बेंगलुरु। कर्नाटक में शक्ति योजना (Shakti Scheme) इन दिनों चर्चा में है। इस पर परिवहन मंत्री रामालिंगा रेड्डी और सीएम सिद्धारमैया की प्रतिक्रिया सामने आई है। कर्नाटक के परिवहन मंत्री रामालिंगा रेड्डी ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार की शक्ति योजना को समाप्त करने का कोई सवाल नहीं है। उन्होंने कहा कि शक्ति योजना अगले साढ़े तीन वर्षों तक और उसके बाद पांच वर्षों तक जारी रहेगी। हम सत्ता में हैं, इसलिए अगले साढ़े आठ वर्षों तक यह योजना राज्य में जारी रहेगी। हम इस योजना को रद्द करने या समीक्षा करने नहीं जा रहे हैं। महिलाएं इस योजना का उपयोग करके खुश हैं। उन्होंने भाजपा पर झूठी खबरें फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि डीसीएम को कुछ ईमेल प्राप्त हुए हैं। कृपया उनसे उनके बयान के लिए पूछें। बीएमडब्ल्यू और बेंज कारों में यात्रा करने वाले लोग ऐसे बयान दे रहे हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया (Siddaramaiah) ने भी शक्ति योजना पर अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने सुझाव दिया है कि हम शक्ति योजना को रद्द कर सकते हैं, लेकिन ऐसी कोई प्रस्ताव नहीं है।
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मैं इस मामले पर डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) से चर्चा करूंगा। इसके अलावा, सिद्धारमैया ने वक्फ विवाद पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान भी नोटिस जारी किए गए थे। जब मैंने पहले ही सूचित कर दिया है कि हम इसे वापस लेंगे, तो समस्या क्या है? राजनीति में दोहरे मानदंड क्यों अपनाए जा रहे हैं? वह सभी चुनावों के लिए ऐसा कर रहे हैं। भाजपा केवल राजनीतिक लाभ के लिए यहां है, असली मुद्दे तो कहीं नहीं हैं। आगामी चुनाव प्रचार के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि मैं 4 से 11 तारीख तक प्रचार करूंगा। हम सभी सीटों पर जीतेंगे। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) ने कर्नाटक गारंटी मॉडल को पूरे देश के लिए एक उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा और अन्य पार्टियां भी इसे अपना रही हैं। हम इसे लागू करने पर गर्व महसूस करते हैं।
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