राजस्थान की सोलहवीं विधानसभा के छठे एवं मानसून सत्र के दूसरे दिन सदन में विपक्ष कांग्रेस के सदस्यों ने नारेबाजी कर जोरदार हंगामा किया, जिससे सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी और बाद में अनुपूरक अनुदान की मांगें और कुछ विधेयक सदन में पेश होने के बाद सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गयी।
दो बार स्थगित करने के बाद अपराह्न एक बजे सदन की कार्यवाही फिर शुरु हुई, लेकिन विपक्ष का हंगामा जारी रहा और हंगामे के बीच ही समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक, 2026 सदन में पेश किया गया। बाद में विपक्ष के सदस्यों ने सदन की कार्यवाही का बहिष्कार कर गये। इसके बाद सदन की कार्यवाही थोड़ी देर और चली और बाद में विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सदन की कार्यवाही एक बजकर 44 मिनट पर अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी। दूसरे दिन सदन की कार्यवाही एक घंटा सात मिनट चली।
इससे पहले पूर्वाह्न 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने के साथ ही सदन की कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने गुरुवार को कांग्रेस सदस्यों को विधानसभा के द्वार संख्या छह से प्रवेश नहीं देने का मुद्दा उठाया और इस पर आपत्ति जतायी। इस दौरान कांग्रेस सदस्य खड़े हो गये और सदन के बीचोंबीच में आ गये और नारेबाजी करने लगे जिससे भारी हंगामा हुआ। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने हंगामा कर रहे सदस्यों को अपनी सीटों पर जाने की अपील की और कहा कि सदन को चलने दिया जाये लेकिन इसका सदस्यों पर कोई असर नहीं हुआ और हंगामा जारी रहा। अध्यक्ष ने प्रश्नकाल के बीच मुद्दा उठाने की अनुमति नहीं दी और 11.05 बजे सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी। प्रश्नकाल में सदन की कार्यवाही केवल पांच मिनट ही चल पायी।
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इसके बाद 12 बजे शून्यकाल में सदन की कार्यवाही फिर शुरू हुई लेकिन कांग्रेस सदस्यों का हंगामा जारी रहा और उनकी सदन के बीचोंबीच नारेबाजी जारी रही। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने हंगामा कर रहे विधायकों से अपने सीटों पर बैठने का आग्रह किया लेकिन उनका हंगामा जारी रहा। इसके बाद 12 बजकर 18 मिनट सदन की कार्यवाही एक बजे तक के लिए फिर स्थगित कर दी गयी। एक बजे सदन की कार्यवाही फिर शुरू हुई लेकिन विपक्ष कांग्रेस सदस्यों का हंगामा जारी रहा और बाद में एक बजकर 21 मिनट पर कांग्रेस सदस्य सदन की कार्यवाही का बहिष्कार कर गये। इससे पहले श्री जूली ने कहा कि हमें सदन में जनता के मुद्दे उठाने की अनुमति नहीं मिल रही हैं। अध्यक्ष ने कांग्रेस विधायकों से कहा कि पहले वित्त से संबंधी अनुदान की मांगों को पारित होने दीजिए। श्री जूली ने कहा कि सरकार अपना बिजनेस पूरा करना चाहती है, लेकिन जनता के मुद्दों का क्या होगा। इसके बाद उन्होंने सदन की कार्यवाही से बहिष्कार करके जाने की घोषणा की।
इस दौरान संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि कांग्रेस में आपसी खींचतान इस कदर हावी है कि नेता प्रतिपक्ष को क्रेडिट नहीं मिल जाये, इसलिए जानबूझकर हंगामा किया गया। कल भी इन्होंने गलत धरना दिया गया। मीडिया के सामने गलत बयानबाजी की गई और विधानसभा से भागने का काम किया है। सदन में प्रश्नकाल से लेकर किसी मुद्दे पर नहीं बोले। राजस्थान की जनता सब देख रही है।
कांग्रेस सदस्यों के सदन का बहिष्कार करने के बाद करीब 23 मिनट सदन की कार्यवाही और चली और विधानसभा में अनुपूरक अनुदान की मांगें और कुछ विधेयक सदन में पेश होने के बाद सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गयी।
Pic Credit : ANI
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