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  • एक थीं ममता और एक हैं राहुल

    राहुल गांधी के फ़राख़-दिल मिज़ाज की बलैयां लेने का मन कर रहा है। पश्चिम बंगाल के चुनाव में राहुल कह रहे थे कि ममता बनर्जी के पिछले पांच बरस का राजकाज एकदम चैपट था, क़ानून-व्यवस्था चरम बदहाली का शिखर छू रही थी और उन्हीं की वज़ह से भारतीय जनता पार्टी को राज्य में अपनी जड़ें इतनी गहराई तक जमाने का मौक़ा मिला। मगर जैसे ही तृणमूल कांग्रेस चारों खाने चित्त हुई और ममता ख़ुद भी अपना चुनाव हार गईं तो राहुल पूरे दमखम से यह कहते हुए उन की हिमायत में उतर आए कि बंगाल के नतीजे निर्वाचन आयोग के...

  • ममता ने भरोसा पहले गंवाया!

    भारत के कोई सत्तारूढ़ पार्टी चुनाव इसलिए नहीं हारती कि कोई विकल्प आ खड़ा हुआ है। उसका पतन तब होता है, जब विश्वास खत्म हो जाता है। और लगभग चुपचाप विकल्प शक्ल पा जाता है। यही आज के चुनाव नतीजों का लबोलुआब है। सत्ता बहसबाजी से नहीं, भरोसे के खिसकने से हारती है। राजनीति चालबाज हो सकती है। नेता उससे भी ज्यादा चालाक होते हैं। लेकिन एक क्षण ऐसा आता है जब जनता दोनों को असहज कर देती है। वह न बहस करती है, न अपने इरादे की घोषणा करती है। वह बस अपना विश्वास खींच लेती है। और जैसे...

  • बंगाल में कैसे जीती भाजपा?

    पश्चिम बंगाल की भौगोलिक और जनसंख्या संरचना को देख कर बहुत से राजनीतिक विश्लेषक और नेता भी यह मानते थे कि भारतीय जनता पार्टी को बहुत पहले पश्चिम बंगाल में चुनाव जीत जाना चाहिए था। पश्चिम बंगाल की सीमा बांग्लादेश से मिलती है, जहां से घुसपैठ होने और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा होने का नैरेटिव बहुत दिनों से बनता रहा है। घुसपैठ के कारण और ऐतिहासिक रूप से मुस्लिम बहुलता की वजह से राज्य की जनसंख्या संरचना भाजपा के हिंदुत्व के नैरेटिव को सपोर्ट करती थी। इसके बावजूद भाजपा चुनाव नहीं जीत पाती थी। पिछले चुनाव में राष्ट्रवाद,...

  • पश्चिम बंगाल भी केसरिया रंग में

    सम्मिलित निष्कर्ष है कि बंगाल में भारतीय जनता पार्टी का प्रदर्शन बहुत अच्छा रहा है और बंगाल के मतदाताओं ने परिवर्तन के लिए मतदान किया है। आजादी के बाद पहली बार पश्चिम बंगाल में हिंदुत्व की सोच वाली सरकार बनने की वास्तविक संभावनाएं सामने हैं। साथ ही 50 साल के बाद पहली बार केंद्र की विरोधी नहीं, बल्कि केंद्र के साथ समन्वय वाली सरकार बंगाल में बनती दिखाई दे रही है। पश्चिम बंगाल विधानसभा का मतदान संपन्न होने के बाद आए एक्जिट पोल के आंकड़े भारतीय जनता पार्टी के चुनाव जीतने का अनुमान जाहिर कर रहे हैं। एक्जिट पोल के...

  • तृणमूल ने भी इसी अंदाज में जवाब दिया

    ऐसा नहीं है कि भारतीय जनता पार्टी और राइट विंग सोशल मीडिया हैंडल्स से फैलाई जा रही अफवाहों पर ममता बनर्जी की पार्टी ने चुप्पी साध ली। ममता की पार्टी ने भी उसी अंदाज में जवाब दिया। उसने अलग तरह से अफवाहें फैलाईं। पहले तो ममता की पार्टी के आईटी सेल से जुड़े एक व्यक्ति ने पोस्ट करके कहा कि भाजपा के 12 में से आठ सांसद ममता बनर्जी के संपर्क में हैं और चुनाव नतीजों के बाद पाला बदल कर तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो जाएंगे। इसके बाद सोशल मीडिया पोस्ट का सिलसिला शुरू हो गया। पुरानी तस्वीरें साझा...

  • बदलाव की बयार आंधी में बदलेगी!

    मतदान के इतने भारी भरकम आंकड़े का जो पहला मैसेज लोगों तक पहुंचा वह ये है कि लोग बदलाव चाहते हैं और परिवर्तन के लिए इतनी बड़ी संख्या में निकल कर वोट कर रहे हैं। दूसरा मैसेज यह है कि चुनाव आयोग की ओर से कराई गई एसआईआर के कारण फर्जी मतदाताओं के नाम कट गए हैं और अभी जो वोट डाल रहे हैं वो वास्तविक लोग हैं। पश्चिम बंगाल में बदलाव की बयार चल रही है। पहले चरण के मतदान में इसके बहुत स्पष्ट संकेत दिखे हें। अब अगर यह बयार आंधी में बदलती है तो अभूतपूर्व नतीजे आएंगे।...

  • ओह, बंगाल! सभी टूट पड़े

    स्वतंत्र भारत में ऐसा कभी नहीं हुआ। एक प्रदेश, एक मुख्यमंत्री और पूरी भारत सरकार, केंद्र की सभी संस्थाएं, राष्ट्रीय मीडिया सभी एक सुर में बंगाल, बंगाल का वह भौकाल बनाते हुए मानो विधानसभा चुनाव न हो, पानीपत की लड़ाई हो! भारत का प्रधानमंत्री, गृह मंत्री बंगाल पर टूट पड़ा, तो चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट मतदाताओं के दिल-दिमाग को झिंझोड़ते हुए। देश की संसद भी तड़का मारते हुए। राष्ट्रपति की भी कथा थी कि देखो, उनके साथ बंगाल में क्या होता है! सरकारी प्रोपेगेंडा, राष्ट्रीय मीडिया रत्ती भर पीछे नहीं! निशाने में कौन? एक बेचारी ममता बनर्जी और बेचारा...

  • बंगाल में सबकी पोल खुली

    पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर असमंजस के बादल छंट गए हैं। लेकिन चुनाव की तैयारी के क्रम में कई संस्थाओं की पोल खुली है। चुनाव आयोग एक्सपोज हुआ है, जिसने बाकी राज्यों के मुकाबले पश्चिम बंगाल में अलग तरह से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर का काम कराया और बाद में सीधे तृणमूल कांग्रेस का नाम लेकर सोशल मीडिया में पोस्ट की और हर किस्म की चुनावी गड़बड़ी के लिए सिर्फ एक पार्टी को दोषी ठहराया। सुप्रीम कोर्ट भी कहीं न कहीं कठघरे में है क्योंकि उसकी देख रेख में एसआईआर का काम हुआ और...

  • टीएमसी, भाजपा कार्यकर्ताओं में झड़प

    कोलकाता। मतदाता सूची में गड़बड़ी को लेकर पश्चिम बंगाल में विवाद चल रहा है। इस विवाद के बीच चुनाव आयोग के कार्यालय के सामने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और राज्य की मुख्य विपक्षी भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान दोनों में झड़प भी हुई। बताया गया है कि तृणमूल कांग्रेस के बूथ लेवल अधिकारी यानी बीएलओ का एक समूह मतदाता सूची में गड़बड़ी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहा था। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा बलों पर पथराव किया। इससे वहां खड़े वाहनों को भी नुकसान पहुंचा। बाद में भाजपा के कार्यकर्ता भी वहां पहुंच गए और प्रदर्शन...

  • कांग्रेस को तृणमूल और एनपीपी की चुनौती

    कांग्रेस पार्टी को कई राज्यों में भारतीय जनता पार्टी के साथ साथ ऐसी पार्टियों से भी लड़ना पड़ता है तो भाजपा की विरोधी हैं या उससे दूरी बनाने की राजनीति करती हैं। ऐसी पार्टियों में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस और अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी मुख्य है। ये पार्टियां कई राज्यों के चुनावों में सिर्फ कांग्रेस पार्टी का नुकसान करने के लिए लड़ती हैं। अभी जिन राज्यों में चुनाव हो रहे हैं उनमें पश्चिम बंगाल में तो खैर तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधा मुकाबला है लेकिन असम में भाजपा और कांग्रेस आमने सामने लड़ रहे हैं।...

  • बंगाल चुनाव: टीएमसी ने सभी सीटों पर उतारे उम्मीदवार

    पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी भवानीपुर से विधानसभा चुनाव लड़ेंगी। ममता बनर्जी ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस के दौरान विधानसभा चुनाव के लिए सभी 294 प्रत्याशियों की लिस्ट जारी कर दी।  टीएमसी द्वारा जारी इस लिस्ट में ममता बनर्जी समेत पश्चिम बंगाल के कई दिग्गज टीएमसी नेताओं के नाम शामिल हैं, जिन्हें उम्मीदवार बनाया गया है। बता दें कि सीएम ममता बनर्जी भवानीपुर विधानसभा सीट से भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरेंगी। वहीं, हाल ही में टीएमसी में शामिल हुए पवित्र कर को नंदीग्राम से टिकट दिया गया है, जहां...

  • यूडीएफ में टीएमसी को जगह देने का मतलब

    राजनीति में कुछ भी उलटबांसी संभव है। कांग्रेस पार्टी इस समय भाजपा और एनडीए की पार्टियों के अलावा जिन पार्टियों की ओर से सबसे ज्यादा विरोध झेल ही है उनमें टॉप पर ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस है। पश्चिम बंगाल में कांग्रेस को तृणमूल से भी लड़ना है। लेकिन उसी तृणमूल कांग्रसे के साथ उसने केरल में समझौता कर लिया है। केरल में कांग्रेस ने ममता बनर्जी की पार्टी को यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट यानी यूडीएफ के सहायक दल के रुप में साथ जोड़ा है। कहा जा रहा है कि लेफ्ट के साथ रहे और दो बार से निर्दलीय विधायक का...

  • पश्चिम बंगाल में एसआईआर पर घमासान, टीएमसी सांसदों का प्रतिनिधिमंडल पहुंचा चुनाव आयोग

    तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल में जारी एसआईआर प्रक्रिया के विरोध में चुनाव आयोग का रुख किया। टीएमसी के 10 सांसदों का प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंचा और इस प्रक्रिया पर आपत्ति जताई।   टीम की अगुवाई राज्यसभा में तृणमूल संसदीय दल के नेता डेरेक ओ’ ब्रायन ने की। उनके साथ लोकसभा में डिप्टी लीडर शताब्दी रॉय, कल्याण बनर्जी, महुआ मोइत्रा, प्रतिमा मंडल, सजदा अहमद, डोला सेन, ममता ठाकुर, साकेत गोखले और प्रकाश चिक बराइक भी मौजूद थे। प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग को एक लिखित शिकायत सौंपी। उनका आरोप है कि बंगाल में एसआईआर के...

  • शत्रुघ्न सिन्हा आगे क्या करेंगे?

    पश्चिम बंगाल की आसनसोल सीट से तृणमूल कांग्रेस के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने एक सीट छोड़ कर बिहार की किसी सीट पर प्रचार नहीं किया। एक सीट पर भी उन्होंने पार्टी से ज्यादा उम्मीदवार का प्रचार किया। उन्होंने पटना की कुम्हरार सीट के उम्मीदवार केसी सिन्हा को वोट देने की अपील की थी। गौरतलब है कि केसी सिन्हा शिक्षक रहे हैं और उनकी गणित की किताबें बिहार में कई पीढ़ियों ने पढ़ा है। वे कायस्थ जाति से आते हैं। तीसरी बात यह है कि वे जन सुराज पार्टी से चुनाव लड़ रहे थे। ध्यान रहे जन सुराज के संस्थापक प्रशांत...

  • बंगाल विधानसभा में जम कर हंगामा

    कोलकाता। देश के अलग अलग हिस्सों में रह रहे बंगाली प्रवासियों पर अत्याचार और वोट चोरी के कथित आरोपों को लेकर पश्चिम बंगाल विधानसभा में गुरुवार को जम कर हंगामा हुआ। विधानसभा में हंगामा इतना बढ़ गया है कि भाजपा के मुख्य सचेतक शंकर घोष को सदन से निलंबित किए जाने के बाद उनको मार्शल के जरिए सदन से बाहर निकलवाया गया। सदन की कार्यवाही के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने खुद ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ के नारे लगाए। असल में गुरुवार को विधानसभा में बंगाली प्रवासियों पर हो रहे अत्याचारों पर चर्चा चलर ही थी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी...

  • लेफ्ट को अयप्पा और टीएमसी को मां दुर्गा का सहारा

    राजनीति में कमाल की उलटबांसियां देखने को मिलती हैं। ईश्वर को नहीं मानने वाली कम्युनिस्ट पार्टियां इन दिनों लॉर्ड अय़प्पा के भक्तों के स्वागत की तैयारी में लगी हैं। ध्यान रहे सुप्रीम कोर्ट ने कुछ साल पहले जब यह आदेश दिया था कि युवा महिलाओं को सबरीमाला में भगवान अय़प्पा के मंदिर में जाने से रोकने की प्रथा असंवैधानिक है, तब कम्युनिस्ट पार्टियों ने इस फैसले का जम कर स्वागत किया था। हालांकि इसके लिए उनको लोगों की नाराजगी झेलनी पड़ी थी। लेकिन अब केरल की कम्युनिस्ट सरकार भगवान अयप्पा के भक्तों के एक वैश्विक सम्मेलन की मेजबानी की तैयारी...

  • जेपीसी में शामिल होने पर तृणमूल को ऐतराज

    गिरफ्तारी और 30 दिन की हिरासत पर मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और प्रधानमंत्री को पद से हटाए जाने के प्रावधान वाले बिल को लेकर शुरू हुआ विवाद थम नहीं रहा है। लोकसभा में जिस समय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने यह बिल पेश किया उस समय विपक्ष ने बड़ा हंगामा किया। विपक्ष के सांसदों ने बिल की कॉपी फाड़ी और उसके गोले बना कर अमित शाह की ओर उछाले। उन्होंने इस पर कोई चर्चा नहीं होने दी। बिना चर्चा को बिल को संयुक्त संसदीय समिति यानी जेपीसी में भेजा गया। अब जेपीसी के गठन का विवाद अलग शुरू हो गया है।...

  • प्रवासियों को वापस लाना चाहती हैं ममता

    अगले साल पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले ममता बनर्जी बंगाली प्रवासियों को अपने राज्य वापस लाने का प्रयास कर रही हैं। यह उनकी बांग्ला अस्मिता की राजनीति का ही हिस्सा है। वे इस बार भी बांग्ला अस्मिता का कार्ड खेल रही हैं। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से देश के अलग अलग हिस्सों में रहने वाले बांग्ला प्रवासी मजदूरों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ा है। बांग्ला बोलने की वजह से उनको बांग्लादेशी बता कर कई राज्यों में हिरासत में लिया गया और ममता बनर्जी व उनकी पार्टी ने तो आरोप लगाया...

  • ममता की पार्टी के वरिष्ठ किनारे हो रहे हैं

    ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस में संक्रमण का समय चल रहा है। कांग्रेस छोड़ कर उनके साथ आए तमाम पुराने नेता एक एक करके रिटायर हो रहे हैं या किनारे किए जा रहे हैं। ममता के भतीजे और तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व में नए नेता कमान संभाल रहे हैं। अभिषेक को लोकसभा में पार्टी का नेता बना दिया गया है। वे लोकसभा में भाजपा, कांग्रेस व समाजवादी पार्टी के बाद चौथी सबसे बड़ी पार्टी के नेता बन गए हैं। अभी तक सुदीप बंदोपाध्याय यह जिम्मेदारी संभाल रहे थे। सेहत के हवाले उनको पद से हटा...

  • बांग्ला बोलने वालों पर अत्याचार!

    कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि भाजपा शासित राज्यों में बांग्ला बोलने वालों पर अत्याचार किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि भाजपा शासित राज्यों में बंगाल के लोगों को उनके कौशल की वजह से बुलाया जा रहा है और वहां उनको हिरासत में लेकर यातना शिविरों में भेजा जा रहा है। ममता ने कहा कि वे इसके खिलाफ आवाज उठाएंगी, इसे बरदाश्त नहीं किया जाएगा। तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने बुधवार को कोलकाता में मार्च निकाला, जिसमें भतीजे...

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