय रहने और चंडीगढ़ बुड़ैल जेल तोड़ने जैसे आरोप रहे हैं। बुधवार को वह स्वर्ण मंदिर में माथा टेकने के बहाने आया।
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Image Source: ANI


