कोटा। राजस्थान में कोटा के राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय की एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग ब्रांच को नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रेडेशन (एनबीए) से मान्यता प्राप्त हुई।विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर एस के सिंह ने बताया कि एनबीए प्रत्यायन गुणवत्ता आश्वासन और सुधार की एक प्रक्रिया है, जिसके द्वारा एक अनुमोदित संस्थान में एक कार्यक्रम को यह सत्यापित करने के लिए बारीकी से मूल्यांकन किया जाता है कि उनका प्रोग्राम-ब्रांच समय-समय पर नियामक द्वारा निर्धारित मानदंडों और मानकों को पूरा करता है। यह एक प्रकार की ऐरोनोटिकल ब्रांच की अन्तराष्ट्रीय स्तर की मान्यता है जो इंगित करती है कि आरटीयू की ऐरोनोटिकल ब्रांच अन्तराष्ट्रीय मानकों को पूरा करता है।
प्रो एस के सिंह ने बताया कि एनबीए द्वारा इस मान्यता का उद्देश्य तकनीकी शिक्षा में उत्कृष्टता को बढ़ावा देना और पहचानना है। एनबीए मान्यता प्रक्रिया के माध्यम से प्रदान की गई गुणवत्ता के बाहरी सत्यापन से संस्थानों, छात्रों, नियोक्ताओं और बड़े पैमाने पर सभी स्टेक होल्ड़ेर्स को लाभ होता है। तकनीकी शिक्षा में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए एनबीए के विकासात्मक दृष्टिकोण द्वारा प्रोत्साहित किए जाने वाले निरंतर गुणवत्ता सुधार की प्रक्रिया से भी उन्हें लाभ होता है। एनबीए प्रत्यायन से आरटीयू की एरोनोटिकल ब्रांच में शिक्षा के मानकों और गुणवत्ता की निगरानी, आकलन और मूल्यांकन तीन दिन 20-22 जनवरी को किया गया और यह ब्रांच निरीक्षण टीम के सभी पेरामीटरर्स पर खरी उतरी है।
श्री सिंह ने बताया कि एरोनोटिकल ब्रांच को एनबीए की मान्यता होने से इसे विश्व स्तर की श्रेणी में लाने का एक अवसर है। इसकी मान्यता मिलने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इंजीनियरिंग स्नातकों और पेशेवरों की गतिशीलता को प्रोत्साहित और सुविधा प्रदान करता है। कुलपति महोदय ने बताया कि रोजगार प्राप्त करने के साथ ही उच्च अभियांत्रिकी महाविद्यालय एवं विद्यापीठों में उच्च शिक्षा के लिए भी छात्रों को प्रवेश मिलने में लाभ होगा। (वार्ता)
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