केंद्र सरकार ने अनुसूचित जाति (एससी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) छात्रों के छात्रवृत्ति आवेदन प्रक्रिया को ज्यादा आसान बना दिया है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के तहत सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए डोमिसाइल (निवास) प्रमाण पत्र जमा करने की अनिवार्यता समाप्त कर दी है।
इस फैसले से छात्रों पर दस्तावेजों का बोझ कम होगा और छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करना पहले की तुलना में अधिक सरल हो जाएगा। खास तौर पर उन हजारों छात्रों को इसका लाभ मिलेगा जो अपने गृह राज्य के बाहर स्थित शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ाई कर रहे हैं।
सरकार के अनुसार, एससी और ओबीसी वर्ग के लिए संचालित प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत हर वर्ष लगभग 1.2 करोड़ छात्रों को लाभ मिलता है। डोमिसाइल प्रमाण पत्र की अनिवार्यता हटने से आवेदन प्रक्रिया अधिक छात्र-अनुकूल बनेगी, दस्तावेजी औपचारिकताएं घटेंगी और छात्रों का समय और खर्च दोनों बचेंगे।
डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने के लिए विभाग ने उमंग प्लेटफॉर्म पर एसईटीयू (शैक्षिक बदलाव और उत्थान के लिए स्कॉलरशिप) भी शुरू किया है। यह छात्रवृत्ति से जुड़ी सभी सेवाओं के लिए एक व्यापक डिजिटल प्लेटफॉर्म है।
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इस प्लेटफॉर्म के जरिए पात्र छात्र, संस्थागत नोडल अधिकारी, जिला नोडल अधिकारी और राज्य स्तरीय अधिकारी एक ही जगह पर आवेदन पंजीकरण, आवेदन की निगरानी, सत्यापन और अन्य सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। इससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी।
मंत्रालय ने कहा कि ये पहल सरकार के उस व्यापक लक्ष्य का हिस्सा हैं, जिसके तहत समावेशी विकास को बढ़ावा देना, अनावश्यक प्रक्रियागत बाधाओं को कम करना और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना शामिल है।
विभाग ने यह भी दोहराया कि वह तकनीक आधारित सुधारों के माध्यम से अधिक से अधिक छात्रों तक पहुंच बनाने और उन्हें समय पर सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
वित्त वर्ष 2025-26 में अनुसूचित जाति वर्ग के 75 लाख से अधिक लाभार्थियों को 7,981.47 करोड़ रुपए की सहायता राशि वितरित की गई थी। छात्रवृत्ति योजनाओं पर खर्च में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत 21 प्रतिशत, पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत 11.23 प्रतिशत और टॉप क्लास एजुकेशन छात्रवृत्ति योजना के तहत 13.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
Pic Credit : ANI
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