कोलकाता। मतदाता सूची में गड़बड़ी को लेकर पश्चिम बंगाल में विवाद चल रहा है। इस विवाद के बीच चुनाव आयोग के कार्यालय के सामने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और राज्य की मुख्य विपक्षी भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान दोनों में झड़प भी हुई। बताया गया है कि तृणमूल कांग्रेस के बूथ लेवल अधिकारी यानी बीएलओ का एक समूह मतदाता सूची में गड़बड़ी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहा था। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा बलों पर पथराव किया। इससे वहां खड़े वाहनों को भी नुकसान पहुंचा।
बाद में भाजपा के कार्यकर्ता भी वहां पहुंच गए और प्रदर्शन करने लगे। इसके बाद तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की पुलिस और भाजपा कार्यकर्ताओं दोनों से झड़प हुई। पुलिस ने बताया कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए हल्का बल का प्रयोग किया गया। इस बीच बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी बिहार, उत्तर प्रदेश के अवैध मतदाताओं को बंगाल की मतदाता सूची में शामिल करने की कोशिश कर रही है।
ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा है, ‘भाजपा के एजेंटों को बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के ऑफिस में हजारों फर्जी फॉर्म छह आवेदन जमा करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया है। यह वोटर हाइजैकिंग की कोशिश है’। ममता के भतीजे और तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश और बिहार से अवैध रूप से वोटर बंगाल के विभिन्न जिलों में लाए जा रहे हैं। उन्होंनै दावा किया कि बिहार के आठ सौ मतदाताओं को मेदिनीपुर में जोड़ा गया है।


