कोलकाता। पश्चिम बंगाल मंत्रिमंडल में चरणबद्ध फेरबदल अगले साल की शुरुआत से शुरू होने की संभावना है और यह प्रक्रिया अगले दो से तीन महीनों में पूरी होने की उम्मीद है।
तृणमूल कांग्रेस के सूत्रों की मानें तो प्रस्तावित फेरबदल मुख्य रूप से उन विभागों पर केंद्रित होगा जो सीधे तौर पर सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े हैं। मुख्यमंत्री विधानसभा चुनाव 2026 को ध्यान में रखते हुए इन विभागों के काम को बेहतर बनाना चाहती हैं।
इस फेरबदल के कुछ पहलू हो सकते हैं। पहला यह कि कुछ महत्वपूर्ण विभाग, जो सीधे तौर पर सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े हैं, उनका प्रबंधन कुछ मंत्रियों द्वारा किया जा रहा है, जो अन्य विभागों के भी प्रभारी हैं।
पार्टी के एक अंदरूनी सूत्र ने बताया कि मुख्यमंत्री उन महत्वपूर्ण विभागों के लिए एक-एक मंत्री को समर्पित करने पर विचार कर रही हैं, ताकि वहां कामकाज में सुधार हो सके। उन्होंने कहा ऐसी स्थिति में, कैबिनेट में नए चेहरों को शामिल किए जाने की काफी संभावना है।
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फेरबदल का दूसरा हिस्सा कुछ मौजूदा मंत्रियों के विभागों को आवश्यकताओं के अनुसार बदलना होगा। उस स्थिति में भी, पार्टी सूत्रों ने कहा कि कुछ मौजूदा मंत्रियों के मंत्रालय चले जाएंगे और उनकी जगह नए चेहरे आ सकते हैं।
सूत्रों ने बताया कि तीसरा हिस्सा कुछ मौजूदा राज्य मंत्रियों (स्वतंत्र) को कैबिनेट मंत्री के रूप में पदोन्नत करना होगा।
पार्टी के एक अंदरूनी सूत्र ने बताया राज्य मंत्रिमंडल में फेरबदल पर चर्चा इस साल अगस्त में शुरू हुई थी। अगर सब कुछ सही दिशा में चला तो अगले साल की शुरुआत से ही यह प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
हाल ही में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए थे, जिसमें पार्टी के मामलों, विधायी मामलों और प्रशासनिक मामलों को संभालने वाले व्यक्तियों की पहचान की गई थी।
मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट कर दिया था कि इन तीनों क्षेत्रों में “पुराने लोगों” को “नए लोगों” से ज्यादा प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस की युवा और छात्र शाखा के मौजूदा नेतृत्व के कामकाज की समीक्षा करने का भी संकेत दिया था।
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