कोलकाता। आरजी कर मेडिकल कॉलेज व अस्पताल की जूनियर डॉक्टर के साथ हुई बलात्कार और हत्या की घटना के खिलाफ कोलकाता में मंगलवार को बड़ा प्रदर्शन हुआ। हजारों की संख्या में छात्रों ने इस प्रदर्शन में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफे की मांग करते हुए हजारों छात्र सड़कों पर उतरे और मुख्यालय सचिवालय नबन्ना की ओर प्रस्थान किया। छात्रों ने इस प्रदर्शन को ‘नबन्ना अभियान’ नाम दिया था। छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कई जगह रास्ते बंद थे, जिसकी वजह से छात्र हिंसक हो गए और पुलिस को लाठी चलानी पड़ी। छात्रों पर लाठी चलाए जाने के खिलाफ भाजपा ने बुधवार को भारत बंद का ऐलान किया।
छात्रों के इसे ‘नबन्ना अभियान’ को रोकने के लिए सरकार ने छह हजार पुलिस जवान तैनात किए थे। पुलिस ने हावड़ा ब्रिज को सील कर दिया था। रैली दोपहर करीब एक बजे शुरू हुई, लेकिन नबन्ना तक नहीं पहुंच सकी। पुलिस ने रास्ते में बैरिकेडिंग कर रखी थी। कई रास्तों को बंद किया हुआ था। ड्रोन से भी निगरानी की जा रही थी। छात्रों ने हावड़ा से लगे संतरागाछी में बैरिकेडिंग तोड़ दी। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया। भीड़ को तितर बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और पानी की बौछार की। कई छात्रों को हिरासत में लिया गया।
प्रदर्शन कर रहे छात्र ‘नबन्ना अभियान’ के तहत कॉलेज चौराहे से नबन्ना तक जाना चाहते थे। तभी कोलकाता के हावड़ा ब्रिज, हेस्टिंग्स और नबन्ना प्रदर्शन का केंद्र रहे। बहरहाल, छात्रों पर लाठी चार्ज और उनको हिरासत में लेने के खिलाफ भाजपा ने बुधवार को 12 घंटे का बंगाल बंद बुलाया है। इस पर भी टकराव होने की संभावना है क्योंकि ममता सरकार ने कह दिया है कि बुधवार को बंद नहीं रहेगा। सरकारी कर्मचारियों को ऑफिस पहुंचने को कहा गया है। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की सांसद सयानी घोष ने छात्रों के विरोध प्रदर्शन को गुंडागर्दी करार दिया। उन्होंने कहा- ये बिल्कुल गुंडों जैसा है। इसमें मुश्किल से ही कोई महिला नजर आ रही है।
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