लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने मिल्कीपुर विधानसभा सीट का उपचुनाव जीत कर फैजाबाद की लोकसभा सीट की हार का बदला ले लिया है। भाजपा और समाजवादी पार्टी दोनों के लिए प्रतिष्ठा की सीट बनी मिल्कीपुर पर भाजपा ने अब तक की सबसे बड़ी जीत हासिल की है। भाजपा के चंद्रभानू पासवान ने समाजवादी पार्टी के अजीत प्रसाद को 61 हजार से ज्यादा मतों से हराया। यह सीट अवधेश प्रसाद के सांसद बन जाने से खाली हुई थी। गौरतलब है कि अवधेश प्रसाद ने फैजाबाद लोकसभा सीट पर भाजपा के लल्लू सिंह को हराया था। फैजाबाद सीट के तहत ही अयोध्या का क्षेत्र आता है, जहां इस साल चुनाव से ठीक पहले भव्य राममंदिर का उद्घाटन हुआ था।
बहरहाल, आठ साल बाद भाजपा ने सपा से मिल्कीपुर विधानसभा छीनी है। उपचुनाव में भाजपा के चंद्रभानु पासवान को एक लाख 46 हजार 291 और अजीत प्रसाद को 84,655 वोट मिले। बाकी सभी आठ प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई। फैजाबाद सांसद के बेटे होने के बावजूद अजीत प्रसाद अपने ही बूथ पर हार गए। लोकसभा चुनाव में मिल्कीपुर विधानसभा में भाजपा को सपा से सात हजार वोट कम मिले थे। आठ महीने में ही भाजपा ने बाजी पलट दी।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मिल्कीपुर विधानसभा चुनाव के नतीजे पर कहा, ‘ये भाजपा की झूठी जीत है। जिसका जश्न भाजपाई आंखों में आंखें डालकर नहीं मना पाएंगे। जिन अफसरों ने घपलेबाजी की, वो सजा पाएंगे। न कुदरत उन्हें बख्शेगी, न कानून’। फैजाबाद के सांसद अवधेश प्रसाद और उनके बेटे अजीत प्रसाद शनिवार को नतीजे के दिन घर से नहीं निकले। घर पर ही एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में अवधेश प्रसाद ने कहा, ‘भाजपा ने बेईमानी का रिकॉर्ड तोड़ दिया। उनके गुंडों ने बूथ कैप्चरिंग की’। गौरतलब है कि पांच फरवरी को वोटिंग के बाद भी सपा ने मिल्कीपुर में जोर जबरदस्ती और धांधली का आरोप लगाया था।
Leave a comment
You must be logged in to post a comment.
Image Source: ANI


